जयपुर

Public Ka Panna: कहीं मलबे में तब्दील स्कूल तो कहीं सड़कों पर कचरे का अंबार, बदहाली से बेहाल जयपुर

Public Ka Panna : 'पत्रिका' की नई पहल, 'पब्लिक का पन्ना' से जुड़ कर जयपुर की जनता ने अपनी परेशानियां हमसे साझा की हैं। जनता ने सिस्टम से कई बार गुहार लगाई, पर समाधान नहीं मिला। कुछ समस्याएं तो जानलेवा हो गईं है। जानिए अपने शहर की जनता का दर्द।
8 min read
Sep 21, 2026
Public Ka Panna
Public Ka Panna : फोटो पत्रिका। सड़क, पानी, सफाई, ट्रैफिक, पार्किंग, अतिक्रमण, स्कूल, अस्पताल, बिजली, स्ट्रीट लाइट और सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याएं हमें भेजें। आपके मोहल्ले की अच्छी पहल, किसी व्यक्ति या संस्था की उपलब्धि, बच्चों-युवाओं की सफलता और कोई भी प्रेरक सकारात्मक खबर भी हमें भेजें। ऊपर दिया QR Code स्कैन करें।

जयपुर. राजधानी में स्मार्ट सिटी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर तस्वीर कुछ और ही नजर आती है। कहीं जर्जर स्कूल की इमारत गिराए चार महीने बीत चुके हैं, फिर भी मौके पर मलबा पड़ा है। वहीं, शहर की पॉश कॉलोनियों की मुख्य सड़कें और डिवाइडर भी कचरे के ढेर में बदल गए हैं। कचरे से उठती बदबू और मच्छरों के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोग लगातार निगम और प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। पत्रिका के 'पब्लिक का पन्ना' से शहर के अलग-अलग इलाकों से सामने आई ऐसी ही तस्वीरों के जरिए लोगों ने अपनी परेशानी बताई है।

120 दिन बाद भी मलबा उठाने की जिम्मेदारी तय नहीं

चार महीने पहले सरकारी बालिका स्कूल की जर्जर इमारत को जमींदोज कर दिया, उसका मलबा अब तक नहीं उठाया है। ऐसे में स्कूल परिसर और आस-पास का क्षेत्र मलबे, गंदगी और कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। स्थानीय लोगों के लिए यह मलबा अब रोज की परेशानी बन गया है। हवा चलने या वाहनों की आवाजाही के दौरान मलबा बार-बार सड़क तक जाता है, जिससे राहगीरों को निकलने में दिक्कत होती है। वहीं, लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं और आस-पास की नालियां भी मलबे व कचरे से जाम पड़ी हैं। स्कूल के पास से गुजरते समय बच्चों, बुजुर्गों महिलाओं को परेशानी होती है। लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर दिलाया, अब तक समाधान नहीं हुआ। जर्जर भवन गिराने के चार महीने बाद भी मलबा उठाने की जिम्मेदारी तय ही नहीं हुई।
-चंदा शर्मा, हरमाड़ा गांव, थाने के सामने

जर्जर स्कूल भवन चार माह से जमींदोज

40 साल पुराना था स्कूल भवन

इस जगह पर संचालित स्कूल में एक से आठवीं तक कक्षाएं संचालित होती थीं। स्कूल का भवन 40 साल पुराना था, जो कि जर्जर हो गया था। जमींदोज होने के बाद स्कूल को 200 मीटर दूर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है। वहीं, प्रिंसिपल ने मलबा उठाने के लिए टेंडर नहीं होने की बात कही।
-नितिन शर्मा, जयपुर

यहां विकास है कम, कचरा ज्यादा…

केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जयपुर को स्मार्ट सिटी में शामिल किया है। वहीं, सरकारी तंत्र की उदासीनता ने शहर की तरक्की की नई परिभाषा गढ़ी है। इसके तहत कई इलाकों में विकास कम और कचरा ज्यादा दिखाई देता है।
-वसुधा रंजन, मुहाना मंडी, गेट नं. 3 के पास

