जयपुर

Patrika Exclusive: ‘नहीं रुकेगी कार्रवाई… और भी लापरवाह अफसर नपेंगे’, जयपुर अग्निकांड पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान

Jaipur Fire Accident: जयपुर के पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में 17 सितंबर को हुए भीषण अग्निकांड में लापरवाही बरतने पर राजस्थान सरकार ने नगर निगम जयपुर के दो अग्निशमन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इसी बीच स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने साफ कहा कि सिर्फ 2 अफसरों पर कार्रवाई नहीं रुकेगी। अभी और भी लापरवाह नपेंगे।
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Sep 19, 2026
Jhabar Singh Kharra
स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा। फोटो: पत्रिका

जयपुर। जयपुर के पुरोहित जी का कटला स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में 17 सितंबर को हुए भीषण अग्निकांड में लापरवाही बरतने पर राजस्थान सरकार ने नगर निगम जयपुर के दो अग्निशमन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेन्द्र मीणा और सहायक अग्निशमन अधिकारी कुलदीप माणतवाल के खिलाफ एक्शन लिया गया है। स्वायत्त शासन विभाग ने शुक्रवार को निलंबन के आदेश जारी कर दिए। इसी बीच स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने साफ कहा कि सिर्फ 2 अफसरों पर कार्रवाई नहीं रुकेगी। अभी और भी लापरवाह नपेंगे।

पत्रिका के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह से सवाल

Q. दो अफसर निलंबित, तो क्या कार्रवाई यहीं खत्म हो गई?
जवाबः
प्रथम दृश्ट्या दोषी दो अधिकारियों को निलंबित किया है। जांच कमेटी बना दी है जो फायर सिस्टम से लेकर अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी तक हर पहलू को देखेगी। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

Q. फायर सिस्टम ही फेल था या कुछ और कारण भी रहे?
जवाब:
यह जांच से ही पता चलेगा कि लंबी दूरी से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने पर पर्याप्त प्रेशर बन रहा था या नहीं। केवल सिस्टम लगा देना पर्याप्त नहीं है, वह आपात स्थिति में काम भी करना चाहिए।

Q. स्मार्ट सिटी के काम से जुड़े कुछ गैप भी हैं, क्या उनके कार्यों की भी जांच होगी?
जवाब:
हां, जांच के दायरे में लिए हैं। जहां जो व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर नहीं मिली, उसकी पड़ताल होगी। जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें केवल एक भवन तक सीमित नहीं रखा जाएगा।

Q. रूफटॉप निर्माण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं?
जवाबः
इसकी फाइल की जांच चल रही है। फायर से जुड़ी आवश्यक अनुमति और व्यवस्थाएं सही थीं या नहीं, किस स्तर पर क्या अनुमति दी गई और किसकी जिम्मेदारी थी, यह भी जांच का हिस्सा है।

Q. छह फीट का रास्ता वो फीट कैसे हुआ?
जवाब:
यह गंभीर है और इस पर मैंने भी संज्ञान लिया है। पहले लोगों को समझाइश देकर अपना अतिक्रमण हटाने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद अभियान भी चलाएंगे।

जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित, सात दिन में रिपोर्ट

जयपुर अग्निकांड की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। कमेटी में निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक की अध्यक्षता में निदेशालय के मुख्य अभियंता और नगर निगम उदयपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी सदस्य होंगे। कमेटी अग्निकांड के कारणों, अधिकारियों की भूमिका और बरती गई लापरवाही की जांच करेगी। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।

घटनास्थल पर पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पहुंचने और शाम को जयपुर प्रभारी व संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड के पहुंचने के बाद मामले ने सियासी रूप भी ले लिया। इसके बाद विभाग और ज्यादा सक्रिय हुआ। स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन ने कहा कि मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। कमेटी आग लगने के कारणों के साथ अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी की जांच करेगी। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।