
जयपुर. जवाहर लाल नेहरू मार्ग पर ट्रैफिक की बीमारी कुछ चौराहों पर है, लेकिन जयपुर विकास प्राधिकरण पूरे मार्ग के ऑपरेशन का विचार कर रहा है। एसी कमरों में प्रेजेंटेशन देखकर जिस डिजाइन को वाहनों की आवाजाही के लिए मुफीद माना गया, जमीन पर उतरते ही उसकी कमियां सामने आ गई। हाल ही महल रोड पर यू-टर्न का प्रयोग जमीन पर उतरकर भारी वाहनों के सामने अवरोधक बनकर खड़ा है और अब शहर की महत्वपूर्ण और खूबसूरत सड़कों में शामिल जेएलएन मार्ग के मूल स्वरूप में बदलाव की तैयारी है।
जयपुर के जेएलएन मार्ग पर ट्रैफिक दबाव एक जैसा नहीं है। जेडीए सर्किल और ओटीएस सर्किल प्रमुख जंक्शन हैं, जहां वाहनों का दबाव सबसे अधिक रहता है। त्रिमूर्ति सर्किल पर भी पीक ऑवर में ट्रैफिक भार दिखाई देता है। त्रिमूर्ति सर्किल से रामनिवास बाग और ओटीएस से जवाहर सर्किल तक के हिस्से में वाहनों का दबाव तुलनात्मक रूप से कम रहता है। ऐसे में बड़े स्ट्रक्चर खड़े कर पूरे मार्ग का मूल स्वरूप, उसकी सुंदरता बिगाड़ना कितना जरूरी है? क्योंकि इन स्थानों पर बढ़े ट्रैफिक को ग्रेड सेपरेशन के जरिए निकालने की संभावनाओं पर पहले गंभीरता से विचार किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन चौराहों पर अंडरपास या अन्य जंक्शन सुधार से यातायात को सुगम किया जा सकता है।
जाम की बीमारी कुछ हिस्से में ही तो फिर ट्रैफिक सुधार का ऑपरेशन पूरे 7.5 किलोमीटर लंबे जेएलएन मार्ग पर क्यों? जबकि जेडीए सर्किल और ओटीएस पर ही सबसे ज्यादा दबाव होता है।
सप्ताह में तीन से चार बार जेएलएन मार्ग पर आना होता है। सबसे खूबसूरत सड़कों में से एक है। जहां ट्रैफिक का दबाव है, वहां अंडरपास बनें। इससे राह आसान होगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। - सुनील नागौरी, निर्माण नगर
पहले ही महल रोड पर यू-टर्न बनाकर बिगाड़ने का काम किया है। जेएलएन मार्ग पर ग्रीनरी आकर्षित करती है। यदि नए निर्माण होंगे तो खूबसूरती बिगड़ेगी। - कैलाश यादव, वैशाली नगर
जेएलएन मार्ग की बजाय जेडीए टोंक रोड पर फोकस करे और वहां राह सुगम हो तो यहां दबाव अपने आप कम हो जाएगा। जेएलएन मार्ग से एयरपोर्ट, अस्पताल, शिक्षण संस्थान और अन्य प्रमुख स्थान जुड़े हैं। सभी की अपनी पहचान है। - अतुल गुप्ता, जवाहर सर्किल
यातायात दबाव को देखते हुए मास्टरप्लान के अनुरूप इस रोड को विकसित किया जाना था। राजनीतिक दखल के चलते सिस्टम ने अपने पैर पीछे खींच लिए। ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में निर्णय हुआ, जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। निगम ने कुछ निर्माणों को नोटिस दिए। गोविंद मार्ग पर कार्रवाई करने की बजाय रोडवेज और निजी बसों का संचालन रामबाग, जेडीए सर्किल, शांति पथ की ओर कर दिया गया। इससे इन चौराहों पर वाहनों का दबाव और बढ़ गया।