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जयपुर सांगानेर एलिवेटेड रोड के काम पर ब्रेक! 286 करोड़ के प्रोजेक्ट में 6 महीने में सिर्फ 12 करोड़ का काम, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

जयपुर के सांगानेर एलिवेटेड रोड का काम छह महीने में सिर्फ 12 करोड़ रुपए तक पहुंचा है। 500 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित होने के बावजूद कार्रवाई अटकी है, जिससे मुख्य कॉरिडोर का काम शुरू नहीं हो पाया है।
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Sanganer Elevated Road

सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण परेशान लोग (Photo-Patrika)

जयपुर. सांगानेर को जाम से राहत देने के लिए शुरू हुआ एलिवेटेड रोड का काम कछुआ गति से चल रहा है। 286.74 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर मार्च से अब तक करीब 12 करोड़ का काम हुआ है। यानी छह माह में करीब चार फीसदी राशि का ही काम हो पाया। तय समय में काम पूरा करने के लिए प्रतिदिन करीब 31.8 लाख रुपए का काम होना चाहिए, जबकि मौजूदा रफ्तार सिर्फ 6.66 लाख रुपए प्रतिदिन है। सड़क सीमा में आ रहे 500 से अधिक अतिक्रमण जेडीए ने चिह्नित तो कर लिए, लेकिन उन्हें हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। ऐसे में मुख्य कॉरिडोर का काम शुरू होने में ही अड़चन बनी हुई है। दरअसल, सांगानेर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड टोंक रोड, डिग्गी-मालपुरा रोड और न्यू सांगानेर रोड को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है। डिग्गी-मालपुरा रोड पर बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिक गतिविधियों के कारण सांगानेर बाजार क्षेत्र में लगातार यातायात दबाव बढ़ा है। इसी जाम को कम करने के लिए सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में परियोजना की घोषणा की थी।

30 माह का लक्ष्य

जेडीए ने फरवरी, 2026 को 286 करोड़ का कार्यादेश जारी किया। 4 सितंबर 2028 यानी 30 माह में प्रोजेक्ट पूरा करना है। इस हिसाब से हर माह करीब 9.56 करोड़ और प्रतिदिन करीब 31 लाख रुपए का काम होना चाहिए।

गति से 5 गुना कम: हर माह करीब 2 करोड़ का काम

काम शुरू हुए करीब छह माह बीत चुके हैं। जेडीए जमीन पर अब तक 12 करोड़ रुपए का काम करवा पाया है। इस हिसाब से प्रति माह औसतन दो करोड़ रुपए और प्रतिदिन करीब 6.66 लाख रुपए का काम हो रहा है। तय रफ्तार के मुकाबले काम की गति करीब पांच गुना कम है।

तीन हिस्सों में काम, एक का शुरू नहीं

जेडीए ने पूरे प्रोजेक्ट को तीन हिस्सों में बांटा है। इनमें पार्ट-बी और सी का काम चल रहा है, जबकि पार्ट-ए का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।

  • पार्ट-ए (सांगानेर फ्लाईओवर से चौरड़िया पेट्रोल पंप तक) :एक ओर 1400 मीटर और दूसरी ओर 1140 मीटर एलिवेटेड रोड प्रस्तावित है। टोंक रोड से द्रव्यवती नदी तक 36 मीटर और नदी के चौरड़िया पेट्रोल पंप तक 30 मीटर चौड़ी सड़क है। यहां दोनों ओर अतिक्रमण हैं। यहां अतिक्रमण की मार- इस क्षेत्र में 300 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। यहां 12500 से अधिक वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण से मुक्त करानी है।
  • पार्ट-बी (चौरड़िया पेट्रोल पंप से न्यू सांगानेर रोड तक) : यहां काम जारी है। सड़क सीमा क्षेत्र में 30 अतिक्रमण चिह्नित किए जाने हैं और 200 वर्ग मीटर से अधिक जमीन मुक्त करानी है।
  • पार्ट-सी (चौरड़िया पेट्रोल पंप से मालपुरा गेट तक) :इस क्षेत्र में 1400 मीटर की एलिवेटेड रोड बननी है। यहां काम चल रहा है। करीब 140 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं और 3500 वर्ग मीटर जगह चिह्नित की गई है। अभी सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त है। सड़क पर ही वाहन खड़े रहते हैं।

जिम्मेदार बोले: तीनों काम एक साथ शुरू नहीं हो सकते

"शुरुआत में यूटिलिटी को शिफ्ट करने और यातायात के लिए रास्ता बनाया, इस वजह से काम प्रभावित हुआ। धीरे-धीरे काम की गति बढ़ाई गई है। तीनों का काम एक साथ शुरू नहीं किया जा सकता। जैसे ही पार्ट ए में काम शुरू होगा। उससे पहले अतिक्रमण हटाए जाएंगे। प्रोजेक्ट में प्रस्तावित 666 में से 150 पायल्स का काम हो चुका है। इसके अलावा दो पीयर कैप का काम हो चुका है।"
- नरेंद्र अग्रवाल, एक्सईएन, एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट