जयपुर

देवराज सिंह मौत मामला : महिपाल सिंह मकराना ने लगाए गंभीर आरोप, एक करोड़ मुआवजा-सरकारी नौकरी की मांग

जयपुर में करणी सेना की रैली के दौरान देवराज सिंह की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। संगठन ने पुलिस कार्रवाई को मौत का जिम्मेदार बताते हुए एक करोड़ रुपए मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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Aug 04, 2026
Mahipal Singh Makrana
Mahipal Singh Makrana: प्रेस वार्ता करते श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। यूजीसी से जुड़े नए नियमों के विरोध में निकली श्री राजपूत करणी सेना की रैली में शामिल कार्यकर्ता देवराज सिंह की मौत के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। करणी सेना ने पुलिस कार्रवाई को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

मंगलवार को जयपुर के राजपूत सभा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन और बल प्रयोग किया। उनका दावा है कि वाटर कैनन की तेज बौछार लगने से देवराज सिंह की तबीयत बिगड़ी और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

महिपाल सिंह मकराना की मांग

मकराना ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों पर भी बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन एक ओर बातचीत का भरोसा देता रहा, जबकि दूसरी ओर पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने और दबाव बनाने में जुटी रही। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कदम उठाने की मांग की।

पंचायत-निकाय चुनावों में विरोध की चेतावनी

करणी सेना ने यह भी ऐलान किया कि यूजीसी नियमों के विरोध को लेकर अब पूरे राजस्थान में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। संगठन ने आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की भी बात कही है। मकराना ने कहा कि आंदोलन किसी एक समाज का नहीं, बल्कि विभिन्न वर्गों के अधिकारों से जुड़ा है और इसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

पुलिस ने आरोपों को किया खारिज

उधर, जयपुर पुलिस ने करणी सेना के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली को कलेक्ट्रेट तक की अनुमति थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीमित बल प्रयोग किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार देवराज सिंह की मौत लाठीचार्ज या वाटर कैनन से नहीं, बल्कि प्रदर्शन के दौरान अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद हुई। मामले की जांच जारी है।

ओबीसी समाज का लड़का था देवराज- महिपाल सिंह

देवराज सिंह डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव के निवासी थे। उनकी मौत के बाद समर्थकों में नाराजगी है और पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। मकराना ने कहा कि देवराज सिंह ओबीसी समाज से था और उसको अपने देश की फिक्र थी। वह समाज को नहीं बंटने देना चाहता था। अब उसको वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन आगे जो करना है उसके परिवार के लिए करेंगे।

Updated on:
04 Aug 2026 05:14 pm
Published on:
04 Aug 2026 04:41 pm
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