
जयपुर. शहर के कई इलाकों में लोग प्रशासन की लापरवाही के चलते रोजमर्रा के जीवन में परेशानी उठा रहे हैं। कहीं सड़कों पर गहरे गड्ढे और कीचड़ होने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है, तो कहीं सीवर का गंदा पानी और कचरे के ढेर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। त्योहार के समय दुकानों के सामने नालियों का गंदा पानी भरने से दुकानदारों का काम भी प्रभावित हो रहा है। वहीं, कई कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट नहीं जलने, पीने के पानी की कमी और चोरी की घटनाओं से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और जेडीए में कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब लोगों ने 'पब्लिक का पन्ना' के जरिए अपनी परेशानियां सामने रखी हैं और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
रविकांत रोलीवाल, गोनेर @ पत्रिका
जेडीए जोन-9 के अंतर्गत गोनेर से पदमपुरा जाने वाली सड़क की बदहाली अब आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे वाहनों के भिड़ने और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है। इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होने के बावजूद सड़क के गड्ढे नहीं ठीक किए गए हैं। क्षेत्र के मुख्य बाजार सहित गोनेर-पदमपुरा रोड पर जगह-जगह सड़क जर्जर हाल है। गड्ढों में बाइक का संतुलन बिगड़ने से कई महिलाएं गिरकर चोटिल भी हो चुकी हैं। अब जेडीए की ओर से गोनेर-पदमपुरा रोड का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मुख्य बाजार सहित पूरी सड़क के गड्ढों को पूरी तरह ठीक कराया जाए। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई हो और ठेकेदार का लाइसेंस भी निलंबित हो।
पदमपुरा रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बावजूद सड़क जर्जर हाल है। आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। पैचवर्क के टेंडर के बावजूद जेडीए अधिकारी और ठेकेदारों की मिलीभगत से कोई काम नहीं दिख रहा है। इसके लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
- महेंद्र शर्मा, गोनेर, बाड़ा-पदमपुरा रोड
मुकेश गुर्जर, गोवर्धन नगर, सांगानेर
दिवाली के फेस्टिव सीजन के लिए महीनों पहले तैयारी की। काफी स्टॉक भी मंगा लिया, लेकिन मुख्य बाजार में दिनों सड़कों पर बहते नालियों के गंदे पानी ने व्यापार चौपट कर दिया है। त्योहार नजदीक होने के बावजूद ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली है।
दिवाली पर होने वाले कारोबार के लिए व्यापारियों ने महीनों पहले जो सुनहरे सपने बुने थे। प्रशासनिक लापरवाही से वे सारे सपने बिखर चुके हैं। बाजार में इन दिनों त्योहार की रौनक की जगह सड़कों पर गंदा पानी नजर आ रहा है, जिसने ग्राहकों के कदम रोक दिए हैं। जिस फेस्टिव सीजन के सहारे कारोबारी सालभर के नुकसान की भरपाई की उम्मीद पालते हैं, वही सीजन इस बार उनके लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। कुछ लोगों ने कर्ज लेकर सामान मंगाया था, अब इसे चुकाना भी भारी पड़ रहा है।
गोवर्धन नगर में गंदे पानी की समस्या लंबे समय से है। सुबह से रात तक मुख्य मार्ग पर गंदा पानी भरा रहता है। तेज वाहन से गंदे पानी के छींटे दूसरे व्यक्ति पर जा लगते हैं। दुकानों में दुर्गंधयुक्त पानी चला जाता है।
- कपिल खंडेलवाल, दवा व्यवसायी, गोवर्धन नगर
आम दिनों में ग्राहकों से गुलजार रहने वाला बाजार दिवाली जैसे प्रमुख फेस्टिव सीजन में भी सूना पड़ा है। जल्द इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी यहां से पलायन कर जाएंगे।
-हेमराज शर्मा, फुटवियर कारोबारी
विजय सिंह मीना, कल्याण नगर अंडरपास, बरकत नगर @ पत्रिका
घर के पास खुलेआम फेंके जा रहे कचरे के चलते अंडरपास का आम रास्ता बदहाल हो गया है। साथ ही कूड़े के ढेर के कारण भयंकर गंदगी-दुर्गंध से अब यहां रहना ‘सजा’ बन गया है।
रेलवे ट्रैक नजदीक होने से आस-पास के कई लोग अपना घरेलू कचरा और बचा हुआ सामान यहां छोड़ जाते हैं। इस कारण कई बार कचरा उड़कर हमारे घरों के अंदर तक आ जाता है, जिससे हमारा दैनिक जीवन और स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बरसात के दिनों में कचरे से उठने वाली भीषण दुर्गंध से घरों में टिकना मुश्किल हो जाता है।