डिवाइडर पर कई दिनों से पड़ा है कचरा

मुहाना मंडी गेट-3 के सामने लंबे समय से कचरा जमा है। निगम में इसकी शिकायत दर्ज कराने के बाद सफाईकर्मी आते हैं, कचरा पूरी तरह नहीं हटाए जाने से सड़क किनारे गंदगी बनी रहती है। मानसरोवर, मान्यावास, सोहन नगर ए में डिवाइडर पर लंबे समय से कचरा पड़ा हुआ है। निगम के सफाईकर्मियों की लापरवाही से क्षेत्र में गंदगी का माहौल बना हुआ है। कई बार निगम में भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यहां से कचरा उठवाने के साथ ही निगम की ओर से नियमित सफाई कराई जाए।

कई दिनों से पड़ा है कचरा

वार्ड 73 में सेक्टर 2 के पास पार्क के पास कई दिन से कचरे का ढेर लगा हुआ है। कचरे से दुर्गंध आने के साथ ही मक्खी-मच्छर भी पनप रहे हैं। लोगों ने सुबह इधर से वॉक करना ही छोड़ दिया है।
- सुरेंद्र बिंदल, मालवीय नगर, सेक्टर 2

दो भाइयों ने बदली पार्क की तस्वीर

नया खेड़ा स्थित गिरधर पार्क के सामने कचरे का अंबार लगा हुआ है। कई बार दुर्गंध के कारण इधर से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। निगम में कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नही हुआ।
- आशुतोष शर्मा, कृष्णा कॉलोनी

बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती, जरूरत होती है पहल करने की। करीब तीन साल पहले बदहाल पार्क से स्वच्छता और हरियाली की मुहिम शुरू की। श्रमदान कर सफाई की और धीरे-धीरे बंजर नजर आने वाला पार्क आज हरा-भरा हो चुका है। यहां रोज सैकड़ों बच्चे खेलने आते हैं।

रोजाना श्रमदान

कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर ट्री-गार्ड लगाकर 15-20 पौधे लगाए। नियमित देखभाल से सभी पौधे सुरक्षित हैं। अब 10-15 लोगों की टीम रोज सुबह एक घंटे और रविवार को तीन से चार घंटे श्रमदान करती है। बिना बाहरी आर्थिक सहायता के चल रही मुहिम को लोग अब 'प्रकृति प्रेमी' टीम के नाम से जानते हैं।

कॉलोनी में लगा है मलबे का ढेर

200 फीट बाइपास स्थित वैभव नगर के जोन नंबर 30 में कुछ लोगों द्वारा लगातार निर्माण सामग्री और मलबा डाला जा रहा है। कॉलोनी की सड़कों और आस-पास के खाली स्थानों पर गंदगी फैलने के साथ ही क्षेत्र का माहौल भी खराब हो रहा हैं।
- पंकज चौधरी, वैशाली नगर

कॉलोनी में कचरे का ढेर

पुलिस से शिकायत

इस मामले की शिकायत कई बार नगर निगम और स्थानीय थाना पुलिस से भी की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शहर के प्रमुख इलाके की इस कॉलोनी का हाल ये है कि मलबा डालने वाले लोगों को रोकने पर वे झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। इससे आस-पास के लोगों में असुरक्षा का माहौल बना है।

निगम की टीम मौके का निरीक्षण कर मलबा डलवाने वालों पर कार्रवाई करे। मलबे को तत्काल हटाया नहीं गया तो गंदगी की समस्या और बढ़ सकती है।
-प्रीतम सिंह, वैभव नगर, वैशाली नगर

दो साल से गड्ढे में जमा हो रहा गंदा पानी

गड्ढे में भरा पानी (फोटो- मनोज कुमार, शिव शक्ति नगर)

निर्माण नगर को किंग्स रोड से मिलाने वाली सड़क पर दो साल से बहुत बड़ा गड्ढा है। इसमें बारिश, सीवर के साथ ही मल्टी स्टोरी बिल्डिंग से निकलने वाला पानी जमा हो जाता है। इससे यहां मच्छर पनपते हैं।

