Jaipur Metro: जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए फेज-2 परियोजना का काम जल्द शुरू होने जा रहा है। प्रहलादपुरा से पिंजरापोल तक नए कॉरिडोर और 10 स्टेशनों के निर्माण से शहर को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
जयपुर। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना अब जल्द जमीन पर उतरने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पहले चरण के निर्माण कार्य के लिए 918 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट को स्वीकृति देते हुए एलओए जारी कर दिया है। इससे लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
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पहले पैकेज के तहत प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गोशाला तक करीब 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इस हिस्से में एलिवेटेड वायाडक्ट के साथ 10 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें प्रहलादपुरा, मानपुरा, बीलवा कलां, बीलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जेईसीसी, कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गोशाला शामिल हैं। इसके अलावा डिपो से जुड़ने वाली स्पर लाइन का निर्माण भी इसी पैकेज में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कुल 41 किलोमीटर लंबे फेज-2 प्रोजेक्ट में शेष 29 किलोमीटर के लिए भी जल्द निविदाएं आमंत्रित की जाएं, ताकि परियोजना तय समयसीमा में पूरी हो सके। केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
यह परियोजना मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत साझेदारी में विकसित की जाएगी, जिससे राज्य पर वित्तीय भार कम रहेगा। राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगा और इसे वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल जयपुर मेट्रो में रोजाना करीब 60 हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन फेज-2 शुरू होने के बाद यह संख्या 30 लाख से अधिक होने का अनुमान है।
प्रस्तावित 36 स्टेशनों में से 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड होंगे। इस परियोजना के शुरू होने से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन विकल्प मिलेगा। साथ ही यह जयपुर के शहरी विकास को नई गति देने के साथ ‘विकसित राजस्थान’ के लक्ष्य को भी मजबूत बनाएगी।