इस नारकीय स्थिति से निजात पाने के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन अभी तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया।
- सुनीता, निवासी कल्याण नगर अंडरपास
स्कूल के ठीक सामने सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण छोटे बच्चों का इधर से गुजरना दूभर हो गया है। वहीं, कीचड़ के कारण फिसलन के चलते रोज बच्चे व वाहन चालक गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं।
राजस्थान पत्रिका के 19 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित पब्लिक का पन्ना में 'एक लाख वाला फोन 15 हजार में! शॉपिंग साइट पर ठगी का जाल' शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित हुई थी। इसमें साइबर ठगों द्वारा एक फोन की कई शहरों में अलग-अलग दामों पर लिस्टिंग और त्योहारी सीजन में लुभावने ऑफरों से लोगों को ठगने की जानकारी प्रकाशित की थी। खबर के प्रकाशन के बाद सिंधी कैंप पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी फोन चुराने के बाद इन्हें मेवात क्षेत्र (हरियाणा) में भेजते थे, जहां इनका इस्तेमाल साइबर ठगी में होता था। आरोपी महंगे फोन ओएलएक्स पर फर्जी बिलों से बेचते थे। सिंधी कैंप थाना प्रभारी वंदना ने बताया कि आगे की पड़ताल में पता चला कि आरोपी मोईन उर्फ शाहरुख, मो. अनस और हसीब मेव के खिलाफ जयपुर के जीआरपी थाने में दो, लालकोठी में एक और सदर थाने में एक मुकदमा दर्ज है। दौसा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। संबंधित थाना पुलिस से जानकारी जुटाई जा रही है।
डॉ. जयसिंह न्यू सांगानेर रोड
पृथ्वीराज नगर जोन के अंतर्गत आने वाली एसबीबीजे ऑफीसर्स कॉलोनी के अनुमोदित मानचित्र में प्लॉट संख्या 8 से 16 के सामने वाली जगह बच्चों के पार्क के लिए रखी है। इसके लिए वर्क ऑर्डर जारी होने पर भी कुछ लोग इस कार्य में व्यवधान डाल रहे हैं और इस स्थान का उपयोग कार पार्किंग और मलबा डालने के लिए कर रहे हैं।
अजय छीपा, पुरानी बस्ती
नाहरगढ़ क्षेत्र में एक धर्मस्थल के सामने एक महीने से सीवर लाइन लगातार ओवरफ्लो हो रही है। सड़कों पर गंदा पानी फैलने से आम रास्ता चलने योग्य नहीं है। जलभराव और भीषण बदबू के कारण घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। इसके अलावा संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
मनोज बनीवाल, शांति विहार
सीतापुरा सांगानेर की यह प्रमुख कॉलोनी करीब 32 वर्ष पुरानी है। इसके बावजूद यहां न तो सड़क है और न ही गंदे पानी की निकासी का इंतजाम। गंदे पानी से गुजरकर बच्चे स्कूल जाते हैं। बच्चों के नाली में गिरने की घटनाएं भी कई बार हो चुकी हैं। आस-पास की कई कॉलोनियों में सड़कें बनने के बावजूद अभी तक यहां कच्चे रास्ते ही हैं।
चिरंजीव भारद्वाज, नारायण वाटिका
अजमेर रोड, धावास स्थित इस कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सीमेंटेड रोड बनाई है। यह कॉलोनी के अंदर जाने वाली गलियों के रास्तों से ऊंची है। वहीं, निगम की ओर से कॉलोनी में जाने वाले रास्तों पर रैंप नहीं बनाया है। इस कारण कॉलोनी के अंदर से इस रोड पर वाहनों का चढ़ना-उतरना असंभव है। एक किमी. का चक्कर लगाकर अंदर आना पड़ता है।
सेक्टर 50 में महल रोड से मथुरावाला जाने वाली 80 फीट की सेक्टर रोड पूरी तरह जर्जर, धंसी हुई है। यहां स्ट्रीट लाइटें न होने से सुबह-शाम आने-जाने में भारी परेशानी होती है। बीसलपुर पाइपलाइन के करीब होने के बावजूद बॉस कॉलोनी, राधा विहार, हनुमान वाटिका और श्याम विहार जैसी कॉलोनियों में पेयजल आपूर्ति नहीं होने से लोग पानी को तरस रहे हैं। साथ ही महंगे दामों पर टैंकर मंगवाकर पानी पीने को मजबूर हैं।
- अतुल मीणा, सेक्टर 50, प्रताप नगर
यहां कई महीनों से चल रहे निर्माण कार्यों के कारण पूरी सड़क जगह-जगह से खुदी पड़ी है। वाहनों की अधिकता के कारण सड़क पर लगातार जाम के हालात भी रहते हैं। वहीं, गड्ढों के चलते आए दिन वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। सड़क की स्थिति इतनी दयनीय है कि इधर से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इसके बावजूद भी इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
