
Jaipur Neerja Sharma Murder Case: जयपुर के नीरजा शर्मा हत्याकांड में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में मां की हत्या की साजिश रचने और सुपारी देने के आरोप उनकी बेटी आयुषी शर्मा पर लगे हैं। आरोप है कि अनुकंपा नौकरी और करोड़ों की संपत्ति को लेकर आयुषी अपनी मां से नाराज थी और उसने चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर हत्या का प्लान बनाया। मामले में पुलिस आरोपी आयुषी से लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ के दौरान आयुषी के रवैये को देखकर पुलिस ने आयुषी के माइंड को शार्प बताया है।
आयुषी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके व्यवहार को लेकर भी कई बातें कही हैं। पुलिस का कहना है कि सवाल-जवाब के दौरान आयुषी के चेहरे पर मां की मौत को लेकर कोई पछतावा नजर नहीं आया। पूछताछ के दौरान वह पुलिस को उल्टे जवाब देती नजर आई। पुलिस का कहना है कि LLB फाइनल ईयर की छात्रा आयुषी बहुत चालाक और स्ट्रॉन्ग माइंड की है। कानून की पढ़ाई की वजह से वह कानूनी पहलुओं को अच्छी तरह समझती है और वह हार्डकोर अपराधी जैसी शार्प है।
आयुषी के पिता विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा अदालत में LDC के पद पर काम करते थे। लगभग एक साल पहले उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद परिवार के किसी एक सदस्य को अनुकंपा नौकरी मिलनी थी। 12वीं पास आयुषी चाहती थी कि यह नौकरी उसे मिले। शुरुआत में उसकी मां नीरजा भी इसके लिए तैयार थीं, लेकिन बाद में नीरजा ने अपने भाई की सलाह मानकर खुद पति की जगह नौकरी जॉइन कर ली। बताया जा रहा है कि मां के इसी फैसले से आयुषी नाराज हो गई और इसके बाद वह अपने पिता के कल्याण कॉलोनी वाले पुराने घर में रहने चली गई।
पुराने मकान में आयुषी अपने ताऊ मोहन स्वरूप शर्मा के बेटे बलराम के साथ रहने लगी। दोनों ने LLB में एडमिशन लिया था। आरोप है कि इसी दौरान आयुषी ने बलराम के सामने अपनी मां की हत्या कराने की बात रखी। मदद के बदले उसने आगरा रोड की पांच बीघा और भरतपुर की चार बीघा जमीन देने की बात कही। इन जमीनों की कीमत करीब पांच-पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। बता दें कि इस मामले में बलराम और आयुषी के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
आरोप है कि बलराम ने आयुषी की बात अपने पिता मोहन शर्मा को बता दी। इसके बाद नीरजा की हत्या को सड़क हादसा दिखाने का प्लान बनाया गया। मोहन ने भरतपुर के रहने वाले हेमंत शर्मा से संपर्क किया। करीब एक महीने पहले हेमंत ने थार से नीरजा को कुचलने की कोशिश की, लेकिन वह बाल-बाल बच गईं।
पहला प्लान फेल होने के बावजूद आयुषी पीछे नहीं हटी और उसने अपने ताऊ मोहन शर्मा से दूसरा रास्ता निकालने को कहा। इसके बाद मोहन ने फिर हेमंत शर्मा से संपर्क किया। पुलिस का दावा है कि हेमंत ने सात लाख रुपये में हत्या की जिम्मेदारी ली। इसके लिए हरियाणा नंबर की एक SUV 35 हजार रुपये में किराये पर ली गई और मौका मिलते ही नीरजा को टक्कर मारकर उनकी हत्या कर दी गई।