जयपुर

जयपुर साहित्य महोत्सव: लेखिका किरण देसाई बोलीं- लेखन के लिए छोटे-छोटे अनुभव अहम, चीजों को बहुत बारीकी से देखना-समझना पड़ता है

Jaipur Literature Festival: लेखिका किरण देसाई ने ‘लोनलीनेस ऑफ सोनिया एंड सनी’ के लेखन सफर साझा किए। उन्होंने कहा कि किताब रोज की मेहनत, छोटे अनुभवों और धैर्य से लिखी गई है। इलाहाबाद से जुड़ी यादों, रिश्तों और अकेलेपन की परतें इस किताब में झलकती हैं।
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Jan 15, 2026
Jaipur Literature Festival
स्पीकर किरण देसाई और नंदिनी नायर (फोटो- पत्रिका)

Jaipur Literature Festival 2026: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में प्रेजेंटेड बाय राजस्थान पत्रिका सेशन में प्रसिद्ध लेखिका किरण देसाई ने अपनी किताब 'लोनलीनेस ऑफ सोनिया एंड सनी' के लेखन सफर को बेहद आत्मीय अंदाज में साझा किया। मॉडरेटर नंदिनी नायर ने उनसे किताब पर चर्चा की। किरण देसाई ने कहा कि यह किताब किसी एक दिन या एक झटके में नहीं लिखी गई, बल्कि इसे रोज-रोज की मेहनत से तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि मैंने रोज किसी चिड़िया, मधुमक्खी या फिर किसी कछुए की माफिक थोड़ा-थोड़ा काम किया। यह किताब मेरे रोज के अनगिनत घंटों की मेहनत की कहानी है। एक सवाल के जवाब में किरण ने कहा कि किताब लिखने के लिए छोटे अनुभव बहुत जरूरी होते हैं। लेखक को बहुत बारीकी से चीजों को देखना और समझना पड़ता है।

किताब लिखते समय दो लोगों की बातचीत और उनके अनुभवों को पाठकों के लिए खोल देना अपने आप में एक बड़ी और जिम्मेदारी होती है। इसलिए छोटी-छोटी जानकारी पर ध्यान रखना पड़ता है।

देसाई ने आगे बताया कि इलाहाबाद से उनका निजी रिश्ता रहा है। उनके दादा-दादी इलाहाबाद में रहते थे। इसलिए उस शहर की यादें उनके दिल में रची-बसी हैं। वही यादें आज शब्दों में उतर आईं हैं।

लेखिका किरण देसाई ने संकेत दिया कि यह किताब सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि समय, धैर्य और निरंतरता से बने साहित्य का उदाहरण है। संवाद के बीच यह साफ झलका की किताब अकेलेपन, रिश्तों और यादों की परतों को छूती है।

जेएलएफ का यह सत्र श्रोताओं के लिए न केवल एक किताब की यात्रा था, बल्कि लेखन के पीछे छिपी तपस्या और निजी अनुभवों को समझने का अवसर भी बना। फ्रंट लॉन में सेशन के दौरान साहित्य प्रेमियों की भारी भीड़ रही।

Updated on:
15 Jan 2026 11:32 pm
Published on:
15 Jan 2026 11:32 pm
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