जयपुर

जयपुर मेट्रो विस्तार पर बड़ा अपडेट: इन रूटों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी; बस्सी का सपना फिर अधूरा

Jaipur Metro Expansion: राजधानी जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर तैयार हो रही नई कार्ययोजना ने एक बार फिर बस्सी मुख्यालय के लोगों की उम्मीदों को झटका दे दिया है।
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Mar 22, 2026
Jaipur-Metro
जयपुर मेट्रो। फोटो: पत्रिका

जयपुर/बस्सी। राजधानी जयपुर में मेट्रो विस्तार को लेकर तैयार हो रही नई कार्ययोजना ने एक बार फिर बस्सी मुख्यालय के लोगों की उम्मीदों को झटका दे दिया है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और जयपुर मेट्रो प्रशासन जगतपुरा से कानोता तक मेट्रो विस्तार का मास्टर प्लान तैयार करने की दिशा में काम शुरू कर रहे हैं, जबकि पूर्व कांग्रेस सरकार बस्सी तक मेट्रो लाने की डीपीआर बनाने की घोषणा कर चुकी थी।

सूत्रों के अनुसार जयपुर शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और तेजी से बढ़ रहे जगतपुरा-कानोता, हीरापुरा व आमेर बेल्ट को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए विस्तृत रिपोर्ट हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में रखी गई। इसमें जगतपुरा से कानोता तक एलिवेटेड रूट का प्रस्ताव प्रमुख रूप से सामने आया।

कांग्रेस सरकार ने कर दी थी डीपीआर की घोषणा

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में मेट्रो संचालन बस्सी तक करने की घोषणा थी। इसके लिए डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी। लेकिन सरकार बदलते ही यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब नई सरकार मेट्रो रूट का विस्तार केवल कानोता तक ही सीमित करने पर विचार कर रही है।

जयपुर-बस्सी में नहीं कोई फासला

जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग व जयपुर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बस्सी शहर बसा हुआ है। भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो बस्सी की जयपुर से अब दूरी भी अधिक नहीं रही है। लेकिन बस्सी इतना बड़ा शहर होते हुए भी यहां पर रोडवेज बसों का ठहराव बहुत ही कम हो रहा है तो सुपरफास्ट ट्रेनों का भी ठहराव नहीं हो रहा है। यहां मात्र चार ही ट्रेनों का ठहराव होता है। समाजसेवी राधामोहन सैन बताते हैं कि बस्सी जयपुर का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार है। इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।

सेक्टर रोड भी ठंडे बस्ते में

कांग्रेस सरकार ने जयपुर के दक्षिणी हिस्से को बस्सी से जोड़ने के लिए रिंग रोड से बस्सी तक 600 फीट सेक्टर रोड स्वीकृत कर दिया था, जिसका डिमार्गेशन भी हो गया था, लेकिन सरकार बदलते ही वह भी ठण्डे बस्ते में चला गया। भाजपा सरकार में इसको 600 फीट से कम कर 200 फीट चौड़ा करने की बात सामने आई थी, लेकिन ढाई वर्ष में इस सड़क का भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।

इनका कहना है

पहले मेट्रो कानोता तक आने दो, फिर बस्सी तक विस्तार की कोशिश की जाएगी। कानोता तक आने में भी अभी समय लगेगा।
-कन्हैयालाल मीना, पूर्व विधायक बस्सी

कांग्रेस सरकार ने बस्सी तक मेट्रो विस्तार के लिए डीपीआर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार बदल गई। भाजपा -सरकार के काल में तो कानोता तक भी मुश्किल आएगी। लक्ष्मण मीना, विधायक बस्सी

Updated on:
22 Mar 2026 02:31 pm
Published on:
22 Mar 2026 10:57 am