
Weather Update : राजस्थान में मानसून अब लौटने की तैयारी में है। प्रदेश में बीते कई दिनों की गर्मी के बीच गुरुवार दोपहर बाद अनेक स्थानों पर मौसम का मिजाज बदल गया। कई जिलों में आसमान पर घने बादल मंडराने लगे। उसके बाद जयपुर, सीकर, धौलपुर सहित कई जगह झमाझम बारिश हुई। जयपुर शहर में दोपहर बाद करीब पौने दो-दो घंटे में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश से कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। अजमेर जिले के सावर में 94 मिमी और केकड़ी में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो प्रमुख बारिश वाले स्थानों में रही।
जयपुर शहर में गुरुवार को हुई तेज बारिश ने जयपुर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के बाद तेज बारिश शुरू हुई तो देखते ही देखते शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव के कारण वाहन धीमी रफ्तार से चलते रहे और कई जगह लंबा जाम लग गया। टोंक रोड से लेकर एसएमएस मेडिकल कॉलेज, झोटवाड़ा, पानीपेच, विद्याधर नगर और रेलवे स्टेशन तक वाहन चालकों को जाम और जलभराव से जूझना पड़ा।
दोपहर करीब तीन बजे बाद आसमान में बादल छाने लगे। करीब चार बजे घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा सा छा गया। इसके बाद तेज बारिश शुरू हुई। बारिश की रफ्तार बढ़ते ही सड़कें पानी से भरने लगीं और शाम के समय कार्यालयों से घर लौट रहे लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई।
टोंक रोड पर केन्द्रीय विद्यालय नंबर-1, बजाज नगर के आसपास बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया। जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्कूल के आसपास भी पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालक पानी के बीच से रास्ता बनाकर निकलने की कोशिश करते रहे।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के आसपास भी सड़क पर पानी भर गया। जलभराव इतना रहा कि कई वाहनों में पानी भर गया और वे बीच सड़क बंद हो गए। झोटवाड़ा और पानीपेच में बारिश के बाद यातायात का दबाव बढ़ गया। यहां वाहन चालकों को जाम में काफी देर तक फंसे रहना पड़ा। विद्याधर नगर में भी कई मार्गों पर वाहनों की कतार लगी रही। पानी और ट्रैफिक दोनों के कारण वाहन चालक परेशान होते रहे।
शहर के व्यस्त खासा कोठी चौराहे के आसपास भी बारिश के दौरान वाहनों की रेलमपेल रही। बारिश से बचने की कोशिश में कई वाहन चालक किनारे रुक गए, जिससे सड़क पर उपलब्ध जगह और कम हो गई। रेलवे स्टेशन के पास भी शाम के समय जाम के हालात बने रहे। स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों, ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों की भीड़ के बीच बारिश ने परेशानी बढ़ा दी। कई यात्रियों को जाम के कारण समय पर स्टेशन पहुंचने में दिक्कत हुई।
मौसम विभाग के अनुसार 18 सितंबर को भी जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभागों के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 20 सितंबर को दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आस-पास बारिश की गतिविधियों में कमी आने के साथ मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने लगेंगी। 21 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। यानी अगले तीन-चार दिन की बारिश के बाद प्रदेश में मानसून के विदा होने का सिलसिला शुरू होने की संभावना है।
उधर मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार सौराष्ट्र और आसपास के अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी राज्य के ऊपर सक्रिय हुआ है। इन मौसमी तंत्रों के प्रभाव से गुरुवार को बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और मध्यम से कहीं-कहीं तेज बारिश हुई।
जयपुर में गुरुवार को हुई तेज बारिश का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बारिश के चलते दिल्ली और अहमदाबाद से जयपुर आ रही 2 फ्लाइट की लैंडिंग प्रभावित हुई। दोनों फ्लाइट को करीब 10 से 15 मिनट तक हवा में होल्ड करना पड़ा। मौसम में सुधार के बाद दोनों की लैंडिंग कराई गई।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार एयर इंडिया की शाम 5.25 बजे दिल्ली से जयपुर आने वाली फ्लाइट और इंडिगो की शाम सवा 5 बजे अहमदाबाद से जयपुर आने वाली फ्लाइट बारिश के चलते तय समय पर लैंड नहीं कर सकीं। दोनों फ्लाइट को करीब 15 मिनट तक हवा में होल्ड रखा गया। वहीं, इंडिगो की जयपुर से उदयपुर जाने वाली फ्लाइट के टेकऑफ में भी करीब दस मिनट की देरी हुई।
राजमहल. बारिश के अभाव में लगातार घट रहे बीसलपुर बांध के जलस्तर को जाते-जाते मानसून ने मामूली राहत दी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के चलते गुरुवार को बांध के गेज में दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे बांध में जलभराव भी बढ़ा है। बांध का गेज गुरुवार सुबह 6 बजे 314.03 आरएल मीटर दर्ज किया गया। इस समय बांध में करीब 28.495 टीएमसी पानी का जलभराव था। दिनभर हुई बारिश के बाद रात 8 बजे तक गेज दो सेंटीमीटर बढ़कर 314.05 आरएल मीटर पहुंच गया। वहीं जलभराव बढ़कर करीब 28.633 टीएमसी हो गया।
बांध के जलस्तर में हुई 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी
बारिश के अभाव में पिछले कई दिनों से बांध का गेज लगातार घट रहा था। पश्चिमी विक्षोभ के चलते जाते-जाते मानसून सक्रिय हुआ और कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। बांध के केचमेंट एरिया में आने वाले भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी संगम के गेज में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी दर्ज नहीं हुई है। ऐसे में बांध के जलस्तर में हुई 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी स्थानीय केचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश का ही असर मानी जा रही है। उमेश मेहरा, कनिष्ठ अभियंता, बीसलपुर बांध परियोजना