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Rajasthan Cabinet Meeting: राजस्थान में वाहन स्क्रैपिंग नीति को मिली मंजूरी, नया वाहन खरीदते समय 50% तक की मिलेगी छूट

डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि इस नीति के अनुसार, 15 साल से पुराने सभी सरकारी वाहन स्क्रैप किए जाएंगे। इसके बाद नया वाहन खरीदते समय मोटर वाहन टैक्स पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
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जयपुर

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Arvind Rao

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अंकित साई

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Updated: 31 Dec 2025, 3:22 PM IST

Rajasthan Cabinet Meeting

Rajasthan Cabinet Meeting (Patrika Photo)

Rajasthan Cabinet Meeting: जयपुर: भजनलाल कैबिनेट ने मंगलवार को साल 2025 की वाहन स्क्रैपिंग नीति को हरी झंडी दिखा दी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य है कि 15 साल से पुराने, खराब हालत के और बहुत ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से धीरे-धीरे हटाया जाएगा। इसी के साथ पुराने वाहनों को सुरक्षित और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना नष्ट किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि इस नीति के अनुसार, 15 साल से पुराने सभी सरकारी वाहन और निजी कार मालिकों द्वारा अपनी मर्जी से दिए गए वाहन स्क्रैप किए जाएंगे। जो मालिक अपना पुराना वाहन स्क्रैप करवाकर नया वाहन खरीदेंगे, उन्हें मोटर वाहन टैक्स पर अतिरिक्त छूट मिलेगी।

सभी वाहनों की होगी स्क्रैपिंग

वहीं, इस निति के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि यह नीति सरकारी वाहनों के लिए जरूरी है। निजी वाहन मालिक अभी छूट का फायदा लेने के लिए अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं। आगे चलकर पुराने निजी वाहनों के लिए स्क्रैपिंग को धीरे-धीरे सभी के लिए जरूरी बनाने की योजना है।

डिजिटल तरीके से होगा स्क्रैपिंग

उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि नीति में पूरे राजस्थान में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र (RVSF) बनाने का प्रस्ताव है। इन केंद्रों पर स्क्रैपिंग का पूरा काम डिजिटल तरीके से होगा और इसे ट्रैक किया जा सकेगा। राष्ट्रीय वाहन पोर्टल से जोड़ने से पुराने वाहनों के गलत तरीके से दोबारा इस्तेमाल को रोका जाएगा।

बैरवा ने कहा, जो वाहन मालिक अपना वाहन स्क्रैप करवाएंगे, उन्हें डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा और नया वाहन खरीदते समय मोटर वाहन टैक्स पर 50% तक छूट मिलेगी, जो अधिकतम 1 लाख रुपए तक हो सकती है। उन्होंने कहा, हम लोगों को ज्यादा साफ-सुथरे और सुरक्षित वाहनों की ओर ले जाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।

चेसिस नंबर को 6 महीने तक रखना होगा

नीति के अनुसार, पंजीकृत स्क्रैप करने वाली कंपनियों को स्क्रैप हुए वाहनों से काटे गए चेसिस नंबर को 6 महीने तक अपने पास रखना होगा। उसके बाद उन्हें जिला परिवहन कार्यालय में जमा करना होगा, जहां इन्हें आगे 18 महीने तक रखा जाएगा।
इस काम में निवेश लाने के लिए नीति में कई सुविधाएं दी गई हैं। जैसे पहले 20 स्क्रैपिंग केंद्रों के लिए पूंजी की सब्सिडी, अन्य रियायतें, ब्याज पर सब्सिडी और स्टांप ड्यूटी तथा बिजली बिल में राहत दी जाएगी। साथ ही स्क्रैपिंग और रिसाइक्लिंग करने वाले स्टार्टअप को राजस्थान स्टार्टअप नीति के तहत अतिरिक्त मदद मिलेगी।

इसका असर कैसे पड़ेगा

-शुरुआत में सभी 15 साल पुराने, खराब हालत वाले और बहुत ज्यादा प्रदूषण करने वाले सरकारी वाहनों के लिए स्क्रैपिंग जरूरी होगी।
-निजी वाहन मालिक अभी छूट का फायदा लेने के लिए अपनी मर्जी से शामिल हो सकते हैं, आगे स्क्रैपिंग को धीरे-धीरे जरूरी बनाया जाएगा।
-पुराना वाहन स्क्रैप करवाकर नई कार खरीदने पर रोड टैक्स पर 50% तक छूट (अधिकतम 1 लाख रुपए) दी जाएगी।
-नीति में पुराने वाहनों को वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से धीरे-धीरे हटाने की योजना है।