
जयपुर। महापौर पद के लिए होने वाले नामांकन से पहले चौंकाने वाली बात यह रही कि आज नामांकन का अंतिम दिन होने के बावजूद शुक्रवार को भाजपा की ओर से किसी भी दावेदार के प्रतिनिधि ने नामांकन नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी उतारने की रणनीति सामने आने के बाद जयपुर में अजमेर रोड पर एक रिसॉर्ट से मौजूद भाजपा पार्षदों को देर रात पुष्कर शिफ्ट कर दिया गया। भाजपा की किलाबंदी में 84 पार्षद मौजूद बताए हैं। बताया जा रहा है कि पार्षदों को पुष्कर के द सूर्या गोल्डन पैलेस होटल में ठहराया गया है।
चर्चा यह भी है कि कुछ भाजपा पार्षदों को जयपुर में ही रोका गया है। क्योंकि, शनिवार को महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। माना जा रहा है कि जयपुर में रोके गए पार्षदों में महापौर पद के दावेदार और प्रस्तावक शामिल हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी भी पार्षदों के बीच पहुंची। इस बीच उन्होंने पार्षदों से समूह के रूप में और अलग-अलग व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और महापौर प्रत्याशी के लिए एक बार फिर राय जानी। इसके साथ ही पार्षदों से चर्चा के बाद खाली पर्ची पर वरीयता से 3 नाम लिखवाए गए।
राजस्थान में निकाय प्रमुख के लिए निर्वाचित पार्षद होना अनिवार्य नहीं हैं। ऐसे में जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम में हाइब्रिड विकल्प खुला है। तीनों निकायों में शनिवार को नामांकन का अंतिम दिन है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी इस फॉर्मूले के बहुत ज्यादा पक्ष में नहीं है। इसीलिए महापौर प्रत्याशी चयन में पार्षदों की राय और स्थानीय समीकरणों को आधार बनाकर इन्हें मना कर सकती है।
इस बीच सोशल मीडिया पर महापौर पद के लिए सिंगल नाम चलाए जाते रहे। पार्टी नेतृत्व ने इसे खारिज करते हुए कहा कि आधिकारिक सूचना जारी करने तक सभी नाम सिर्फ अफवाह हैं।
भाजपा के महापौर पद के लिए नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। सूत्रों के अनुसार, अनेक दावेदार पार्षदों के साथ ही गैर पार्षद उम्मीदवार को भी मौका दिए जाने की चर्चा को लेकर पार्षदों में असहमति है। उधर, कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी खड़ा करने की रणनीति के तहत दो नामांकन पत्र लेने के बाद भाजपा भी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है। इसीलिए उसने अपने पार्षदों को जयपुर से पुष्कर शिफ्ट करने का फैसला किया है।