जयपुर

जयपुर में 85 साल की बुजुर्ग महिला की करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश! कोर्ट के स्टे के बावजूद रात में रख दिया कंटेनर

Jaipur Land Dispute: जयपुर में 85 साल की बुजुर्ग महिला की 6.5 बीघा जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। महिला ने जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया है। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
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Oct 05, 2026
Jaipur elderly woman land dispute
पीड़ित नाना देवी

जयपुर. सांगानेर के रामसिंहपुरा उर्फ धोलाई इलाके में 85 वर्षीय वृद्धा की साढ़े छह बीघा भूमि पर अवैध कब्जे की नीयत से अंधेरे में कंटेनर रखकर बोर्ड लगाने का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपए कीमत की इस जमीन पर एडीजे कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दे रखे हैं। पीड़िता नाना देवी और उनके परिवार की शिकायत पर पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) के निर्देश से पत्रकार कॉलोनी थाने में करीब 10 दिन पहले मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन पर दबाव बनाने की नीयत से एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज करवाया गया है। परिवार का यह भी कहना है कि जिस व्यक्ति के नाम से मामला दर्ज करवाया गया, उसने विभिन्न थानों में इसी तरह अन्य लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज करवा रखे हैं।

फर्जी नामांतरण निरस्त, जमीन पर विवाद जारी

नाना देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ग्राम रामसिंहपुरा उर्फ धोलाई, पटवार हल्का कल्याणपुरा, सांगानेर में विभिन्न खसरा नंबरों की कुल 9 बीघा भूमि में उनका हिस्सा साढ़े छह बीघा है। आरोप है कि वर्ष 1992 में बाबूलाल नामक व्यक्ति ने राजस्व अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी तरीके से भूमि का अपने नाम नामांतरण करवा लिया। जयपुर कलक्टर ने 26 फरवरी 2008 को नामांतरण निरस्त कर दिया।

कंटेनर रखकर करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास

शिकायत के मुताबिक, भूमि के सहखातेदारों ने 'संयुक्त गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड' के माध्यम से वर्ष 2008 में जेडीए के समक्ष बिना तकासमे के धारा 90-बी की कार्रवाई करवा ली। सांगानेर उपखंड अधिकारी कोर्ट में तकासमे के लिए पेश आवेदन में जेडीए ने स्वीकार किया था कि वर्ष 2008 में प्रार्थिया की जमीन को छोड़कर शेष भूमि पर कार्रवाई की गई। प्रार्थिया के हक में तकासमा करने में जेडीए को कोई आपत्ति नहीं थी। इस कथित धोखाधड़ी के खिलाफ सहखातेदार कमला देवी ने भी एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया है कि इस समिति पर 20 जून 1995 को प्रशासक नियुक्त हो चुका था। इसके बावजूद बैक डेट में, यानी प्रशासक नियुक्ति से पहले की तारीखों में सैकड़ों फर्जी पट्टे जारी कर दिए गए।

200 फीट रोड पर स्थित है यह बेशकीमती जमीन

नाना देवी की जमीन 200 फीट रोड के किनारे है। शिकायत के अनुसार 9 अगस्त को स्ट्रीट लाइटें बंद कर जमीन पर कंटेनर रख दिया गया। पीड़िता ने पुलिस से आसपास के सीसीटीवी कैमरों की 5 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक की रिकॉर्डिंग की जांच कराने की मांग की है। रिकॉर्डिंग से कथित भू-माफियाओं के आपराधिक कृत्यों और साजिश का खुलासा हो सकता है।

Updated on:
05 Oct 2026 12:36 pm
Published on:
05 Oct 2026 12:33 pm