Kanhaiyalal Murder Case: राजस्थान में उदयपुर के 4 वर्ष पुराने बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड में न्याय में देरी पर पीड़ित बेटे का दर्द फूट पड़ा। मृतक कन्हैयालाल के बेटे यश कन्हैयालाल साहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का वर्ष 2022 का वह भाषण याद दिलाया, जिसमें विशेष कोर्ट नहीं बनने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
Kanhaiyalal Murder Case: राजस्थान में उदयपुर के 4 वर्ष पुराने बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड में न्याय में देरी पर पीड़ित बेटे का दर्द फूट पड़ा। मृतक कन्हैयालाल के बेटे यश कन्हैयालाल साहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का वर्ष 2022 का वह भाषण याद दिलाया, जिसमें विशेष कोर्ट नहीं बनने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। यह भावुक पोस्ट सामने आने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार पर करारा हमला किया है।
वर्ष 2022 में उदयपुर में कन्हैयालाल नृशंस हत्या का शिकार हुए। दर्जी का काम करने वाले कंहैयालाल साहू की समुदाय विशेष के युवकों ने उनकी दुकान में घुसकर बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। नृशंस हत्याकांड राष्ट्रीय स्तर पर सूर्खियों में रहा। हत्याकांड को लेकर प्रदेश में सियासत भी गर्माई। मृतक कंहैयालाल के पुत्र यश कन्हैयालाल साहू ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह के भाषण का वह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें कहा कि विशेष कोर्ट बनाने का काम राजस्थान सरकार का है।
यश साहू ने उस भाषण का हवाला देकर राज्य सरकार से विशेष कोर्ट बनाने की भावुक अपील की है, जिसमें कहा कि जब अपराधी अपराध कबूल कर चुके तो उन्हें सजा दिलाई जाए। जिससे वे अपने दिवंगत पिता की अस्थियों का गंगा में विसर्जन कर सकें।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर कहा है कि बेहद दुखद है, कन्हैयालाल परिवार को न्याय के लिए गुहार लगानी पड़ रही है। गहलोत ने विधानसभा चुनाव के समय का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का वह बयान याद दिलाया, जिसमें कोर्ट बनाने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बने सवा दो साल हो चुके, अब सरकार ने वह स्पेशल कोर्ट अभी तक क्यों नहीं बनाया? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मामले पर केवल राजनीति की है। अगर भाजपा सरकार मुकदमे की ‘डे-टू-डे’ हियरिंग करवाती तो अब तक दोषियों को सजा हो जाती, परन्तु एनआइए अब तक 160 में से 40 गवाहों की गवाही तक नहीं करवा सकी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कन्हैयालाल के दोनों हत्यारे भाजपा कार्यकर्ता थे, इसलिए उनको सजा नहीं होने दी जा रही है।