'हाथ में रखें थैला, देश को न करें मैला'

सड़क पर गाय को प्लास्टिक खाते हुए देखकर कुछ वर्ष पहले पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल शुरू की थी। अभियान चलाकर अब तक कपड़े के 8 हजार थैले बांटे जा चुके हैं। लोगों को पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने के लिए भी जागरूक किया है। कपड़े के थैले को प्लास्टिक के विकल्प के रूप में तैयार किया। अब सुबह-शाम दोस्तों के साथ दुकानों और बस्तियों में कपड़े के थैले बांटते हैं। लोगों को इसके उपयोग के लिए भी प्रेरित करते हैं।
-घनश्याम पारीक, @विद्याधर नगर

पत्रिका इम्पैक्ट: सड़कों को दुरुस्त करने का काम शुरू

राजस्थान पत्रिका के 14 सितंबर के अंक में 'पब्लिक का पन्ना' में प्रकाशित लोगों की समस्याओं के निस्तारण का काम भी शुरू हो गया है। बारिश के बाद जेडीए ने सड़कों को सही करना शुरू कर दिया है। मुहाना, कटेवा नगर, भारत नगर और सुल्तान नगर में ग्रेवल-मिट्टी भर सड़कों को यातायात के लिए सुगम बनाया है। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आस-पास की कॉलोनियों में डामरीकरण का काम होगा। अजमेरी गेट और आस-पास के इलाके में निगम ने सफाई अभियान चलाया। सड़क किनारे पड़ी गंदगी को हटवाया। कोचिंग हब के सामने सीवर की समस्या को निगम की टीम ने दूर किया। गांधी पथ-पश्चिम की स्ट्रीट लाइटों को भी दुरुस्त किया जाएगा। जेडीए की टीम ने वहां पहुंचकर स्थिति देखी।

पब्लिक स्पीक

गढ़ गणेश मंदिर के पास लाइटें खराब

गढ़ गणेश मंदिर, गढ़ गैटोर रोड सर्कल के पास रोड लाइटें खराब पड़ी हैं। बुधवार-रविवार को सुबह और देर शाम तक यहां काफी लोग आते हैं। अंधेरे के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी व सुरक्षा संबंधी समस्या भी हो सकती है। - प्रेम चंद महावर, कोली बस्ती, ब्रह्मपुरी

बारिश के पानी से सड़कों में गड्ढे

क्षेत्र में कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। हाल ही हुई बारिश के पानी से सड़कों में गड्ढे हो गए। वहीं, रंगोली गार्डन रोड का कार्य भी रुका हुआ है। इससे आम जन को भारी परेशानी से गुजरना पड़ता है।- तारा चंद साहू, रिद्धि नगर, महाराणा प्रताप मार्ग

दो-तीन महीने में होती है सफाई

चित्रकूट योजना के सेक्टर-9 की कॉलोनी की सड़कों की साफ-सफाई दो-तीन महीने में कभी-कभार होती है। इससे गंदगी के साथ संक्रामक बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। निगम के पास नियमित सफाईकर्मियों की कमी हो तो ठेकेदार के माध्यम से सफाई कराई जाए। -सुभाष गर्ग, चित्रकूट योजना

पांच्यावाला- सड़क के बीच में लगा है ट्रांसफार्मर, अतिक्रमण भी

गली नंबर 5 में सड़क के बीचो-बीच लंबे समय से ट्रांसफॉर्मर्स बना हुआ है, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता हैं। साथ ही गली में रहने वाले लोगों ने ने सड़क सीमा में अतिक्रमण कर रखा है। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई है। वहीं, जेडीए ने भी उसी स्थिति में सड़क बना दी है।- बृजपाल सिंह, सिरसी रोड

