
जयपुर के मेयर सुनील कोठारी और जोधपुर के मेयर प्रसन्नचंद मेहता (Photo-Patrika)
जयपुर. नए नगर निगम बोर्ड बनने के बाद शुरुआती दिनों में महापौरों ने कामकाज की दिशा तय कर दी है। जयपुर में जोनवार बैठक और रात में सफाई की निगरानी, जोधपुर में श्रमदान, कोटा में पार्षदों से सात घंटे वार्डवार फीडबैक और उदयपुर में लगातार फील्ड विजिट ने शुरुआत के अलग-अलग अंदाज दिखाए हैं। वहीं बीकानेर के अनिल कल्ला 30 वार्डों तक पहुंचे तो अजमेर की अनामिका शर्मा ने 20 वार्डों का दौरा किया। भीलवाड़ा में 15 और भरतपुर में 15 से अधिक वार्डों का जायजा लिया गया। पाली में सीवरेज सुधार के लिए छह महीने का लक्ष्य रखा गया।
महापौर सुनील कोठारी ने 13 में से आठ जोन की बैठकें कर अधिकारियों और पार्षदों से कामकाज की जानकारी ली। रात 10:30 बजे परकोटे में सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। हैरिटेज से समझौता नहीं करने और अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। सफाई, सीवर और स्ट्रीट लाइट भी प्राथमिकता में हैं।
महापौर प्रसन्नचन्द मेहता ने पहली बैठक में सफाई, सीवरेज और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। महात्मा गांधी अस्पताल में आग से झुलसे फायर फाइटर से मिलने के बाद पावटा सी रोड के लाल मैदान में सफाई व्यवस्था देखी और खुद झाड़ू लगाकर श्रमदान किया। हर पोल पर स्ट्रीट लाइट लगाने और आदेशों की पालना की निगरानी पर जोर है।
महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने सफाई को पहली प्राथमिकता देते हुए पुराने कचरे के दैनिक निस्तारण पर जोर दिया। छठे दिन हुई बोर्ड बैठक करीब सात घंटे चली, जिसमें हर पार्षद से फीडबैक लिया गया। बिना पर्ची चैंबर में मिलने की व्यवस्था भी शुरू की गई। कारकस प्लांट, नए टिपर और दशहरा मैदान फेज-2 प्रमुख लंबित काम हैं।
महापौर पारस सिंघवी ने पदभार के अगले दिन से ही निरीक्षण शुरू कर दिया। आठ दिन में 8 वार्डों का दौरा किया। सफाई और अतिक्रमण के साथ आयड़ नदी, एलिवेटेड रोड और पुराने शहर की सीवर समस्या देखी। बेदला में ट्रेंचिंग ग्राउंड की जमीन से कब्जा हटवाया। रोज दोपहर 3 से 4:30 बजे तक जनता से मुलाकात कर रहे हैं। सीवर व्यवस्था और स्वच्छता प्रमुख एजेंडा है।
महापौर अनिल कल्ला ने 80 में से 30 वार्डों का दौरा किया है। सफाई, कचरा परिवहन और रोड लाइट प्राथमिकता में हैं। लोगों से संवाद कर सफाई, गड्ढे, नालों की समस्याएं देखी जा रही हैं। कचरा परिवहन व्यवस्था सुधारने के लिए रात्रिकालीन सफाई शुरू कराई गई। अधिकारियों की बैठक में सफाई, रोड लाइट, सीवरेज, टेंडर व निगम की आर्थिक स्थिति की समीक्षा हुई।
महापौर नमिता बुबकिया ने सीवरेज, सफाई और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। चार वार्डों का दौरा कर सफाई, नालियों, सड़क और स्ट्रीट लाइट की स्थिति देखी। बांडी नदी की पुलिया के कार्यादेश और कचरा निस्तारण संयंत्र को एक सप्ताह में सुचारू कराने पर जोर है। सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए करीब छह महीने का लक्ष्य रखा गया है।
महापौर जसवंत कंवर 70 में से 15 वार्डों का निरीक्षण कर चुकी हैं। सफाई, निराश्रित पशु, टूटी सड़क और अवैध निर्माण की स्थिति देखी जा रही है। गांधी सागर तालाब का निरीक्षण कर भूमिगत नाले के काम की प्रगति भी देखी। दीपावली से पहले टूटी सड़कों पर पेचवर्क शुरू कराया गया है। 100 दिन में सड़क मरम्मत, सफाई और अतिक्रमण हटाने का लक्ष्य है।
महापौर अनामिका शर्मा ने पदभार के अगले दिन पिंक टॉयलेट का निरीक्षण किया। 20 वार्डों का दौरा कर चुकी हैं। डेंगू-मलेरिया रोकथाम के लिए फॉगिंग कराई गई। जनसंवाद शुरू हो चुका है। शिकायतों के आधार पर रोड लाइट व सफाई के काम कराए जा रहे हैं। 100 दिन में हर वार्ड का सफाई प्लान, तीन कचरा ट्रांसफर सेंटर और अस्थायी अतिक्रमण हटाने की योजना है।
महापौर सुमनलता अग्रवाल ने अधिकारियों से जानकारी लेकर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था के लिए हर वार्ड में दो ऑटो टिपर लगाए गए हैं। सागर व मूसी महारानी की छतरी की सफाई के साथ रोड लाइटें लगवाई गईं। 15 दिन में पार्षदों से उनके वार्ड के 5 प्राथमिकता वाले कार्यों की सूची लेने की तैयारी है।
महापौर अनुराधा सिंह ने पहली फील्ड विजिट दुर्गा नगर-बजरंग नगर से शुरू की। जलभराव और सड़क की समस्याएं देखीं। 15 से अधिक वार्डों का दौरा हो चुका है। सड़क मरम्मत, कर्मचारियों की व्यवस्था और जेसीबी-टिपर उपलब्ध कराने पर जोर है। अगले 100 दिनों में सड़क, लाइट, सफाई आदि का लक्ष्य रखा गया है।
Updated on:
03 Oct 2026 10:00 am
Published on:
03 Oct 2026 09:25 am
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