
जयपुर. फॉलोअर्स और लाइक्स बढ़ाने की होड़ में रील बनाने का जुनून जयपुर के युवाओं को सड़क से सार्वजनिक स्थलों तक नियमों की सीमा लांघने के लिए उकसा रहा है। कोई चलती बाइक पर हाथ छोड़कर स्टंट कर रहा है तो कोई कार या थार से सड़क को ही स्टंट ट्रैक बना रहा है। कुछ मामलों में रील बनाने वाले युवक-युवतियां दूसरों की निजता और सम्मान की सीमा भी पार कर रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही यही रील पुलिस के लिए कार्रवाई का सबूत बन रही है।
पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, रील शूटिंग के दौरान स्टंट, हुड़दंग और तेज आवाज वाले मॉडिफाइड वाहनों के मामलों में कार्रवाई बीते एक साल में करीब 50 फीसदी बढ़ी है। सीसीटीवी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस वाहन नंबर और चेहरों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है। कुछ मिनट की वायरल रील के बदले युवाओं को चालान, वाहन जब्ती, एफआईआर और गिरफ्तारी तक का सामना करना पड़ रहा है।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत खतरनाक ड्राइविंग, रेसिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, तेज गति और वाहन में अवैध बदलाव जैसे मामलों में कार्रवाई हो सकती है। सड़क पर स्टंट को महज 'कंटेंट' मानना भारी पड़ सकता है। केंद्र के मोटर व्हीकल एक्ट में खतरनाक ड्राइविंग के लिए धारा 184, रेसिंग के लिए धारा 189 और हेलमेट के लिए धारा 129 का प्रावधान है।
युवाओं को यह समझना होगा कि सार्वजनिक सड़क वीडियो बनाने की जगह नहीं है। बाइक पर स्टंट, हाथ छोड़कर वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट चलना या वाहन में ऐसा बदलाव करना, जिससे उसकी आवाज और संचालन प्रभावित हो, नियमों का उल्लंघन है। रील के लिए नियम तोड़ना खुद के साथ-साथ सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डालता है।
-राजेश चौधरी, परिवहन निरीक्षक