
Jaipur Shahri Seva Shivir: जयपुर: जेडीए के नागरिक सेवा केंद्र में गुरुवार को उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब एक नाराज बीजेपी कार्यकर्ता चौखट पर ही लेट गया। जेडीए के शहरी सेवा शिविर में करीब एक घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे और हंगामे ने जेडीए प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी। हालात यह हो गए कि आक्रोशित जनता को शांत करने के लिए आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। अफसरों ने काफी देर तक समझाइश की और आखिरकार आश्वासन दिया कि जिन खसरों की पूर्व में जेडएलसी हो चुकी है, उनकी प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
बता दें कि पृथ्वीराज नगर (पीआरएन) जोन के कैंप में कई भूखंडधारी पट्टा लेने पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही जोन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने तकनीकी बहाने बनाकर पट्टा देने से मना कर दिया, आवेदकों का धैर्य जवाब दे गया। लोगों ने कैंप के भीतर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और नागरिक सेवा केंद्र के मुख्य द्वार पर धरना दे दिया।
इसी दौरान पट्टा न मिलने से भड़के बीजेपी कार्यकर्ता श्याम सुंदर शर्मा ने अनोखा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए नागरिक सेवा केंद्र के गेट पर फर्श पर ही लेट गए। वे परिजनों के साथ कैलाश विहार-द्वितीय का पट्टा लेने आए थे। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया हो चुकी, लेकिन पट्टा जारी नहीं किया जा रहा।
विरोध के तौर पर वे करीब आधे घंटे तक फर्श पर लेटे रहे, जिससे जेडीए परिसर में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इस दौरान पीआरएन जोन के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। शिविर में आए अन्य लोगों ने भी जोन अधिकारियों-कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
आधे घंटे तक बीजेपी कार्यकर्ता के जमीन पर लेटे रहने और करीब एक घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद जेडीए प्रशासन पूरी तरह बैकफुट पर आ गया। माहौल बिगड़ता देख जोन उपायुक्त दामोदर सिंह और जेडीए उपायुक्त सुभाष चंद बोहरा मौके पर पहुंचे।
इस पूरे मामले में जब जोन उपायुक्त दामोदर सिंह से बात कर उनका पक्ष लेना चाहा तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उन्हें मैसेज भी किया, लेकिन उसका भी उन्होंने जवाब नहीं दिया।
जेडीए ने शहरी सेवा शिविर में गुरुवार को 227 प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया। इनमें 152 पट्टे, 51 नामांतरण, 13 उपविभाजन व पुनर्गठन, 7 लीजमुक्ति प्रमाण पत्र और 4 भवन मानचित्र स्वीकृतियां शामिल हैं। जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि शिविरों में ई-फाइलिंग प्रक्रिया और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए पट्टा वितरण, नामांतरण, लीजमुक्ति प्रमाण पत्र और भवन मानचित्र स्वीकृति जैसे कार्यों को गति दी जा रही है, जिससे प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध राहत मिल सके।