
जयपुर. जयपुर. शहर की सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों को जल्द ही सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ते मिलेंगे। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने शहर की पांच प्रमुख सड़कों पर करीब 9 किलोमीटर लंबे फुटपाथ बनाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 6.33 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी भी जारी हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट के तहत फुटपाथ बनाने के साथ ही उनके आसपास हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। जेडीए के अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे और दीपावली से पहले काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
जयपुर के इन मार्गों पर बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार और कोचिंग संस्थान हैं। यहां रोजाना हजारों की संख्या में विद्यार्थी, व्यापारी और आम लोग आते-जाते हैं। कई जगहों पर फुटपाथ नहीं होने के कारण लोगों को सड़क के किनारे चलना पड़ता है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। कई बार पैदल चलने वालों के सड़क पर आने से यातायात भी प्रभावित होता है। नए फुटपाथ बनने से लोगों को चलने के लिए अलग रास्ता मिलेगा, जिससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी पहले से अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
जेडीसी सिद्धार्थ महाजन के अनुसार, फुटपाथ के साथ-साथ इनके किनारों पर ग्रीन डेवलपमेंट भी किया जाएगा। जल्द ही निविदाएं जारी कर दीपावली से पहले निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इन विह्नित मार्गों पर व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ कई बड़े कोचिंग संस्थान संचालित होते हैं, जहां रोजाना हजारों विद्यार्थियों और आम नागरिकों का आना-जाना रहता है। कई जगहों पर फुटपाथ न होने के कारण लोगों को मजबूरन मुख्य सड़क के किनारे चलना पड़ता है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है और यातायात भी प्रभावित होता है। फुटपाथ बन जाने से पैदल आवाजाही व्यवस्थित होगी और सड़कों पर वाहनों के लिए भी जगह सुगम हो सकेगी।
न्यू सांगानेर रोडः गुर्जर की थड़ी से कमला नेहरू नगर पुलिया, अजमेर रोड तक।
किंग्स रोडः गोपालपुरा बायपास से अजमेर रोड तक।
गोपालपुरा बायपासः गुर्जर की थड़ी से किसान धर्म कांटा तक।
महेश नगरः 80 फीट रोड
हंस मार्गः गोपालपुरा बायपास से रिद्धि-सिद्धि चौराहे तक।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए गए 'फुटपाथ खाली करो' अभियान के बाद से ही शहर में राहगीरों के लिए सुरक्षित और अतिक्रमणमुक्त रास्ते का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जा रहा था, जिसके बाद जेडीए ने यह कदम उठाया है।