PHED Digital Initiative: जयपुर शहर में पेयजल उपभोक्ताओं को अब जल उपभोग बिल मोबाइल फोन पर ही मिलेगा। जलदाय विभाग ने बिलिंग सिस्टम में बदलाव करते हुए पेपर बिल वितरण व्यवस्था को जुलाई माह से बंद करने का निर्णय लिया है। शहर के पेयजल उपभोक्ताओं को बिजली कंपनियों की तर्ज पर मोबाइल फोन पर ही जल उपभोग राशि का विवरण मिलने वाला है।

PHED Digital Initiative: जयपुर शहर में पेयजल उपभोक्ताओं को अब जल उपभोग बिल मोबाइल फोन पर ही मिलेगा। जलदाय विभाग ने बिलिंग सिस्टम में बदलाव करते हुए पेपर बिल वितरण व्यवस्था को जुलाई माह से बंद करने का निर्णय लिया है। शहर के पेयजल उपभोक्ताओं को बिजली कंपनियों की तर्ज पर मोबाइल फोन पर ही जल उपभोग राशि का विवरण मिलने वाला है। विभाग ने विशेष अभियान आज से शुरू कर पेयजल उपभोक्ताओं से उनके संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में जाकर मोबाइल नंबर खाता संख्या में दर्ज करवाने की अपील की है।
जलदाय विभाग ने शहर के करीब छह लाख पेयजल उपभोक्ताओं को डिजिटल बिलिंग प्रणाली से जोड़ने की कवायद शुरू की है। वर्तमान में विभाग केपास अधिकांश उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होने के कारण केवल करीब 1.25 लाख उपभोक्ताओं तक ही पानी के बिल और संबंधित संदेश डिजिटल पहुंच पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने शुक्रवार से 30 जून तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत उपभोक्ता अपने संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में जाकर खाता संख्या में मोबाइल नंबर दर्ज करा सकेंगे।
संकलित आंकड़ों को विभागीय सॉफ्टवेयर में अपडेट करने के बाद आगामी जुलाई माह से पानी के बिल सीधे मोबाइल पर भेजे जाएंगे। जयपुर अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि सभी सहायक अभियंताओं को कार्यालयों में इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बिल वितरण व्यवस्था अधिक प्रभावी होने के साथ राजस्व संग्रहण में भी सुधार की उम्मीद है।
जलदाय विभाग में मीटर रीडरों और मीटर इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं। जिसके चलते जयपुर शहर के अधिकांश उपखंडों में पानी मीटरों की रीडिंग और पेयजल उपभोग बिल वितरण व्यवस्था बीते कई महीनों से ठप पड़ी है। इस कारण शहरी पेयजल उपभोक्ताओं को एक साथ चार से छह महीने का पानी उपभोग बिल विभाग जारी कर रहा है। एक साथ बढ़ी हुई राशि के बिल मिलने से सहायक अभियंता कार्यालयों में जलदायकर्मियों और पेयजल उपभोक्ताओं के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। जिसके चलते अब विभाग ने पानी के बिलों की वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।