
Jaipur Jodhpur Kota Civic Polls: जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम और सुकेत नगर पालिका के 9 वार्डों के 10 बूथों पर बुधवार को पुनर्मतदान हो गया। इनके मतों की गिनती गुरुवार को होगी। इन निकायों के 9 वार्डों की मतगणना के बाद महापौर और अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन की अधिसूचना जारी की जाएगी। इन चारों निकायों के महापौर और अध्यक्ष पदों के लिए 25 सितंबर को मतदान हो सकता है और इसके अगले दिन 26 सितंबर को उप महापौर और उपाध्यक्ष के लिए निर्वाचन संभव है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इन चारों निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्षों के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा मतगणना के बाद की जाएगी। इन चारों निकायों के 9 वार्डों के 10 मतदान केंद्रों पर ईवीएम की खराबी के कारण पुनर्मतदान कराया गया है, जिसके चलते इन वार्डों के परिणाम जारी नहीं हो पाए। इसी कारण इन निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया रोक दी गई थी।
जयपुर नगर निगम के चार वार्डों के पांच बूथों पर पुनर्मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। वार्ड 9 के बूथ 111 पर 73.50 प्रतिशत, वार्ड 18 के बूथ 225 पर 72.22 प्रतिशत, वार्ड 25 के बूथ 343 पर 81.71 प्रतिशत और वार्ड 34 के बूथ 477 पर 48.81 प्रतिशत तथा बूथ 484 पर 72.76 प्रतिशत मतदान हुआ। गुरुवार सुबह 8 बजे चारों वार्डों की मतगणना होगी।
कोटा नगर निगम के तीन वार्डों के बूथों पर बुधवार दिनभर गर्मागर्मी और हंगामे के बीच कड़ी सुरक्षा में मतदान हुआ। दो वार्डों के बूथों पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता कई बार आपस में भिड़े और जबर्दस्त हंगामा हुआ। कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की और हाथापाई तक हुई। इसके बाद एहतियात के तौर पर जाब्ता बढ़ा दिया गया। फर्जी मतदान का आरोप लगाने पर भी विवाद हुआ।
तीनों वार्डों के तीनों बूथों पर रिकॉर्ड 76.89 प्रतिशत तथा सुकेत नगरपालिका के वार्ड 4 के बूथ पर 77.15 प्रतिशत मतदान हुआ। कोटा के चारों वार्डों के चारों बूथों पर औसत 76.95 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि कोटा नगर निगम चुनाव में 67.66 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोनों ही दलों के नेता दिनभर मतदान केंद्र पर डटे रहे और एक-एक वोट को घरों से निकालकर मतदान केंद्र तक पहुंचाने का जतन किया। तीनों वार्डों में जीत-हार पुनर्मतदान पर टिकी हुई हैं।
कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आने वाले वार्ड 87 के बूथ 99 पर मतदान शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच गए। भाजपा ने इस वार्ड में जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। विधायक संदीप शर्मा, सहकार नेता नरेंद्र बिरला, विवेक राजवंशी सुबह से यहां डटे हुए थे। दूसरी तरफ शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, पीसीसी सदस्य क्रांति तिवारी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम अपने-अपने चुनाव पर्ची केंद्र पर बैठे थे।
मतदाता यहां मतदान केंद्र पर पहुंच रहे थे, तभी दोनों तरफ से मतदाताओं को रिझाने के लिए नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी करते ही भाजपा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और हाथापाई तक की नौबत आ गई। बाद में पुलिस ने सख्ती करते हुए कार्यकर्ताओं को दूर किया। इसके बाद भी दिनभर हंगामा होता रहा।
उधर, वार्ड 44 के बूथ 448 पर भी हंगामा हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन कार्यकर्ताओं के साथ एक मतदाता को मतदान के लिए अंदर भेज रहे थे, तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फर्जी मतदान करवाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। यहां भी कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की हुई। वार्ड 11 के बूथ संख्या 576 पर मतदान शांतिपूर्ण हुआ।
कोटा उत्तर के पूर्व विधायक वार्ड 87 में ही रहते हैं। भाजपा के तमाम नेता यहां सुबह से डटे हुए थे, वहीं कांग्रेस के भी नेता यहां सुबह से डेरा डाले हुए थे, लेकिन पूर्व विधायक ने दूरी बनाए रखी। यह सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रही। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया ‘भाजपा से कांग्रेस में आने के कारण पुराने रिश्ते निभा रहे हैं।’ इस बारे में कांग्रेस जिलाध्यक्ष राखी गौतम ने कहा, हम सभी पूरी ताकत से यहां लगे हुए थे, बड़े नेता क्यों नहीं आए, वही बता सकते हैं।
कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय सेक्टर 6 में नगर निगम के वार्ड-50 के बूथ-338 के पुनर्मतदान में 72.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। बूथ के 1025 में से 742 मतदाताओं ने वोट डाले। जो मूल मतदान दिवस के दिन से 37 वोट यानी 3.41 प्रतिशत अधिक है। इसकी मतगणना गुरुवार सुबह 8 बजे राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में होगी।
इसी के साथ तय होगा कि निगम चुनाव के 100 वार्डों में कांग्रेस को बढ़त मिलेगी अथवा भाजपा को। दरअसल, वार्ड-50 के बूथ-338 पर सुबह 7 बजे पुनर्मतदान शुरू हुआ। बूथ पर 1025 मतदाता हैं। शाम 6 बजे तक इनमें से 742 ने मतदान किया। इस प्रकार 72.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
बूथ पर सुबह-सुबह मतदाताओं ने मतदान करने में अधिक रुचि दिखाई। सुबह 10 बजे तक 237 मतदाताओं ने वोट डाले। जो 23.12 प्रतिशत मतदान रहा। दोपहर 1 बजे तक 431 मतदाताओं ने वोट डाले। जो मतदान का 42.05 प्रतिशत रहा। दोपहर 3 बजे तक 542 वोट डाले गए। जो मतदान का 52.88 प्रतिशत रहा। शाम 6 बजे तक 742 मतदाताओं ने मत डाले। जो कुल मतदान का 72.39 प्रतिशत दर्ज किया गया।
राज्य में निकाय चुनाव के दूसरे चरण के तहत गत 11 सितंबर को वार्ड-50 में मतदान कराया गया था। ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के चलते मतगणना न हो पाने से दोबारा मतदान हुआ। छह दिन में दोबारा मतदान के प्रति क्षेत्रवासियों में उत्सुकता नजर आई।
पुनर्मतदान के दौरान पांच-छह फर्जी मतदाताओं को पकड़ा गया। वे किसी अन्य की जगह मतदान करने पहुंचे थे। दोपहर में दो युवक फर्जी आधार कार्ड की फोटो कॉपी लेकर मतदान करने पहुंचे, लेकिन बूथ के मुख्य गेट पर ही जांच में पकड़े गए। जिन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। शाम को एक वृद्ध महिला भी फर्जी दस्तावेज से मतदान करने पहुंची। जिसे वापस भेजा गया।
वार्ड-50 में कांग्रेस, भाजपा व आरएलपी के अलावा दो निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं। गत 14 सितंबर को 8 राउंड में मतगणना होनी थी, लेकिन बूथ-338 की ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी आने से मतों की गणना नहीं हो पाई थी। सात राउंड तक मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी युवराज सिंह 57 मतों से आगे हैं।
निगम चुनाव के 100 वार्डों में से अब तक 99 वार्डों का परिणाम घोषित किया जा चुका है। कांग्रेस-भाजपा 44-44 सीट, आरएलपी एक और 10 निर्दलीय जीते हैं। अब वार्ड-50 का परिणाम ही तय करेगा कि कांग्रेस लीड हासिल करेगी या भाजपा। पुनर्मतदान के लिए बूथ व आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रवीण कुमार की अगुवाई में भारी जाब्ता तैनात किया गया।