जयपुर

Jaipur : टूटने की कगार पर थे वर्षों पुराने रिश्ते, लोक अदालत ने दूर किए गिले-शिकवे, फिर एक हुए पति-पत्नी

Jaipur : राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को मुकदमों के निस्तारण के साथ कई परिवारों को बिखरने से भी बचाया गया। पारिवारिक न्यायालयों में काउंसलिंग और समझाइश से वर्षों पुराने रिश्तों में आई दरारें भर गईं।
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National Lok Adalat : जयपुर. लोक अदालत में काउंसलिंग से दूर हुए गिले-शिकवे। फोटो पत्रिका

Jaipur : जयपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को मुकदमों के निस्तारण के साथ कई परिवारों को बिखरने से भी बचाया गया। पारिवारिक न्यायालयों में काउंसलिंग और समझाइश से वर्षों पुराने रिश्तों में आई दरारें भर गईं। लंबे समय से अलग रह रहे दंपती आपसी गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ रहने को राजी हो गए। वहीं, सड़क हादसों के मामलों में पीड़ित परिवारों को पांच करोड़ रुपए से अधिक की क्षतिपूर्ति भी मिली।

माला पहनाकर कराया मुंह मीठा

पारिवारिक न्यायालय क्रम संख्या-2 के न्यायाधीश विशाल भार्गव के प्रयासों से 13 साल पुराने दांपत्य रिश्ते में सुलह हो गई। दोनों पक्ष अलग-अलग अदालत पहुंचे थे, लेकिन लगातार काउंसलिंग और समझाइश के बाद उनके गिले-शिकवे दूर हो गए। दोनों अपने बच्चों के साथ नई शुरुआत करने के लिए खुशी-खुशी घर रवाना हुए। वहीं एक अन्य मामले में करीब एक साल से अलग रह रहे दंपती के सात साल पुराने विवाह को भी टूटने से बचा लिया गया। समझौते के बाद दोनों दंपतियों को फूलों की माला पहनाकर और मुंह मीठा करवाकर विदा किया गया। इसमें पारिवारिक न्यायालय बार एसोसिएशन अध्यक्ष डीएस शेखावत व वकीलों ने भी पक्षकारों से समझाइश की।

National Lok Adalat : जयपुर. लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में भी समझौते हुए। फोटो पत्रिका

सड़क हादसों के मामलों में पांच करोड़ से अधिक की राहत

लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में भी समझौते हुए। स्टर्लिंग इंडो टेक कंसल्टेंट कंपनी के एमडी अजय अरोड़ा और जीएम राजेंद्र सिंह कोरंगा की 1 अप्रेल 2024 को हुई दुर्घटना के मामले में एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने राजीनामा किया। अरोड़ा के परिजन को 3.60 करोड़ और कोरंगा के परिजन को 1.40 करोड़ रुपए के चेक दिए गए। एक अन्य मामले में मोटरसाइकिल सवार शिक्षक रत्नदीप की मृत्यु के प्रकरण में 99 लाख रुपए में समझौता हुआ। परिजन को लोक अदालत में ही चेक सौंपा गया।

लोक अदालत में 8.38 लाख प्रकरण रखे

राजस्थान हाईकोर्ट के नए भवन में न्यायाधीश महेंद्र कुमार गोयल ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत केवल मुकदमों के निस्तारण का माध्यम नहीं, बल्कि आपसी कड़वाहट दूर करने और सामाजिक सौहार्द बढ़ाने का मंच भी है। यहां हार-जीत के बजाय सहमति से विवादों का शांतिपूर्ण समाधान होता है। इस दौरान न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन, न्यायाधीश रवि चिरानिया, न्यायाधीश संदीप तनेजा, न्यायाधीश आनंद शर्मा, न्यायाधीश संगीता शर्मा और न्यायाधीश शुभा मेहता सहित हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीश भी उपस्थित रहे।

आंकड़ों के आईने में लोक अदालत

प्रदेशभर में 8,38,727 प्रकरण निस्तारण के लिए रखे गए थे। इनमें 3,55,000 न्यायालयों में लंबित और 4,83,727 प्री-लिटिगेशन मामले थे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की 499 बेंचों पर 8,34,488 प्रकरण रेफर किए गए। वहीं, जयपुर हाईकोर्ट पीठ की चार बेंचों में 1,700 और जोधपुर मुख्यपीठ की चार बेंचों में 2,619 प्रकरण सुनवाई के लिए रेफर हुए।

Updated on:
10 Oct 2026 08:42 pm
Published on:
10 Oct 2026 08:41 pm