दो महीने से टूटा पड़ा है सीवर का चैम्बर

सिविल लाइंस जैसे शहर के प्रमुख और पॉश इलाके की कॉलोनी में सीवर लाइन के चैम्बर का ढक्कन गत दो माह से टूटा पड़ा है। इधर से कई बार जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी भी गुजर चुके हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। बच्चों के इसमें गिरने या वाहन चालक के दुर्घटनाग्रस्त होने का भी खतरा है। - अब्दुल मजीद, राजीव नगर

रिहाइशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधियां

हाउसिंग बोर्ड (एचआइजी वर्ग) की स्वतंत्र आवास योजना के कई आवासों में चाय की दुकान व कैफेटेरिया सहित अन्य कॉमर्शियल गतिविधियां हो रही हैं। साथ ही इनके द्वारा सेटबैक भी नहीं छोड़ा गया है। इस कारण यहां रहने वाले लोगों को परेशानी के साथ ही सुबह-शाम महिलाओं-युवतियों का अकेले घूमना भी मुश्किल हो रहा है।- संजय पाठक, प्रताप नगर, सेक्टर 3

10 साल पहले राशि जमा, फिर भी सीवरेज की समस्या

करीब 10 वर्ष पहले लगे जेडीए के कैंप में पट्टा लेने के बाद स्थानीय लोगों ने जेडीए को तय राशि का भुगतान किया, इसके बावजूद आज तक क्षेत्र में सड़क और सीवरेज की समस्या बनी हुई है। आस-पास में रहने वाले लोग घर के सामने से पानी नहीं निकलने देते और सड़क पर मिट्टी व कंक्रीट डाल देते हैं। विरोध पर विवाद की स्थिति बन जाती है।- दीपक गोयल, अमर नगर सी

कैसी छवि लेकर जाते होंगे विदेशी मेहमान

शहर का प्रमुख चौराहा और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे की रोड पर यह पैच कई महीनों से टूटा है। इधर से आने-जाने वाले वाहनों को गड्ढे से होकर गुजरना पड़ता है। यहां से गुजरने वाले देशी-विदेशी मेहमान शहर की किस तरह की छवि अपने साथ लेकर जाते होंगे? - विक्रम कक्कड़, गवर्नमेंट हॉस्टल

जनता की नजर में

एक व्यक्ति के नाम पर हो एक ही वाहन का पंजीकरण

दिनों-दिन सड़कों पर पहिया वाहनों की संख्या बढ़ रही है। कई परिवारों में एक से अधिक वाहन होने से पार्किंग के लिए जगह की कमी है और सड़कों पर जाम की स्थिति बढ़ रही है। एक व्यक्ति के नाम पर एक निजी वाहन के पंजीकरण का नियम लागू किया जाए। इससे पार्किंग की समस्या से निजात के साथ ही वाहनों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा। -अनुपमा गोयल, संसार चंद्र रोड, बड़ी मस्जिद, पहली गली

राहगीरों, वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं आवारा श्वान

क्षेत्र में आवारा श्वानो की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सड़क पर इनके अचानक राहगीरों और वाहन चालकों के पीछे दौड़ने से वाहनों के असंतुलित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका रहती है। बच्चों व पैदल आने-जाने वाले लोगों पर भी भी हमले का डर बना रहता है। क्षेत्र में कई बार कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। निगम के अधिकारी इस समस्या से जल्द मुक्ति दिलाएं। -रामकिशोर खटीक, सेक्टर 41, रजत पथ, मानसरोवर

फुटपाथ और डिवाइडर पर है खानाबदोशों का कब्जा

सीकर रोड पर अलका सिनेमा से विद्याधर नगर में प्रवेश वाले रास्ते पर परशुराम सर्कल तक दोनों तरफ के फुटपाथ और डिवाइडर पर खानाबदोश लोगों ने कब्जा कर रखा है। इससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। दुर्घटना का भी खतरा रहता है। इनका भौतिक सत्यापन करवाकर इन्हें सरकारी शेल्टर होम में भिजवाया जाए। -डाल चंद शर्मा, बंधु नगर, विद्याधर नगर बस डिपो के सामने, मुरलीपुरा

Updated on:
21 Sept 2026 09:58 am
Published on:
21 Sept 2026 09:58 am