जयपुर

Rajasthan Crime: लिव-इन पार्टनर ने क्यों की प्रेग्नेंट प्रेमिका की हत्या? पुलिस के सामने प्रेमी ने खोले चौंकाने वाले राज

एक तरफ हत्या का राज जमीन के नीचे दबा था और दूसरी तरफ आरोपी पदयात्रा में शामिल होने निकल गया। सात दिन पहले हुई गर्भवती महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर आरोपी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया है।
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Sep 30, 2026
Jaipur Crime News
मृतका किरण रावत व आरोपी प्रवेश कुमार। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। एक तरफ हत्या का राज जमीन के नीचे दबा था और दूसरी तरफ आरोपी पदयात्रा में शामिल होने निकल गया। बिंदायका थाना इलाके के सिंवार मोड़ स्थित प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी में सात दिन पहले हुई गर्भवती महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर आरोपी लिव-इन पार्टनर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला का गला दबाकर हत्या की और शव को मकान के चौक में जमीन खोदकर दफना दिया। वारदात के बाद आरोपी पदयात्रा में शामिल होने सामोद चला गया।

थानाधिकारी अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि हत्या के आरोप में प्रवेश कुमार रावत उर्फ हग्गु (20) निवासी गांव परसा औलिया, थाना सफदरगंज, बाराबंकी (उत्तर प्रदेश), हाल किराएदार प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे किरण के किसी दूसरे व्यक्ति से संबंध होने का शक था। इसी के चलते 23 सितंबर को उसने किरण का गला दबाया और मुंह पर कपड़ा लगाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को उसी मकान के चौक में जमीन खोदकर दबा दिया।

27 सितंबर को मकान मालिक के पहुंचने पर पुलिस को शव दबे होने की सूचना मिली। पुलिस ने शव बाहर निकलवाया तो भ्रूण भी मां के शरीर से अलग हो गया। मृतका की पहचान किरण रावत (35) पुत्री रामचन्द्र, निवासी शाहदतगंज, जिला बाराबंकी के रूप में हुई। इस संबंध में मकान मालिक कृष्ण कुमार मीणा ने मामला दर्ज कराया था।

रिश्ते में चाची थी मृतका, लिव-इन में रह रहे थे

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रवेश कुमार, किरण के साथ किराए के मकान में लिव-इन पार्टनर के रूप में रह रहा था। मृतका रिश्ते में आरोपी की चाची लगती थी। पुलिस के अनुसार प्रेम-प्रसंग के बाद दोनों गांव से जयपुर आए और साथ रहने लगे थे।

शव दफनाने के बाद पदयात्रा में चला गया

पुलिस के अनुसार 23 सितंबर को वारदात के बाद आरोपी पदयात्रा में शामिल होने सामोद चला गया। वहां से लौटने के बाद 24 से 26 सितंबर तक अपनी फैक्ट्री में रहा। 27 सितंबर को घटना का खुलासा होने की आशंका में वह फैक्ट्री मालिक से किराए के 500 रुपए लेकर फरार हो गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए आरोपी का पीछा किया और उसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर पकड़ लिया। वारदात के खुलासे में बिंदायका सीआइ अनिल कुमार जैमिनी, स्पेशल टीम के कांस्टेबल श्रीराम और सुनील सिंह की विशेष भूमिका रही।

Updated on:
30 Sept 2026 08:07 am
Published on:
30 Sept 2026 08:07 am