
जयपुर: राजधानी के कई इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की हालत खराब है और प्रशासन की अनदेखी से लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कहीं कॉलोनियों को 27 साल बाद भी नियमित होने और पक्की सड़कों का इंतजार है, तो कहीं सीवर लाइन नहीं होने और लीकेज के कारण घरों और रास्तों पर गंदा पानी जमा हो रहा है। शहर के कई हिस्सों में बदबूदार पानी की सप्लाई, जगह-जगह अतिक्रमण, पार्कों में पेड़ों की कटाई और सड़कों पर लगे गंदगी के ढेर से स्थानीय लोग परेशान हैं।
देशभर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी मुहिम 'एक पेड़ मां के नाम' को राजधानी में झटका लग रहा है। सिविल लाइन जोन में वार्ड 100 स्थित कांति कानन पार्क में हरियाली को उजाड़ने का सिलसिला चल रहा है। एक समय स्थानीय लोगों के साथ मिलकर इन पौधों को रोपा गया था। इनकी बच्चों की तरह देखरेख भी की थी और नियमित सींचा था। इनके बड़ा होने पर गर्मियों में छांव भी मिलने लगी थी। अब कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से इन हरे-भरे पेड़ों को जानबूझकर काटा जा रहा है। इसकी शिकायत नगर निगम और सिंधी कैंप थाना पुलिस को भी की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। - पंकज सक्सेना, पोलो विक्ट्री, हाथी बाबू का बाग
जनसहयोग से पार्क में सघन पौधरोपण किया गया। साथ ही पेड़-पौधों की नियमित देखभाल भी की गई, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा निजी स्वार्थ के लिए यहां लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। निगम के साथ ही संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे साथ ही पार्क का सौंदर्यीकरण कराया जाए।- शैलेंद्र, हाथी बाबू का बाग
जयपुर इंडस्ट्रियल एरिया में काम पर आने जाने वाले लोगों की बढ़ती भीड़, मुख्य सड़क पर फल सब्जी वालों का अतिक्रमण, ई रिक्शे वालों के कहीं भी वाहन रोक देने व मिनी बसों के आड़े-तिरछे चलाने से जाम के हालात हो जाते हैं। - राजेंद्र शर्मा, इंडिया गेट, सीतापुरा
नेशनल हाइवे 52 का प्रमुख हिस्सा और शहर के प्रमुख प्रवेश द्वार में से एक होने के बावजूद इंडिया गेट के आस-पास जाम और अतिक्रमण बड़ी समस्या है। इस रोड की टोंक, कोटा सहित राजस्थान और दूसरे राज्यों के अन्य शहरों से कनेक्टिविटी के बावजूद यहां ट्रैफिक पुलिस का प्रभावी नियंत्रण नहीं है। सुबह-शाम लगने वाले जाम के हालात पर नियंत्रण के लिए फुट ओवरब्रिज की आवश्यकता है। अस्थाई अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ ही बेतरतीब वाहन चलाने वालों के वाहन जब्त किए जाएं।
इंडिया गेट पर आए दिन जाम की समस्या रहती है। जाम के कारण आस-पास रहने वाले लोग घर पहुंचने में लेट हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस चालान काटने में व्यस्त रहती है। उसका ट्रैफिक व्यवस्था के नियंत्रण पर ध्यान नहीं रहता है।- प्रहलाद गुप्ता, गोवर्धन कॉलोनी
वाहनों की लगातार आवा-जाही से सुबह शाम काफी जाम रहता है। लेट होने के कारण लोग वाहनों को तेज दौड़ाते हैं। कई-कई बार आधा एक किलोमीटर तक जाम लग जाता है। - विष्णु कुमार शर्मा, स्थानीय निवासी
जेडीए अप्रूव्ड होने के 20 साल बाद भी न तो सीवर लाइन है और न ही पक्की सड़कें। निकासी न होने से गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है। बदबू-कीचड़ के साथ ही मच्छर पनपने से हालात नारकीय हो गए हैं।
वार्ड 90, विवेक विहार स्थित अहिंसा पार्क में आने वाले लोगों को अब चूहे परेशान नहीं करेंगे। साथ ही सांपों के भी बिलों से बाहर निकलने का खतरा नहीं रहेगा। राजस्थान पत्रिका के 21 सितंबर के अंक में 'अहिंसा पार्क में चूहों के 300 से ज्यादा बिल, सांपों का डर, सुबह-शाम जाने पर जान का भय' शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित खबर के बाद नगर निगम की टीम हरकत में आई। आनन-फानन में निगम की टीम पार्क में पहुंची और बिलों में पाउडर डालने के साथ ही वहां साफ-सफाई भी करवाई।
