
Jaipur : जयपुर के नाहरगढ़ में बाघ शिवाजी के हमले में एक महिला श्रमिक की मौत और झालाना में पंजा-पूंछ कटी लाचार मादा लेपर्ड का मामला अभी थमा भी नहीं है कि अब झालाना लेपर्ड रिजर्व का चर्चित लेपर्ड ‘राणा’ पिछले दस दिनों से नजर नहीं आया है। सफारी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे राणा की लगातार साइटिंग नहीं होने से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने उसकी तलाश के लिए निगरानी बढ़ाने के साथ जंगल में कैमरा ट्रैप लगाए हैं, लेकिन अब तक उसकी लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिला है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि राणा ऐसा लेपर्ड है, जिसकी कई वर्षों से सैलानियों को लगातार साइटिंग होती रही है। अचानक उसके गायब होने से तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
राणा की साइटिंग झालाना में नियमित रूप से होती रही है और उसे देखने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह रहता है। पिछले दस दिनों से उसकी साइटिंग नहीं होने पर वन विभाग ने जंगल के प्रमुख रास्तों और वॉटर होल्स के आसपास कैमरा ट्रैप लगाए, लेकिन अब तक वह किसी कैमरे में कैद नहीं हुआ है। सफारी पर पहुंच रहे पर्यटकों को भी राणा की साइटिंग नहीं हो पा रही है।
राणा को कुछ महीने पहले पैर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उसका उपचार भी किया गया था। ऐसे में लंबे समय से साइटिंग नहीं होने और कैमरा ट्रैप में भी नजर नहीं आने से वन्यजीव प्रेमियों की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि उसकी वर्तमान स्थिति को लेकर विभाग की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
उधर, जयपुर के झालाना जंगल में घूम रही पंजा-पूंछ कटी लाचार मादा लेपर्ड की भी विभाग ने अब तक सुध नहीं ली है। बताया जा रहा है कि वह अभी भी चूलगिरी मंदिर क्षेत्र के आसपास लाचार अवस्था में घूमती नजर आ रही है। उसके लिए जीवनयापन चुनौती बना हुआ है। वन्यजीव प्रेमियों को आशंका है कि इस स्थिति में खुले जंगल में विचरण करना उसके लिए खतरा बन सकता है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी अब तक अनजान बने हुए हैं।
लेपर्ड अपने विचरण क्षेत्र में बदलाव करते रहते हैं। कई बार शिकार, पानी या अन्य कारणों से वे जंगल के घने हिस्सों में चले जाते हैं, जहां उनकी आसानी से साइटिंग नहीं हो पाती। लेपर्ड राणा की तलाश के लिए सर्विलांस जारी है और निगरानी टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
विजय यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी, झालाना लेपर्ड रिजर्व