जयपुर

जयपुर में ठगी गिरोह का भंडाफोड़ : 14 आरोपी गिरफ्तार, अमरीकी नागरिकों को बनाते थे निशाना

जयपुर की साइबर क्राइम पुलिस ने ठगी गिरोह का बड़ा भंडाफोड़ किया है, जो अमरीकी नागरिकों को निशाना बनाते थे और डॉलर में पैसा ठग रहे थे। बिंदायका क्षेत्र में एक ही गिरोह के दो फर्जी कॉल सेंटरों दबिश देकर पुलिस ने 14 शातिरों को गिरफ्तार किया है। मास्टर माइंड गुजरात का है।
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Sep 30, 2026
Jaipur Cyber fraud
Jaipur: पुलिस की गिरफ्त में आरोपी (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। मोबाइल पर एप्पल के नाम से संदेश आता…आपके खाते पर 399, 499 या 699 डॉलर के प्री-अप्रूव्ड चार्ज लगा दिए गए हैं। नीचे एक टोल फ्री नंबर दिया होता। अमरीकी नागरिक को लगता कि उसके खाते से बिना अनुमति रकम निकलने वाली है। घबराकर नंबर मिलाते ही कॉल जयपुर में बैठे ठगों के कॉल सेंटर में पहुंच जाती। इसके बाद विश्वास में लेने, खाते की जानकारी जुटाने और रकम ऐंठने का खेल शुरू होता था।

साइबर क्राइम यूनिट पुलिस मुख्यालय और जयपुर पश्चिम पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को बिंदायका क्षेत्र में मंगलम ग्रैंड रेजिडेंसी और आरआर होम्स में एक ही गिरोह की ओर से संचालित दो फर्जी कॉल सेंटरों पर एक साथ दबिश दी। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि दोनों जगह कर्मचारी अमरीकी नागरिकों से कॉल पर बात कर रहे थे। कार्रवाई में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 13 लैपटॉप, 24 मोबाइल फोन, राउटर, सिम कार्ड, चार्जर और एक्सटेंशन बोर्ड जब्त किए गए।

15 दिन पहले शुरू किया था सेंटर

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने जयपुर में करीब 15 दिन पहले कॉल सेंटर शुरू किया था। इससे पहले मुंबई और गुजरात में भी इसी तरह के कॉल सेंटर संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। इन स्थानों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

पहले डराते, फिर खाते तक पहुंचते

साइबर क्राइम यूनिट के उप पुलिस अधीक्षक आदित्य पुनियां ने बताया कि आरोपी एप्पल ग्राहक सेवा के नाम पर फर्जी संदेश भेजते थे। इनमें खाते पर बड़ी राशि के शुल्क लगाए जाने की बात होती थी। टोल फ्री नंबर एप्पल का वास्तविक नंबर नहीं था। कॉल जयपुर स्थित सेंटर में पहुंचती थी। आरोपी वीओआइपी और क्लाउड कॉलिंग के जरिए कॉल अपने सिस्टम पर लैंड कराने की व्यवस्था कर रखी थी। लैपटॉप में आइ-बीम और एक्स-लाइट जैसे सॉफ्टवेयर मिले हैं।


कॉल पर आरोपी खुद को एप्पल सपोर्ट से जुड़ा बताते और शुल्क लगने के कारण बताते थे। ग्राहक के झांसे में आने पर बैंक खाते और आर्थिक स्थिति की जानकारी जुटाते। खाते में रकम का पता चलने के बाद ठगी की रकम और तरीका तय करते थे।

गिफ्ट कार्ड से छोटी ठगी, बड़े खातों पर डिजिटल अरेस्ट

कम रकम वाले ग्राहकों को एप्पल स्टोर से गिफ्ट कार्ड खरीदकर उसका कोड भेजने के लिए कहते थे। बड़े खाताधारकों को ‘क्लोजर’ तक ले जाकर खुद को बैंक अधिकारी बताते और एफबीआइ, एफडीए या जिला अटॉर्नी के फर्जी गिरफ्तारी वारंट भेजते थे। मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर बड़ी रकम ऐंठते थे। स्पूफ कॉलिंग और अमरीकी ई-सिम से कॉल कर भरोसा बढ़ाते थे। पुलिस अब पता लगा रही है कि गिरोह ने कितने अमरीकी नागरिकों से ठगी की है।

मास्टर माइंड गुजरात का हिरेश भाई, जिसकी तलाश

जयपुर में खोले गए ठगी के कॉल सेंटर का मास्टर माइंड गुजरात का हिरेश भाई है, जो फरार चल रहा है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है। वहीं पुलिस ने मौके पर मिले गोहिल निकुंज, वाहिद, रहीस, ईरशाद, मोहम्मद ईनाम हुसैन चौधरी, सौरभ शर्मा, निशिथ, मानस खटनियार, अक्षय नारायण भाई पटेल, श्रेय भारद्वाज, गगन पाल, शिवम प्रजापति, देव दलाल और दर्पन को गिरफ्तार किया।

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Updated on:
30 Sept 2026 10:36 pm
Published on:
30 Sept 2026 10:24 pm