जयपुर

Jaipur: फर्जी वेबसाइट बनाकर SUV स्कैम, 6 लाख में SUV का झांसा देकर 20 करोड़ की ठगी, तकनीकी एक्सपर्ट अरेस्ट

जयपुर। सिर्फ 6 लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर करीब 20 करोड़ रुपए ठगी के मामले में एसओजी को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी ने इस हाईटेक ठगी गिरोह को तकनीकी सहायता देने वाले आरोपी रजनीश कुमार (37) निवासी नसीरपुर अफजलपुर, रुड़की (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया है।
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Jan 02, 2026
ठगी केस में आरोपी तकनीकी एक्सपर्ट अरेस्ट, पत्रिका फोटो
ठगी केस में आरोपी तकनीकी एक्सपर्ट अरेस्ट, पत्रिका फोटो

जयपुर। सिर्फ 6 लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर करीब 20 करोड़ रुपए ठगी के मामले में एसओजी को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी ने इस हाईटेक ठगी गिरोह को तकनीकी सहायता देने वाले आरोपी रजनीश कुमार (37) निवासी नसीरपुर अफजलपुर, रुड़की (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में पहले ही सरगना बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को गिरफ्तार कर 18 दिसंबर को न्यायालय में चालान पेश कर चुकी है।

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि रजनीश गिरोह के सरगना बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी के संपर्क में था और उसने ठगी के नेटवर्क को तकनीकी सहायता दी थी। आरोपी ने फर्जी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और डिजिटल करेंसी तैयार कर ठगी के इस काले धंधे को बड़े स्तर पर फैलाया।

ऐसे चला ठगी का खेल

जालसाजों ने एक फर्जी वेबसाइट तैयार कर महज 250 रुपए में आइडी बनवाने का लालच दिया और करीब 82 हजार लोगों को इससे जोड़ा। इसके बाद स्कीम के तहत छह लाख रुपए में एसयूवी देने का झांसा देकर लोगों से लगभग 2 करोड़ रुपए जमा कर लिए। ठगी की रकम से हार्वेस्ट एआइ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई, जिसमें बंशीलाल निदेशक और उसकी मंगेतर ममता सैनी को सह-निदेशक बनाया गया।

सोशल मीडिया के जरिये कंपनी में निवेश पर 5 लाख 90 हजार रुपए और 12 लाख में लग्जरी एसयूवी देने का भ्रामक प्रचार किया गया जिससे बड़ी संख्या में लोग झांसे में आ गए। आरोपियों ने लोगों को अलग-अलग झांसे देकर 20 करोड़ रुपए से ज्यादा ठग लिए।

पेमेंट गेटवे के जरिए करीब 4.92 करोड़ रुपए की ठगी

एसओजी की जांच में खुलासा हुआ कि विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट गेटवे के जरिए करीब 4.92 करोड़ की ऑनलाइन ठगी की। इसके अतिरिक्त, भोपालगढ़ में एक रिवार्ड सेरेमनी के नाम पर 15 करोड़ और जुटाए, जिन्हें व्यक्तिगत विलासिता और अन्य खचों में उपयोग किया। एसओजी मामले की जांच कर रही है।

Updated on:
02 Jan 2026 08:27 am
Published on:
02 Jan 2026 08:26 am