-सुधीर गर्ग, महाराणा प्रताप मार्ग, रंगोली ग्रीन्स रोड
क्षेत्र की इस सबसे बड़ी कॉलोनी में पूर्व में छह सफाई कर्मचारी तैनात थे, जिन्हें कि हटा दिया गया। अब यहां नियमित सफाई कर्मचारी नहीं होने से कॉलोनी में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और नालियां भी ब्लॉक हो रही है। इससे संक्रामक बीमारियां फैलने की भी आशंका है। निगम में कई बार शिकायत के बावजूद हालात जस के तस हैं।
- रामकिशोर शर्मा, ग्रीन पार्क कॉलोनी, वार्ड 130, आगरा रोड
रेलवे लाइन के साथ-साथ कैलाश पुरी की ओर से लगभग 600 मी. की सड़क का अब तक डामरीकरण नहीं किया गया। पार्क का रख-रखाव नहीं होने से वहां गंदगी रहती है। शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है।
- डॉ. मदन मोहन तिवारी, वार्ड 65, विवेक विहार, जगतपुरा
क्षेत्र में बनाई गई सीसी रोड में ढलान सही तरीके से नहीं दिए जाने के कारण मकान के दरवाजों पर पानी इकट्ठा हो जाता है। इसकी निकासी के लिए नाली भी नहीं बनाई गई हैं। दोनों ओर यू आकार की नाली बना कर उसे मुख्य नाले से जोड़ दिया जाए।
- कमल सक्सेना, सेक्टर 119
विवेकानंद पार्क में आवारा श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पार्क में बड़ी संख्या में श्वानों के विचरण से बुजुर्गों-बच्चों ने पार्क से दूरी बना ली है। पार्क में टहलने या खेलने के बजाय कॉलोनीवासी घर में ही रहते हैं।
- सुनील नागौरी, निर्माण नगर
@ सरस्वती विहार, सीतापुरा
जेडीए अप्रूव्ड कॉलोनी होने के बावजूद वार्ड 60 की प्रमुख कॉलोनी सरस्वती विहार में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कॉलोनी में पानी, बिजली, सड़क, नाली और जल निकासी जैसी समस्याओं से आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी जेडीए कब पूरी करेगा?
पत्रिका मोहल्ला मीटिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने सिलसिलेवार अपनी समस्याएं गिना दी। साथ ही विकास कार्यों का हिसाब भी मांगा। लोगों ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही रास्ते जलमग्न हो जाते हैं। कच्चे रास्ते पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं।
लोगों ने बताया कि स्थानीय पार्षद ने भी आज तक यहां की सुध नहीं ली है। यदि विकास कार्य प्रस्तावित हैं, तो उनकी समय-सीमा और वर्तमान स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। स्वीकृतियां लंबित हैं, तो उनके कारण भी सार्वजनिक हों। कॉलोनी में किए विकास कार्यों के लिए आरटीआई लगाई गई है। उससे ही पता चलेगा कि विकास की फाइल कहां अटकी है।
@ नाटाणियों का मोहल्ला, सांगानेर
सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल रोड के आस-पास के लोग नशा करने वाले लोगों से परेशान हैं। नशा करने के लिए कई बार ये लोग घरों से पानी के मीटर व मोटरें भी चुरा चुके हैं। रात के साथ ही पुलिस को दिन में भी क्षेत्र में गश्त करनी चाहिए। पत्रिका मोहल्ला मीटिंग में क्षेत्र के लोगों ने साफ-सफाई न होने व जाम सहित अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने बताया कि अतिशय क्षेत्र संघीजी दिगम्बर जैन मंदिर के कारण देश-दुनिया से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर जाने का रास्ता संकरा होने से इनमें वाहन फंस जाते हैं। कई बार तो वाहन क्षतिग्रस्त भी हो चुके हैं। निगम की टीम को सर्वे कर चौड़ाई बढ़ाने की दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए। वहीं, नियमित साफ सफाई नहीं होने से क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर पड़े हैं। भूखंडों में कूड़े के ढेर से जहरीले जीव निकलते हैं। वहीं, बदबू से भी लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
यदि हां तो वॉट्सएप नं. 9057531314 व मेल आइडी jaipur@in.patrika.com पर समस्या हमें भेजें। अगली मोहल्ला मीटिंग आपके यहां होगी। आपकी बात जिम्मेदारो तक पहुंचाएंगे।