
Jaipur VIP Movement Case : जयपुर के जगतपुरा में मोमोज का ठेला लगाकर अपने परिवार का जीवनयापन करने वाली रेशु गुप्ता को पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा के नाम पर धक्का दे दिया। जिससे उस पर खौलता हुआ पानी गिर गया। उसके बाद राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। राजस्थान में विपक्ष के नेता राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने जगतपुरा घटना में झुलसी महिला के परिवारजनों से मुलाकात की।
इस पर राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा, "सरकार से मेरा सवाल है कि क्या गरीब होना गुनाह है? VIP मूवमेंट के नाम पर आप गरीबों को कुचलने का काम करते हैं। यह सरकार का काम नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री ने तो कहा था कि मैंने सारा काफिला छोड़ दिया है। VIP मूवमेंट के नाम पर एक बच्ची की जिंदगी खराब हो गई और उसका आधा शरीर जल गया है। उसकी अभी तक शादी भी नहीं हुई है। इस सबके बाद सरकार की ओर से कोई मदद और मुआवजा नहीं दिया गया है।. मैं कहना चाहता हूं कि इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
इस पर कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने कहा, यहां बच्चियों के ऊपर खौलता हुआ पानी डाला जा रहा है। दुख की बात यह है कि एक बच्ची स्वाभिमान से अपने रोजगार की तलाश में निकलती है और बदले में उसे क्या मिला खौलता हुआ पानी। मुख्यमंत्री को स्वयं क्षमा मांगनी चाहिए थी। इस सरकार में कोई नैतिक बल नहीं है।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही भजनलाल शर्मा ने घोषणा की थी कि वे ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए रेड लाइट पर रुकेंगे और उनके लिए रूट लाइनिंग नहीं की जाएगी, लेकिन यह घोषणा महज हवा-हवाई साबित हुई। हालांकि उस समय भी मैंने इस घोषणा का समर्थन नहीं किया था, क्योंकि सुरक्षा की दृष्टि से यह उचित नहीं था। कुछ दिन पहले पेट्रोल-डीजल संकट को देखते हुए उन्होंने अपने काफिले में बड़ी कटौती करने की भी घोषणा की थी, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हुआ।
इसके विपरीत, मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ता दिलाने के लिए जगतपुरा के रामनगरिया क्षेत्र में अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए ठेला लगाने वाली युवती रेशु गुप्ता को पुलिसकर्मियों ने धक्का दे दिया, जिससे उस पर खौलता हुआ पानी गिर गया। यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है। यह सरकार के लिए शर्मनाक स्थिति है कि मामला सीधे मुख्यमंत्री से जुड़ा होने के बावजूद अब तक पीड़िता को किसी प्रकार की सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई है। उलटे पुलिस-प्रशासन पीड़िता पर मामले को दबाने का दबाव बना रहा है।
यदि इस सरकार में लेशमात्र भी संवेदनशीलता बची है, तो कोविड में पिता के निधन के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए उत्तर प्रदेश से राजस्थान आई इस युवती और उसके परिवार की अविलंब सहायता की जाए, पीड़िता का अच्छे से अच्छा इलाज करवाया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने जयपुर की रेशु गुप्ता के मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर न्याय, बेहतर इलाज और आर्थिक सहायता देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान हुई घटना के लिए प्रशासन जिम्मेदार है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राज्य मानवाधिकार आयोग, जयपुर ने जगतपुरा के महल रोड इलाके में वीआईपी मूवमेंट के दौरान पुलिस कार्रवाई से एक ठेला संचालिका युवती के झुलसने की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया है। वहीं पुलिस आयुक्त, जयपुर, जिला मजिस्ट्रेट, जयपुर व डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि संबंधित अफसर आयोग को मौजूदा स्थिति की जानकारी दें। कोई लोक सेवक यदि इस घटना में जिम्मेदार मिले तो उसके खिलाफ उचित विधिक कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी स्थिति स्पष्ट करें। आगामी सुनवाई 14 जुलाई को रखी है।