जयपुर

Jaipur News: जेडीए आयुक्त IAS सिद्धार्थ महाजन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, कोर्ट में पेश करने के निर्देश

जयपुर में भूखंड आवंटन से जुड़े पुराने मामले में जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जोन-9 उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आयोग ने जयपुर पुलिस कमिश्नर को दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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Oct 08, 2026
JDA Commissioner Siddharth Mahajan
JDA Commissioner Siddharth Mahajan : आईएएस सिद्धार्थ महाजन (फाइल फोटो-पत्रिका)

जयपुर। भूखंड आवंटन से जुड़े एक पुराने मामले में जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जोन-9 के उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आयोग ने जयपुर पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर 12 अक्टूबर को आयोग के समक्ष पेश किया जाए। यह आदेश परिवादी कृष्णा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

मामला जेडीए की निलय कुंज आवास योजना से जुड़ा है। परिवादी कृष्णा ने इस योजना में भूखंड के लिए आवेदन किया था। लॉटरी में उसे भूखंड संख्या 454 आवंटित हुआ। हालांकि आवंटन के बाद निर्धारित समय में उसे भूखंड का कब्जा नहीं मिल सका। करीब एक साल तक इंतजार के बाद परिवादी ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

परिवादी ने दायर की थी अवमानना याचिका

मामले की सुनवाई करीब चार साल तक चली। इसके बाद वर्ष 2016 में आयोग ने जेडीए को परिवादी के नाम आवंटित भूखंड का कब्जा पत्र जारी करने का आदेश दिया। इसके बावजूद आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से वर्ष 2020 में जिला उपभोक्ता आयोग में अवमानना याचिका दायर की गई।

जेडीए ने आवंटन को कई बार बदला

परिवादी की ओर से मामले में यह पक्ष रखा गया कि आयोग के आदेश के बावजूद जेडीए ने मूल भूखंड संख्या 454 का कब्जा देने के बजाय उसे किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया। इसके बाद परिवादी को भूखंड संख्या 194 देने की बात कही गई, लेकिन बाद में यह भूखंड भी किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित कर दिया गया।

तीसरे आवंटन में भी गड़बड़ी

इसके बाद परिवादी को निलय कुंज योजना फेज-द्वितीय में भूखंड संख्या 7 आवंटित किया गया। परिवादी ने इस भूखंड की पूरी राशि भी जमा करा दी, लेकिन आरोप है कि जेडीए की ओर से भूखंड के आगे के हिस्से की चौड़ाई कम कर उसका मूल स्वरूप बदल दिया गया। इसके चलते परिवादी को भूखंड का वास्तविक और पूर्ण कब्जा नहीं मिल सका।

सुप्रीम कोर्ट से भी जेडीए को नहीं मिली राहत

मामले में वर्ष 2016 के उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ जेडीए ने राज्य आयोग के बाद नेशनल कमीशन और फिर सुप्रीम कोर्ट तक चुनौती दी थी। हालांकि इन स्तरों पर भी जेडीए को राहत नहीं मिलने की बात परिवादी की ओर से कही गई है। इसके बाद भी आदेश की पालना नहीं होने पर अवमानना याचिका के जरिए कार्रवाई की मांग की गई।

अब जिला उपभोक्ता आयोग क्रम-2 ने मामले में जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन और जोन-9 उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। पुलिस कमिश्नर को दोनों अधिकारियों को 12 अक्टूबर को आयोग में पेश कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई अब आयोग के समक्ष होने वाली सुनवाई और अधिकारियों की पेशी के बाद स्पष्ट होगी।

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Updated on:
08 Oct 2026 10:31 pm
Published on:
08 Oct 2026 10:22 pm