
जयपुर. नगर निगम चुनाव में महिलाएं जीतकर पार्षद बनीं और नगर निगम पहुंचीं, लेकिन बैठकों में उनकी जगह कई जगह पति, बेटे और रिश्तेदार नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पार्षदों से संपर्क करने के लिए निगम की सूची में दिए गए मोबाइल नंबरों पर फोन करने पर भी कई जगह उनके पति या बेटे ही फोन उठा रहे हैं।
वार्ड सात की पार्षद पूनम तिवाड़ी से बात करने के लिए जब फोन किया गया तो उनके पति प्रदीप तिवाड़ी ने फोन उठाया। पार्षद से बात कराने के लिए कहने पर उन्होंने कहा, “मुझे बताएं, मैं ही सारा काम देखता हूं।” पत्नी का मोबाइल नंबर मांगने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना ही नंबर सभी जगह दे रखा है।
वहीं, दो अन्य महिला पार्षदों से फोन और मैसेज के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। निगम की बैठकों में महिला पार्षदों की जगह उनके पति, बेटे और रिश्तेदारों की मौजूदगी से यह सवाल उठ रहा है कि चुनी गई महिला पार्षदों की भूमिका वास्तव में कितनी है और उनके वार्ड का कामकाज कौन संभाल रहा है।
वहीं दो अन्य महिला पार्षद मंजू शर्मा और वंदिता शर्मा ने फोन नहीं उठाया। उन्हें संदेश भेजकर जवाब चाहा गया, लेकिन उनका जवाब फिर भी नहीं मिला।