
Jaipur Blind Murder Case: राजधानी जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना इलाके में हुए एक सनसनीखेज अंधे मर्डर केस का पुलिस ने महज चार घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस बेरहम हत्याकांड के आरोप में मृतक के सगे भतीजे और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहचान छुपाने की नीयत से मृतक का चेहरा पत्थरों से बुरी तरह कुचल दिया था।
पुलिस की तकनीकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद इस खौफनाक वारदात का खुलासा हो सका। दोनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर बिहार भागने की फिराक में थे।
पुलिस सिपाही (उत्तर) करण शर्मा के अनुसार, 28 जून की सुबह केशव विद्यापीठ रोड स्थित रोहित नगर इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति की सड़ी-गली लाश मिलने की सूचना मिली थी। शव कई दिन पुराना हो चुका था और चेहरा क्षत-विक्षत होने के कारण उसकी शिनाख्त करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। पुलिस ने तुरंत जयसिंहपुरा खोर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
हत्यारों तक पहुंचने और शव की पहचान करने के लिए पुलिस ने इलाके में सघन 'डोर-टू-डोर सर्वे' अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस को पहली कामयाबी मिली जब बिहार के रहने वाले सुरेश नामक व्यक्ति ने बताया कि उसका साला जयप्रकाश कुमार पिछले चार-पांच दिनों से लापता है। इसके बाद मृतक के कपड़ों और हुलिए के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान जयप्रकाश के रूप में की।
पहचान सुनिश्चित होते ही पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। इलाके के करीब 750 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर सामने आया कि घटना वाले दिन जयप्रकाश को आखिरी बार उसके भतीजे नीतिश कुमार (निवासी औरंगाबाद, बिहार) और उसके साथी विकास कुमार के साथ देखा गया था।
संदेह के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नीतिश और विकास को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सके और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जयप्रकाश की हत्या करने के बाद पहचान मिटाने के लिए पत्थरों से उसका सिर और चेहरा कुचल दिया था। वारदात के बाद दोनों जयपुर से बिहार भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेरते हुए उन्हें दबोच लिया। फिलहाल, पुलिस आरोपियों से हत्या के मुख्य कारणों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है।