
Jaipur Metro : जयपुर. बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक जयपुर मेट्रो के विस्तार की राह में अब जमीन के नीचे सुरंग बनाने का काम शुरू हो गया है। बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक (फेज-1सी) में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘प्रताप’ ने खुदाई की शुरुआत की। इस टीबीएम की लम्बाई 95 मीटर है। तीन किलोमीटर भूमिगत ट्रैक तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। जुलाई तक सुरंग बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस माह के अंत तक दूसरी मशीन ‘कुंभा’ दूसरी टनल खोदने का काम शुरू कर देगी। मेट्रो मुख्य सड़क से करीब 17 मीटर नीचे चलेगी।
शनिवार को टनल खुदाई का शुभारंभ मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रस्तावित गलता गेट मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। जयपुर मेट्रो-2 का काम भी जल्द गति पकड़ेगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर मेट्रो के विस्तार कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा निर्माण के दौरान श्रमिकों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकारी एजेंसियों को श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए यातायात प्रबंधन और धूल नियंत्रण संबंधी निर्धारित मानकों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने तथा आस-पास की ऐतिहासिक इमारतों की निगरानी रिपोर्ट की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की महत्वाकांक्षी परियोजना है और चरण-1सी के तहत सुरंग निर्माण की शुरुआत इसके विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होने गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के लिए जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वैभव गालरिया तथा उनकी पूरी टीम की सराहना की।
बड़ी चौपड़ से रामगंज चौपड़ होते हुए भूमिगत ट्रैक गलता गेट तक आएगा। गलताजी मेट्रो स्टेशन को हैरिटेज लुक दिया जाएगा।
जयपुर मेट्रो के एमडी वैभव गालरिया ने बताया कि फेज-2 पर प्रस्तावित भूमिगत एयरपोर्ट स्टेशन का कार्यादेश इसी महीने जारी किया जाएगा। शेष दो पैकेज एयरपोर्ट से कलक्ट्रेट और कलक्ट्रेट से टोड़ी मोड़ तक के कार्यादेश नवंबर तक जारी कर दिए जाएंगे। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम तेज होगा।
एमडी वैभव गालरिया के अनुसार, फेज-1सी को अप्रेल 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। फेज-1 डी (मानसरोवर मेट्रो स्टेशन से 200 फीट बाईपास तक) का काम अगले वर्ष जुलाई तक पूरा करने की योजना है। जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की लागत करीब 13500 करोड़ रुपए है और लंबाई लगभग 42 किलोमीटर प्रस्तावित है। सरकार फेज-2 को लेकर भी गंभीर है।