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जयपुर. पार्षद को आमतौर पर शहरी विकास का ध्वजवाहक कहा जाता है। वही निकाय तक वार्ड की आवश्यकताओं की जानकारी पहुंचाता है और स्वीकृत कार्यों को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाता है। इस भूमिका का एक और पहलू है, जिस पर कम चर्चा होती है कि निकाय की तिजोरी भरी रहे। जिस निकाय के पास पर्याप्त संसाधन होंगे, वहां पार्षद को फाइल लेकर अफसरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। काम ज्यादा होंगे तो जनता का भरोसा बढ़ेगा। और जब पार्षद की साख मजबूत होगी, तो विधायक और सांसद भी अपने कोष से उसके वार्ड के कार्य आसानी से मंजूर करेंगे। यानी पैसा आएगा तो काम होगा, काम होगा तो जनसमर्थन मिलेगा और जनसमर्थन मिलेगा तो और पैसा आएगा।
1. निकाय बजट
अपने वार्ड के लिए अधिक से अधिक हिस्सा दिलवाएं, ताकि ज्यादा विकास कार्य हो सकें।
2. केंद्र/राज्य बजट...
अपने क्षेत्र में ज्यादा कार्य स्वीकृत कराने की योजना बनाएं। स्वीकृत कार्यों में आ रही बाधाएं दूर कराएं, क्योंकि काम जल्दी पूरे होंगे तो लाभ भी जल्दी मिलेगा।
3. सांसद-विधायक कोष
समस्याओं की पहचान कर समाधान की ठोस योजना तैयार रखें। तैयार प्रस्ताव होने पर कार्य मंजूर कराना आसान होता है। कार्यों को समय पूरा कराने व गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए।
(नोट: गठन के 90 दिन में सभी निकायों में वित्त समिति बनाना अनिवार्य)
निकायों को कर, लाइसेंस शुल्क, टोल, उपकर (सेस) और अपनी संपत्तियों के किराए की वसूली का अधिकार है। अगर यह वसूली पूरी हो तो निकाय आर्थिक रूप से सशक्त बनेगा और विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं रहेगी।
सरकारी बजट ही विकास के लिए एकमात्र सहारा नहीं है। स्थानीय व्यापार मंडलों और क्षेत्र के उद्योगपतियों को विकास कार्यों से जोड़े। स्थानीय स्कूल, धार्मिक स्थल और डिस्पेंसरी की छोटी-मोटी समस्याएं जनसहयोग से सुलझाने को बढ़ावा दें। सीएसआर के माध्यम से भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी जैसे विकास कार्य कराए जा सकते हैं। यह मॉडल दूसरे निकायों को भी रास्ता दिखाएगा।
क्षेत्र साफ-सुथरा होगा और पार्किंग की समस्या नहीं रहेगी, तो ग्राहक बढ़ेंगे और कारोबार चमकेगा। बाजार में पैसे का चक्र (मनी सर्कुलेशन) तेज होगा। बिक्री बढ़ने पर व्यापारी की मोलभाव की ताकत भी बढ़ेगी, उसे सामान कम दाम पर मिलेगा और कम मार्जिन पर बेचने के बावजूद उसकी कमाई बढ़ेगी। इसका स्थानीय नागरिकों को भी लाभ मिलेगा, वहां पार्किंग-प्रदूषण समस्या कम होगी।
Updated on:
03 Oct 2026 09:47 am
Published on:
03 Oct 2026 09:47 am
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