उधर, पिछले सप्ताह ब्रह्मपुरी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की समस्या का भी निगम ने निदान किया। महाराणा प्रताप मार्ग पर सड़क का काम चल रहा है। अगले 10 दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। किंग्स रोड के गड्ढों में ग्रेवल डालकर उसे दुरुस्त किया गया है।
सांगानेर स्थित वार्ड 56 में सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं है। नालियां छोटी होने से इनमें बहने वाला पानी कई बार सड़क पर बहने लगता है, जिससे वहां गंदगी और फिसलन हो जाती है। सड़क पर बह रहे गंदे पानी में फिसल कर एक व्यक्ति जेसीबी के नीचे आ चुका, जिससे उसकी मृत्यु भी हो गई। मानसून में नालियों की सफाई भी नहीं हुई।- यश कुमावत, माल की ढाणी
इंदिरा गांधी नगर, सेक्टर-8 में कंचनजंगा अपार्टमेंट के पीछे जलदाय विभाग की मुख्य पाइपलाइन टूटने से कई दिन से पानी सड़क पर बह रहा है। सुबह पानी की सप्लाई के दौरान बड़ी मात्रा में पानी मकानों की नींव के पास से होकर सड़क पर फैल रहा है। लगातार पानी नींव में जाने से मकान को गंभीर नुकसान का खतरा बना हुआ है। - हनुमान सहाय, जगतपुरा
सड़क को चौड़ी करने के बाद हुई तोड़फोड़ के बाद नालियां पूरी तरह खुली हैं और सड़कें भी टूटी हैं। इससे हर समय ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। खुली नालियों से उठने वाली भयंकर बदबू और मच्छरों के कारण स्थानीय नागरिकों का जीना दूभर हो गया है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा है। -सुनील कुमार, खातीपुरा तिराहा
अंबेडकर पार्क की सफाई नहीं होने से यहां प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, रैपर्स एवं कूड़े का ढेर लगा है। कचरा पात्र भी पूरी तरह से भरे हैं। प्लास्टिक और अजैविक कचरे से पार्क की मिट्टी और पौधों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, यहां सैर के लिए आने वाले लोगों को भी असहजता की स्थिति का सामना करना पड़ता है। -अरविंद वर्मा, महेश नगर
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) कार्यालय से इस वार्ड की दूरी महज 12 किमी. है, लेकिन यहां विकास नदारद है। जेडीए के सेक्टर प्लान में 80 फीट रोड प्रस्तावित है और मौके पर 8 फीट ही है। वहां भी गंदगी, गंदे पानी का बहता दरिया है। -महेश शर्मा, विधानी गांव, वार्ड 61
विधानी गांव के जयपुर शहर के नजदीक होने के बावजूद यहां समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। हर क्षेत्र में क्रांति के बावजूद यहां आज तक पीने के पानी के लिए एक भी हैंडपंप नहीं है और न ही नल। बीसलपुर का पानी लोगों के लिए सपना है। बस्सी-कानोता तक बीसलपुर का पानी पहुंच गया पर विधानी में पीने के पानी का आज तक इंतजाम नहीं हो पाया।
निगम की गाड़ी कुछ घरों से कचरा ले जाती है। उसे सफाईकर्मी अमानीशाह नाले के दूसरे छोर पर डाल जाते हैं, जिससे खाकर गोवंश काल के ग्रास बन रहे हैं। -रामस्वरूप शर्मा, निवासी, विधानी गांव
कचरा लेने के लिए निगम की गाड़ी नहीं आती। इस कारण मजबूरन कॉलोनीवासियों को इधर-उधर कचरा डालना पड़ता है। हेल्पलाइन नं. 181 पर दो माह में छह बार शिकायत कर चुके, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - संतोष मीणा, सालिग्रामपुरा जेडीए कॉलोनी, बीलवा फाटक के पास, सांगानेर
सीवर लाइन काफी पुरानी होने से उसमें कई जगह लीकेज हो गए हैं। इस कारण क्षेत्र के कई घरों के बेसमेंट में गंदा और बदबूदार पानी आ जाता है। इससे बस्ती के कई लोगों का घरों में रहना दूभर हो गया है।- मुकेश कुमार, मालवीय नगर, राणा ग्राम कच्ची बस्ती, वार्ड 79
