जयपुर

JLF 2026: लेखक गोपालकृष्ण गांधी बोले- प्रशासन केवल नियमों से नहीं चलता, इसके लिए गलत को गलत कहने का साहस चाहिए

Jaipur Literature Festival: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। पहले दिन गोपालकृष्ण गांधी और जावेद अख्तर के सत्र खास रहे। नमिता गोखले ने राजस्थानी को राज्य भाषा का दर्जा देने की मांग उठाई।

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Jan 16, 2026
Jaipur Literature Festival 2026 (Patrika Photo)

Jaipur Literature Festival 2026: राजधानी जयपुर में गुरुवार को पांच दिवसीय साहित्य के महाकुंभ 'जयपुर लिटरचेर फेस्टिवल' का आगाज शब्दों के शामियाने तले हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने होटल क्लार्क्स आमेर में फेस्टिवल के 19वें संस्करण का उद्घाटन किया।

पहले दिन गुरुवार को फ्रंट लॉन में राजस्थान पत्रिका के सेशन 'दी अनडाइंग लाइट: इंडियाज फ्यूचर्स' में वरिष्ठ राजनयिक, लेखक और प्रशासक गोपालकृष्ण गांधी ने भारत के बदलते सामाजिक-राजनीतिक मिजाज, इतिहास, माफी, क्षमा और उम्मीद जैसे विषयों पर गहरी और संवेदनशील बात रखी।

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उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं चलता, बल्कि इसके लिए साहस चाहिए और यह साहस है गलत को गलत कहने का। वहीं, दूसरी ओर 'पॉइंट ऑफ व्यू' सेशन में जावेद अख्तर ने अपनी जिंदगी, विचार और दौर के बदलावों पर बेबाकी से बात की।

उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि शब्दों का संगम है, जो साहित्य की दुनिया में नए मानक स्थापित करता है। साहित्य मानव को करुणा, संवेदना और सेवाभाव से जोड़ता है।

उन्होंने साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान की धरती सदैव से ज्ञान, कला और संवेदना की संवाहक रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें पुस्तकों को उपहार देने की बात कही गई है।

फेस्टिवल में डिप्टी सीएम दीया कुमारी और डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के अलावा कांग्रेस नेता सचिन पायलट समेत कई हस्तियों ने शिरकत की।

'राजस्थानी' को राज्य भाषा का दर्जा देने की मांग

उद्घाटन सत्र में फेस्टिवल की को-फाउंडर नमिता गोखले ने मंच से राजस्थानी भाषा को राज्य भाषा का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को औपचारिक मान्यता मिलनी चाहिए। सह-संस्थापक संजोय के. रॉय ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल किताबों और लेखकों का उत्सव नहीं, बल्कि पाठकों, श्रोताओं और विचारों के आपसी संवाद का मंच है।

जीनत अमान, बानू मुश्ताक के सेशन भी रहे खास

लेखिका बानू मुश्ताक अपनी इंटरनेशनल बुकर पुरस्कार विजेता कहानी संग्रह हार्ट लैंप के जरिए दक्षिण भारत की मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी, उनके विद्रोह और निजी संघर्षों को सामने लाती हुई नजर आई। बुक लॉन्च कार्यक्रम 'ओल्डर बोल्डर' बाय अमन नाथ में गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा जीनत अमान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके साथ सेल्फी लेने के लिए फैंस में होड़ सी मची रही।

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