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Rajasthan Elections: पत्नी कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी, इधर पति सरकारी सेवा से सस्पेंड, जानिए चुनाव के बीच क्यों चर्चा में है सख्त कार्रवाई?

Alwar News : राजस्थान के कठूमर नगर पालिका चुनाव के बीच बड़ी कार्रवाई। कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी सोरनदेई के पति राजीव कुमार निलंबित।
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अलवर

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Nakul Devarshi

Sep 19, 2026

rajasthan kathumar poll congress candidate husband suspended 

AI PIC

राजस्थान के अलवर जिले की कठूमर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी प्रशासनिक और राजनीतिक खबर सामने आई है। कठूमर नगर पालिका से कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी सोरनदेई के पति और ग्राम पंचायत टोडा में कार्यरत कनिष्ठ सहायक राजीव कुमार को तुरंत प्रभाव से सरकारी सेवा से निलंबित कर दिया गया है। विकास अधिकारी पंचायत समिति कठूमर की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार राजीव कुमार बीते 8 सितंबर से बिना किसी पूर्व सूचना या प्रशासनिक अनुमति के अपनी सरकारी ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित पाए गए थे। चुनाव के ऐन मौके पर एक पंचायत कर्मचारी और कांग्रेस प्रत्याशी के पति पर हुई इस कड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

गौरतलब है कि कठूमर नगरपालिका में पहली बार चेयरमैन पद का चुनाव हो रहा है। इस पद के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। कांग्रेस की तरफ से वार्ड 16 की पार्षद सोरन देई हैं, तो उनके मुकाबले में भाजपा ने वार्ड 7 से निर्दलीय जीतीं मणि देवी को अपना उम्मीदवार बनाया है। कठूमर नगरपालिका का चेयरमैन पद अनुसूचित जाति (SC) महिला के लिए आरक्षित है। इस पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होगा।

बिना अनुमति ड्यूटी से गायब रहने पर एक्शन

कठूमर पंचायत समिति के विकास अधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत टोडा में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात राजीव कुमार 8 सितंबर से अपने कार्यस्थल से नदारद थे। उन्होंने न तो कोई अवकाश का आवेदन दिया था और न ही अपने उच्च अधिकारियों को अनुपस्थित रहने की कोई पूर्व सूचना दी थी। इसे सरकारी कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही और प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन मानते हुए राज्य सेवा नियमों के तहत तुरंत प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।

जिला परिषद अलवर तय किया गया हेडक्वार्टर

निलंबन काल के दौरान राजीव कुमार का नया मुख्यालय जिला परिषद कार्यालय, अलवर निर्धारित किया गया है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि नियमानुसार निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही दिया जाएगा। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच भी शुरू कर दी गई है।

नगर पालिका चुनाव से है सीधा कनेक्शन

इस निलंबन की कार्रवाई को महज एक प्रशासनिक कदम नहीं माना जा रहा है, क्योंकि राजीव कुमार का सीधा संबंध कठूमर नगर पालिका के मौजूदा अध्यक्ष चुनाव से है। उनकी पत्नी सोरनदेई हाल ही में संपन्न हुए निकाय चुनावों में वार्ड 16 से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्षद बनी हैं। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी ने उन्हें नगर पालिका अध्यक्ष पद का आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है।

चुनावी बाड़ाबंदी और गायब होने के कयास

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि 8 सितंबर से राजीव कुमार का ड्यूटी से गायब होना नगर पालिका चुनाव की राजनीतिक घेराबंदी और प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी से जुड़ा हो सकता है। अध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान और अपनी पत्नी के प्रचार व चुनावी समीकरणों को संभालने के चलते वे सरकारी ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। हालांकि, इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह केवल प्रशासनिक अनुशासनहीनता का मामला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव भी काम कर रहा है।

कठूमर के राजनीतिक माहौल में गर्माया मुद्दा

कांग्रेस प्रत्याशी के पति पर हुए इस निलंबन के बाद कठूमर नगर पालिका चुनाव का सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ जहां प्रशासनिक अधिकारी इसे नियमों के तहत की गई सामान्य विभागीय कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस खेमे और स्थानीय समर्थकों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं। अब देखना यह होगा कि इस प्रशासनिक कार्रवाई का असर अध्यक्ष पद के अंतिम चुनावी नतीजों पर किस तरह पड़ता है।