
भवनेश गुप्ता / जयपुर। शहर के करीब तीन लाख लोगों को अब सरकारी पानी मिलने की उम्मीद पूरी हो जाएगी। बीसलपुर बांध ( Bisalpur Dam ) में लगातार पानी की आवक के बाद जलदाय विभाग ने मौजूदा प्रोजेक्ट क्षेत्र में पानी सप्लाई शुरू करने पर सहमति जता दी है। यहां काम पूरा होते ही सप्लाई शुरू होगी। इसमें मुख्य रूप से जगतपुरा, खोनागोरियान व आमेर का इलाका शामिल है, जबकि जगतपुरा में अगले वर्ष अंतिम माह तक काम पूरा होगा। जलदाय विभाग अधिकारी कुछ दिन पहले तक इन इलाकों में पेयजल सप्लाई पर आशंका जताते रहे हैं। इन इलाकों में हर दिन 45 एमएलडी (450 लाख लीटर) पानी की जरूरत होगी।
(1) खोनागोरियान प्रोजेक्ट..
—59.35 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
—1.25 लाख आबादी को मिलेगा बीसलपुर पानी
—29 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है शामिल
—5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से होगी शुरुआत
—275 किलोमीटर लम्बाई में बिछ रही पेयजल लाइन
—150 लाख लीटर पेयजल प्रतिदिन होगी सप्लाई
—5 जगह टंकी का निर्माण
अभी व्यवस्था— टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। पीवीसी टंकियों में टैंकरों के जरिए पानी भरा जा रहा। इसी में से पानी लेकर घरों तक ले जाने की मजबूरी।
(2) जगतपुरा प्रोजेक्ट..
—34 करोड़ रुपए का है प्रोजेक्ट
—1.30 लोगों की आबादी को सुविधा
—36 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है शामिल
—6 वर्ग किलोमीटर से होगी शुरुआत
—175 किलोमीटर लम्बाई में बिछी लाइन
—6 जगह पम्प हाउस बनाए गए
—10 जगह पानी की टंकी का निर्माण
अभी व्यवस्था— सरकारी व निजी टैंकर और ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। यहां भूजल में नाइट्रेट व फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा है। कई ट्यूबवेल के पानी की जांच भी हुई जो मानकों में फेल हुए। यही पानी लोगों को पिलाया जा रहा है।
(3) जामडोली प्रोजेक्ट..
—64 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
—90 हजार आबादी को मिलेगा बीसलपुर पानी
—26 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है शामिल
—18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से होगी शुरुआत
—290 किलोमीटर लम्बाई में बिछेगी पेयजल लाइन
—110 लाख लीटर पेयजल प्रतिदिन होगी सप्लाई
—8 जगह बन रही टंकी
अभी व्यवस्था— कुछ जगह ही पेयजल लाइन, लेकिन अधिकतर आबादी निजी पेयजल व्यवस्था पर निर्भर। यहां के लोग कई बार सड़कों पर उतरे।
(4) आमेर प्रोजेक्ट..
कई जगह तो पेयजल लाइन से पानी पहुंच रहा है लेकिन ज्यदातार जगह ट्यूबवेल व टैंकर के भरोसे। कुछ माह पहले ही विधायक सतीश पूनिया ने धरना दिया था।