
Jaipur Hotel Security: राजधानी जयपुर के होटल, गेस्ट हाउस और स्पा सेंटरों में विदेशी नागरिकों को ठहराने के नाम पर किस कदर लापरवाही बरती जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिना पासपोर्ट-वीजा की जांच और अनिवार्य पंजीकरण के विदेशी नागरिकों को कमरे दिए जा रहे हैं। इनकी पहचान और भारत में आने के उद्देश्य की जानकारी तक होटल प्रबंधन को नहीं होती। ऐसे में किसी वांछित अपराधी या आतंकी के फर्जी पहचान के सहारे यहां ठहरने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (एफआरओ) की कार्रवाई में अब तक जयपुर में अवैध रूप से रह रही 59 विदेशी युवतियां पकड़ी जा चुकी हैं। इन्हें इनके देश वापस भेजा जा चुका है।
जांच में सामने आया है कि इनमें अधिकांश युवतियां स्पा सेंटरों, होटलों और गेस्ट हाउस में ठहरती थीं। कई मामलों में वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वे जयपुर में रह रही थीं। इन युवतियों से देह व्यापार कराए जाने के मामले भी जांच के दायरे में हैं। कई युवतियों को नेपाल के रास्ते लाया गया था। बाहरी अपराधी भी वारदात करके भाग जाते हैं। सवाल यह है कि आखिर इन विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की जांच किसने की? किस आधार पर कमरे दिए गए? यह अनदेखी प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।
विदेशी नागरिकों को ठहराने के नियमों का उल्लंघन करने पर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट-2025 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है और इसमें तीन वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
जयपुर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' एक साल तक जयसिंहपुरा खोर के सड़वा मोड़ के पास किराए के मकान में रहा था। इस दौरान उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किरायानामा बनवाया और आधार कार्ड, पैन कार्ड व वोटर आईडी तक हासिल कर ली। यहां तक कि वह हवामहल विधानसभा क्षेत्र का मतदाता भी बन गया था। आतंकी का इस तरह फर्जी पहचान के सहारे शहर में रहना सुरक्षा व्यवस्था और सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
दिसंबर 2024 में पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ बांग्लादेशी नागरिकों ने घुसपैठ कर जयपुर को अपना ठिकाना बना लिया था। यहां रहने के दौरान जाली दस्तावेजों और फर्जी पहचान के आधार पर जयपुर में सरकारी आवास योजनाओं (जैसे जयसिंहपुरा और सांगानेर के बक्सावाला में बीएसयूपी और मिशन बसेरा योजना) के तहत मकान और फ्लैट आवंटित करवा लिए थे। मामला उजागर होने पर उन्हें बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया गया।
अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब उन्हें अवैध रूप से ठहराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
-धर्मेंद्र सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एफआरओ), विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय, जयपुर
विदेशी नागरिकों के होटलों में ठहरने पर होटल संचालक को सभी जानकारियां सुरक्षा एजेंसियों को हर हाल में देना जरूरी है। समय-समय पर फेडरेशन से जुड़े सभी होटल संचालक सदस्यों को जागरूक करता है।
-हुसैन खान, अध्यक्ष, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान