
देवेंद्र सिंह राठौड़
जयपुर जंक्शन पर बढ़ते यात्रीभार और आउटर पर ट्रेनों के इंतजार का दबाव कम करने के लिए रेलवे शहर के पश्चिमी छोर पर स्थित कनकपुरा स्टेशन को सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित करेगा। खातीपुरा (ईस्टर्न गेटवे) की तर्ज पर इसे जयपुर का 'वेस्टर्न गेटवे' बनाने का प्लान तैयार किया गया है। इस पर 21 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि, जल्द ही इसका काम भी शुरू हो जाएगा।
दरअसल, कनकपुरा स्टेशन वैशाली नगर, खातीपुरा, कालवाड़ रोड, सिरसी रोड, भांकरोटा और बिंदायका सहित घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नजदीक स्थित है। इसके बावजूद यहां वर्षों से यात्री सुविधाओं का अभाव रहा है। वर्तमान में यहां से रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन ठहराव महज 16 ट्रेनों का है। अब जयपुर मंडल ने विकास का पूरा प्लान उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
खातीपुरा से नई और स्पेशल ट्रेनों का संचालन होने से जयपुर जंक्शन का दबाव कम हुआ है। इसी तर्ज पर अब कनकपुरा को विकसित किया जाएगा। इससे जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, जैसलमेर और अहमदाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकेगी।
वर्तमान में कनकपुरा स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 2500 यात्रियों का आवागमन होता है। विकास के बाद यात्री क्षमता दस गुना से अधिक करने का लक्ष्य है। अभी यहां 16 ट्रेनों का ठहराव है।
स्टेशन पर नई बिल्डिंग के साथ फस्र्ट और सेकंड एंट्री बनाई जाएगी। एसी व सामान्य प्रतीक्षालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, बाउंड्रीवॉल, सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग विकसित की जाएगी।
जयपुर-सीकर रेलमार्ग स्थित ढेहर के बालाजी स्टेशन पर भी सेकंड एंट्री और नई बिल्डिंग बनाई जाएगी। इसमें बुकिंग कार्यालय, पार्किंग और वेटिंग एरिया विकसित होंगे। स्थानीय लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
कनकपुरा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की कमी का मुददा राजस्थान पत्रिका ने उठाया था। जिसमें स्टेशन पर अधूरी व्यवस्थाओं से हो रही परेशानियों से रू-ब-रू करवाया था। जिसके बाद अब रेलवे ने इस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में विस्तार का निर्णय लिया है।
कनकपुरा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों का प्लान मंडल ने मुख्यालय भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। उम्मीद है कि नए साल में यह नई सौगात मिल जाएगी। इसके विकसित होने से कनकपुरा से नई ट्रेनों का संचालन, विस्तार और ठहराव बढ़ेंगे।