
जयपुर नगर निगम के नए महापौर की दौड़ में भारतीय जनता पार्टी के वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी ने बाज़ी मार ली है।
लंबी चली मंत्रणा के बाद आखिरकार BJP पार्टी ने कोठारी के नाम पर एकराय बना ली। संगठन के स्तर पर अंतिम दौर की बैठकों के बाद सुनील कोठारी के नाम से नामांकन पत्र ले जाया गया और वे दोपहर 3 बजे से पहले अपना पर्चा दाखिल करेंगे। करीब तीन दशकों से पार्टी से जुड़े रहने वाले वैश्य (जैन) समाज के प्रतिनिधि और जाने-माने ज्वेलर सुनील कोठारी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बेहद करीबी माना जाता है, जिससे जयपुर की मेयर सीट पर उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
हाल ही में संपन्न हुए जयपुर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर परकोटा क्षेत्र के किशनपोल विधानसभा अंतर्गत आने वाले वार्ड 112 से सुनील कोठारी को मैदान में उतारा था। कोठारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष शर्मा को 905 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपनी साख साबित की थी। इस जीत के साथ ही वे मेयर पद के सबसे प्रबल दावेदार बन गए थे।
सुनील कोठारी का राजस्थान और जयपुर भाजपा के संगठन में लंबा अनुभव रहा है। वे पिछले 30 वर्षों से पार्टी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। पूर्व में वे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। संगठन में गहरी पकड़ के साथ-साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शीर्ष प्रदेश नेतृत्व के साथ उनके मजबूत रिश्तों को भी उनकी दावेदारी के पक्ष में मुख्य वजह माना जा रहा है।
राजनीतिक कद के अलावा सुनील कोठारी जयपुर के जाने-माने और प्रतिष्ठित कारोबारी हैं। वे 'कोठारी जेम्स एंड ज्वेलरी' ग्रुप के मालिक हैं और उनका जेम्स एंड ज्वेलरी का व्यापार देश के साथ-साथ विदेशों में भी फैला हुआ है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास कुल 35.87 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है, जिससे वे इस बार जयपुर नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने वाले सबसे अमीर पार्षद भी हैं। जयपुर और मुंबई जैसे महानगरों में उनकी व्यावसायिक संपत्तियां स्थित हैं।
भाजपा की ओर से मेयर कैंडिडेट को लेकर दो नाम सबसे ऊपर चल रहे थे। संगठन में वरिष्ठता के आधार पर सुनील कोठारी और नगर निगम में अनुभव के आधार पर पूर्व डिप्टी मेयर रहे पुनीत कर्णावट के बीच में से किसी एक के चयन का फैसला करना था। अब खबर है कि काफी सोच विचार करके मेयर कैंडिडेट के लिए सुनील कोठारी के नाम पर सहमति बनी है। वहीं पुनीत कर्णावट को एक बार फिर से डिप्टी मेयर बनाया जा सकता है।
एक तरफ जहां भाजपा अपने 78 पार्षदों के स्पष्ट बहुमत के साथ निश्चिंत नजर आ रही है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस भी चुनाव मैदान को खाली नहीं छोड़ना चाहता। कांग्रेस खेमे की ओर से भरत मेघवाल और सुनीता मावर के नाम से नामांकन फॉर्म लिए गए हैं। हालांकि, पर्याप्त पार्षदों का आंकड़ा न होने के बावजूद कांग्रेस रणनीति के तहत अपना प्रत्याशी उतार रही है। यदि मुकाबला एक से अधिक उम्मीदवारों के बीच बना रहता है, तो 25 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।
जयपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। सुबह 10:30 बजे से रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र जमा करने की प्रक्रिया जारी है, जो दोपहर 3:00 बजे समाप्त हो जाएगी। भाजपा की ओर से आधिकारिक ऐलान का औपचारिक इंतजार किया जा रहा है, लेकिन सुनील कोठारी के समर्थकों द्वारा नामांकन पत्र खरीद लिए जाने के बाद यह तय माना जा रहा है कि पार्टी का चेहरा वही होंगे।