
जयपुर: इस मौसम में सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसी बीच मरीजों की सेहत से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उपचार में इस्तेमाल होने वाली जेनोवोल एसएफ (एम्ब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड, टरबुटालाइन सल्फेट, गुइफेनेसिन और मेन्थॉल सिरप) दवा गुणवत्ता परीक्षण में गंभीर रूप से अमानक पाई गई है। यह दवा आमतौर पर सर्दी, खांसी और श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज में दी जाती है।
औषधि नियंत्रक अजय फाटक ने बताया कि अमानक पाई गई दवा के निर्माता बी शारदा लाइफ साइंसेज, गुजरात के खिलाफ आगे की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके तहत कंपनी द्वारा निर्मित अन्य दवाओं के नमूने भी एकत्र कर परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं अन्य दवाओं में भी गुणवत्ता से समझौता तो नहीं किया गया है।
औषधि नियंत्रक विभाग की जांच में दवा में कई गंभीर खामियां पाई गईं। दवा में एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड की घोषित मात्रा 15 मिलीग्राम थी, लेकिन परीक्षण में यह केवल 10.35 मिलीग्राम पाई गई, जो निर्धारित मानक से करीब 69 प्रतिशत कम है।
इसी तरह मेंथॉल की घोषित मात्रा 1 मिलीग्राम थी, जबकि जांच में यह मात्र 0.639 मिलीग्राम पाई गई। इसके अलावा दवा में डीईजी (डाइएथिलीन ग्लाइकोल) जैसे हानिकारक रसायन का स्तर 0.584 प्रतिशत पाया गया, जबकि इसका मानक स्तर 0.1 प्रतिशत से कम होना चाहिए। डीईजी की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
इसी क्रम में आयुक्तालय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की 29 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के बाद राज्य में 100 मिलीग्राम से अधिक निमेसुलाइड युक्त दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
Updated on:
02 Jan 2026 08:11 am
Published on:
02 Jan 2026 08:11 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