घर के सामने स्थित डेयरी की गाय-भैंसों के गोबर, अन्य गंदगी को पास के खाली प्लॉट में डाल दिया जाता है। गंदगी-दुर्गंध से घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पशुओं के कारण कई बार लड़ाई-झगड़े की भी नौबत आ चुकी है।- श्याम सुंदर पारीक, मंगल विहार, शेखावत मार्ग कालवाड़ रोड
दो महीने से नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। इसकी सप्लाई का समय भी तय नहीं है। कभी रात में या तड़के सुबह 3 से 5 बजे के बीच महज 10-15 मिनट ही आपूर्ति हो रही है। ऐसे में महंगे दामों पर टैंकर मंगाने पड़ रहे हैं। 4-5 गलियों में पाइप डालकर सीवर लाइन का काम भी अधूरा छोड़ दिया है। जगह-जगह खुदी सड़कों पर कीचड़ और गंदगी से आवागमन दूभर हो गया है।- गोपाल खत्री, श्री बालाजी नगर ए, रामपुरा रोड, कल्याणपुरा
डिवाइन एन्क्लेव तथा श्रीराम हाउस से होते हुए एक स्कूल के आगे सड़क टूट गई है। साथ ही इसका कुछ हिस्सा धंस गया है तथा आगे गड्ढा होने से जलभराव हो रखा है। गत एक सितंबर को जेडीए में परिवाद भी दर्ज कराया था। इसमें छह महीने से सड़क के टूटी होने की जानकारी भी दी गई थी। आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए परिवाद निस्तारित कर दिया, समस्या हल नहीं हुई। -सत्य प्रकाश शर्मा, श्रीगोविंद वात्सल्य, जयसिंहपुरा रोड, अजमेर रोड
कॉलोनी में 30 फीट की सड़क पर नियमों के विपरीत दुकान एवं अन्य निर्माण कार्य किया गया। इसकी शिकायत जेडीए और जेडीए कोर्ट में भी की गई। कोर्ट के निर्माण रोकने के आदेश के बाद भी निर्माण जारी रहा। जेडीए सचिव और मुख्य सचिव के साथ ही सीएम हेल्पलाइन और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई।
— विवेक गुप्ता, ज्ञान विहार, मॉडल टाउन, मालवीय नगर
@ चित्रकूट सेक्टर 4, वैशाली नगर
कॉलोनी में चाय की दुकानों, कैफे, रेस्टोरेंट और होटलों की संख्या काफी बढ़ गई है। इनमें से कई के देर रात तक खुले रहने से कॉलोनी में अनजान लोगों की आवाजाही रहती है। कई लोगों के तेज गति से वाहन चलाने से हादसे का भी खतरा रहता है। ऐसे में पुलिस गश्त बेहद जरूरी है। पत्रिका मोहल्ला मीटिंग में क्षेत्रीय निवासियों ने समस्याओं की झड़ी लगा दी। लोगों ने बताया कि निगम का हूपर कॉलोनी में नियमित रूप से नहीं आता। इसके चलते कई खाली प्लॉटों में कचरा जमा हो रहा है। कई जगह कचरे के ढेर और दुर्गंध की समस्या है। इन प्लॉटों में झाड़ियां उगने से सांप-बिच्छू का भी खतरा है।
लोगों ने बताया कि आवारा कुत्ते झुंड बनाकर पीछे दौड़ते हैं। पार्कों में खेलने वाले बच्चों को भी इनके द्वारा काटने का खतरा रहता है। लोगों ने निगम से आवारा कुत्तों को उठवाने व सफाई की मांग की। साथ ही लंबे समय से क्षतिग्रस्त सड़क को भी ठीक कराने की मांग की।
@ गुलाब विहार, मानसरोवर, वार्ड 50
वर्ष 1999 में जब कॉलोनी में प्लॉट लिया था, तब से इसके जेडीए अप्रूव्ड होने का इंतजार कर रहे हैं। नियमितीकरण न होने से कॉलोनी में सड़क, सीवरेज व पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पत्रिका की मोहल्ला मीटिंग में स्थानीय लोगों ने इस तरह अपनी पीड़ा जाहिर की। बैठक में लोगों ने कहा कि सीवरेज लाइन न होने के कारण घरों के गंदे पानी की निकासी गंभीर चुनौती है। पक्की सड़कों के अभाव में पूरी कॉलोनी में धूल और गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। रोड लाइटों की कमी से शाम ढलते ही सड़कें अंधेरे में डूब जाती हैं। बीसलपुर पेयजल योजना के तहत पानी कम प्रेशर से आता है और मजबूरी में महंगे टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। निगम-जेडीए प्रशासन जल्द नियमितीकरण सहित अन्य समस्याओं का जल्द निदान करे, अन्यथा क्षेत्रवासी एकजुट होकर जेडीए मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
यदि हां तो वॉट्सएप नं. 9057531314 व मेल आइडी jaipur@in.patrika.com पर समस्या हमें भेजें। अगली मोहल्ला मीटिंग आपके यहां होगी। आपकी बात जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे।