जयपुर

Jaipur: लंदन से लौट रही जयपुर की छात्रा से वसूला गया बैगेज शुल्क अवैध, Air India पर लगा 40 हजार रुपए का हर्जाना

Air India Penalty: विदेश में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए महाराजा स्कॉलर स्कीम के बावजूद लंदन से लौट रही एक छात्रा से बैगेज का अतिरिक्त शुल्क वसूलना विमानन कंपनी एयर इंडिया के लिए भारी पड़ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता अदालत ने एयर इंडिया को जयपुर की छात्रा को शुल्क रिफंड के अलावा मानसिक परेशानी और मुकदमा खर्च के रूप में 40 हजार रुपए हर्जाना देने के निर्देश दिए हैं।

2 min read
Jun 10, 2026
Jaipur Student Charged Illegal Baggage
Air India को भारी पड़ी ये भूल! छात्रा से वसूला था बैगेज चार्ज (पत्रिका फोटो)

Air India Refund Case: राजधानी जयपुर की एक छात्रा से अवैध तरीके से बैगेज (सामान) शुल्क वसूलना एयर इंडिया कंपनी को भारी पड़ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता अदालत ने एयर इंडिया पर कड़ी कार्रवाई करते हुए छात्रा को 40,000 का हर्जाना देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कंपनी को वसूला गया पूरा शुल्क भी वापस लौटाना होगा।

क्या है पूरा मामला?

जयपुर की रहने वाली छात्रा लावण्या मेगन विदेश में पढ़ाई कर रही हैं। साल 2021 में वह लंदन से भारत लौट रही थीं। उन्होंने एयर इंडिया की 'महाराजा स्कॉलर स्कीम' के तहत एक्सट्रा सामान (बैगेज) पर मिलने वाली छूट का दावा किया। यह योजना विशेष रूप से विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें यात्रा में सुविधा हो।

नियमों का बहाना बनाकर मना किया

लेकिन एयर इंडिया ने तकनीकी खराबी या नियमों का बहाना बनाकर छात्रा को छूट देने से साफ मना कर दिया। मजबूरी में छात्रा को बैगेज शुल्क के रूप में 34,000 चुकाने पड़े।

गलती मानी, पर पैसे नहीं लौटाए

भारत लौटने के बाद लावण्या ने एयर इंडिया से लगातार बातचीत और पत्र-व्यवहार किया। काफी समय बाद एयर इंडिया ने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली। कंपनी ने माना कि लावण्या इस छूट की हकदार थीं। पैसे वापस (रिफंड) करने के लिए कंपनी ने उनके बैंक खाते की जानकारी भी ले ली, लेकिन लंबे समय तक पैसे वापस नहीं किए।

अदालत ने सिखाया सबक

परेशान होकर लावण्या ने जिला उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया। जिला अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए एयर इंडिया को पैसे लौटाने और 7,000 अतिरिक्त जुर्माना देने को कहा। लेकिन लावण्या इस कम मुआवजे से संतुष्ट नहीं हुईं और उन्होंने राज्य उपभोक्ता अदालत में अपील की।

मानसिक पीड़ा की भरपाई जरूरी

अब राज्य उपभोक्ता अदालत ने लावण्या के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि मुआवजे का मतलब सिर्फ पैसों का नुकसान पूरा करना नहीं होता। कंपनी की खराब सर्विस के कारण ग्राहक को जो मानसिक परेशानी, असुविधा और उत्पीड़न झेलना पड़ता है, उसकी भरपाई करना भी जरूरी है। अदालत ने मुआवजे की राशि बढ़ाकर 40,000 कर दी है, जिससे एयर इंडिया को अपनी लापरवाही का अहसास हो सके।

Published on:
10 Jun 2026 07:07 am