
जयपुर पुलिस ने हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश करते हुए एक युवती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गैंग ने एक बिजनेसमैन को पहले अपने जाल में फंसाया, फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद बदमाशों ने परिजनों से 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी। अब सोडाला थाना पुलिस गिरफ्त में लिए आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरी साजिश पहले से तैयार थी। गैंग में शामिल युवती बिजनेसमैन की दुकान पर खरीदारी के बहाने कई बार पहुंची और धीरे-धीरे उससे जान-पहचान बढ़ा ली। भरोसा बनने के बाद उसने बिजनेसमैन को खाटूश्यामजी दर्शन के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार कर लिया। जैसे ही दोनों वहां पहुंचे, गैंग के बाकी सदस्य भी पीछे-पीछे पहुंच गए और अपने प्लान को अंजाम दिया।
खाटूश्यामजी पहुंचने के बाद गैंग के एक सदस्य ने युवती को अपनी पत्नी बताया और बिजनेसमैन को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी लगातार बिजनेसमैन के मोबाइल से उसके परिवार को कॉल करते रहे और 5 लाख रुपए की मांग रखते रहे। परिवार को धमकी दी गई कि रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
पुलिस के अनुसार, 23 जुलाई को सोडाला में रहने वाले एक युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 22 जुलाई की रात उसके पिता खाटूश्यामजी दर्शन के लिए घर से निकले थे, लेकिन कुछ देर बाद उनके ही मोबाइल से धमकी भरे कॉल आने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मोबाइल लोकेशन को ट्रेस करते हुए ढूंढना शुरू कर दिया। इसके बाद 24 जुलाई को कोथून-सवाई माधोपुर हाईवे से बिजनेसमैन को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गैंग की सदस्य दिनेश बाई उर्फ अनुष्का मीना उर्फ छोटी के साथ अशोक मीना उर्फ डीलर, रजनेश मीना उर्फ लालू, राजेन्द्र कुमार मीना उर्फ आशीष मीना और मोनू मीना को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तरह की वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा गैंग ने पहले भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।