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‘चाहते तो CM हाउस तक पहुंच सकते थे’, पुलिस लाठीचार्ज और कार्यकर्ता की मौत पर बोले महिपाल सिंह मकराना, जानें प्रेसवार्ता की 10 बड़ी बातें

Karni Sena Press Conference Jaipur | जयपुर में UGC बिल विरोधी रैली पर लाठीचार्ज और करणी सेना कार्यकर्ता की मौत के बाद भड़के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना! राजपूत सभा भवन में प्रेस वार्ता कर पुलिस-प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप।
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Mahipal Singh Makrana Press Conference PIC

जयपुर में यूजीसी बिल रोलबैक और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को निकाली गई रैली के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर बवाल मच गया है। इस प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए डीडवाना-कुचामन के पलाड़ा निवासी कार्यकर्ता देवराज सिंह की एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। कार्यकर्ता की मौत और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मंगलवार को जयपुर स्थित राजपूत सभा भवन में एक आपात प्रेस वार्ता की। मकराना ने पुलिस-प्रशासन पर आंदोलनकारियों को धमकाने, गुमराह करने और बर्बरता बरतने के गंभीर आरोप लगाए।

'सीने पर मारी गई वाटर कैनन', कार्यकर्ता की मौत पर बड़ा आरोप

पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि मृतक देवराज सिंह पलाड़ा रावणा राजपूत (OBC) समाज से आते थे, लेकिन वे सवर्ण समाज और युवाओं के हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।

मकराना ने आरोप लगाया कि कालवाड़ रोड और गालव कुंडा के पास पुलिस ने बिना किसी उकसावे के वाटर कैनन चलाई। पानी की तेज बौछार सीधे देवराज सिंह के सीने पर लगी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

महिपाल सिंह मकराना की प्रेसवार्ता की 10 बड़ी बातें

1. 'चाहते तो सीएम हाउस पहुंच जाते'

मकराना ने कहा कि आंदोलनकारी पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जयपुर आए थे। यदि वे चाहते तो सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे सीएम हाउस तक पहुंच सकते थे, लेकिन उन्होंने संविधान और कानून के रास्ते पर रुकना उचित समझा।

2. पुलिस कार्रवाई में कार्यकर्ता की मौत का आरोप

मकराना ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा चलाई गई वाटर कैनन की सीधी बौछार लगने से घायल हुए कार्यकर्ता देवराज सिंह पलाड़ा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मकराना ने मृतक देवराज सिंह के परिजनों को एक करोड़ का मुआवज़ा और सरकारी नौकरी देने की पुरज़ोर मांग की, साथ ही ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय घेराव करने के साथ आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी भी दी।

3. महिलाओं पर भी वाटर कैनन चलाने का आरोप

करणी सेना अध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया और उन पर भी पानी की बौछारें छोड़ी गईं।

4. 'अलग-अलग स्तर पर अलग बातें कर रहे थे अधिकारी'

उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब शीर्ष अधिकारियों से बातचीत चल रही थी, तब जमीनी स्तर पर पुलिस बल आंदोलनकारियों को रोक रहा था और धमका रहा था।

5. कलेक्टर और प्रशासनिक अफसरों की जांच हो

मकराना ने जयपुर कलेक्टर और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ा एक्शन लेने की मांग की।

6. 'घर-घर जाकर लोगों को करेंगे जागरूक'

उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल के दुष्प्रभावों के खिलाफ करणी सेना अब राजस्थान के हर घर तक पहुंचेगी और लोगों को जागरूक करेगी।

7. 'आगामी स्थानीय चुनावों में दर्ज कराएंगे विरोध'

मकराना ने चेतावनी दी कि राजस्थान में होने वाले आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में सरकार और इस नीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

8. 'मूल OBC और अन्य समाजों को अलग करने की साजिश'

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें मूल ओबीसी और अन्य समाजों को आपस में लड़ाकर आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं, जबकि सर्वसमाज उनके साथ है।

9. 'सरकार या पार्टी से ऊपर है संविधान'

मकराना ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या सरकार से ऊपर देश का संविधान और जनता की आवाज है। संविधान में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हर नागरिक को प्राप्त है।

10. 'पीछे हटने वाले नहीं, जारी रहेगा आंदोलन'

उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना पीछे हटने वाली नहीं है। समर्थकों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति का जल्द ऐलान किया जाएगा।

आगामी पंचायत व निगम चुनावों पर असर

यूजीसी बिल के विरोध में उतरी करणी सेना के कार्यकर्ता की मौत और फिर महिपाल सिंह मकराना के कड़े रुख ने राजस्थान के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विशेषकर आगामी पंचायती राज और नगर निगम चुनावों में करणी सेना द्वारा विरोध दर्ज कराने के ऐलान से सत्तारूढ़ दल के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।

देवराज की मौत लाठीचार्ज से नहीं: पुलिस

जयपुर पुलिस के अधिकारीयों का कहना है कि रैली को कलक्ट्रेट तक की अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी जबरन कलक्ट्रेट से आगे बढ़ने लगे। ऐसे में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कलक्ट्रेट से पहले तक पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।

वहीं रैली के दौरान देवराज नाम के शख्स की संदिग्ध परिस्थिति में मौत पर पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा कि लाठीचार्ज से मौत नहीं हुई है। प्रारम्भिक तौर पर देवराज का स्वास्थ्य रैली के दौरान बिगड़ गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और उनकी मौत हुई।