JDA : जयपुर विकास प्राधिकरण की इंजीनियरिंग का नमूना देखकर आप चकित रह जाएंगे। जेडीए ने सड़क बनाई पर बिजली का खंभा नहीं हटाया। सड़क के बीचोंबीच बिजली की हाईटेंशन लाइन का खंभा लगा है।
JDA : जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की इंजीनियरिंग का नमूना देखना है तो मांग्यावास, मानसरोवर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन के पास चले आइए। हाईटेंशन लाइन के दोनों ओर जेडीए ने सड़क बनाई है। अभियांत्रिकी शाखा को सड़क बनाने की इतनी जल्दी थी कि विद्युत पोल हटे नहीं और डामर डाल दिया। चार माह से जेडीए की अभियांत्रिकी शाखा और विद्युत शाखा में पत्राचार चल रहा है, लेकिन पोल मौके पर ज्यों के त्यों खड़े हादसे को दावत दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पोल दिखाई नहीं देते। कई बार दोपहिया वाहन चालक बचते-बचते निकले हैं। सड़क पर अचानक बीच में खड़े पोल किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि करोड़ों रुपए खर्च कर सड़क बनाई गई, लेकिन मूलभूत सुरक्षा इंतजाम तक पूरे नहीं किए गए।
हाईटेंशन लाइन के सहारे ट्रैफिक का दबाव भी कम रहता है, लेकिन नई सड़क पर कई जगह गड्ढे हो गए है। इससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे है।
सड़क पर जो विद्युत पोल लगे हैं, उन्हें हटाने के लिए जेवीवीएनएल को मांग पत्र जमा करवा दिया है, जल्द ही डिस्कॉम की टीम शटडाउन लेकर सड़क सीमा में आ रहे पोल को हटाएगी। प्रशांत चाष्टा, एक्सईएन, विद्युत शाखा, जेडीए
अब तक चार ईओ नोट विद्युत शाखा को लिखे हैं। मौके पर शाखा के एईएन ने निरीक्षण भी कर लिया है। कई माह इंतजार के बाद सड़क बनाई है।
मनीष रोतवाल, एक्सईएन, जोन पीआरएन
जयपुर के बरकत नगर के मुख्य चौराहे पर पेयजल लाइन लीकेज ठीक करने के बाद खोदे गए गड्ढे को ठीक कर दिया गया। नगर निगम ने नाले के दोनों ओर दीवार बनाकर चैंबर बना दिया है। हालांकि दीवार नहीं सूखने से अभी फेरोकवर नहीं लगाए हैं। पिछले दिनों जलदाय विभाग ने पेयजल लाइन लीकेज ठीक करने के बाद गड्ढा खुला ही छोड़ दिया था, जो कई दिन तक खुला पड़ा रहा। करीब पांच-छह फीट गहरा गड्ढा बाजार में जाम और हादसे का कारण बन गया,
इसका पत्रिका पत्रका इम्पैक्ट ने 18 मई को खुलासा किया था। इसके बाद जलदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काम शुरू करवाया। व्यापारी मोहित गहलोत व कुलदीप गुप्ता ने बताया कि चौराहे पर गड्ढा होने से शाम को बाजार में जाम लग जाता है। अब नाले की दीवार पक्की कर दी गई है।