Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year : पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में सोमवार को जयपुर स्थित पत्रिका गेट परिसर में हुए एक समारोह में कहा कि पत्रिका की आत्मा शब्दों में है और शब्द ब्रह्म है।
Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year : पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी ने कहा कि आज की शिक्षा ने इंसानों की इंसानियत समाप्त कर उन्हें संसाधन बना दिया है। ऐसे में पत्रिका पाठकों की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की लड़ाई को आगे बढ़ा रहा है, वहीं लोगों को माटी से जोड़ने का काम भी कर रहा है।
गुलाब कोठारी ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की जन्मशती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की शृंखला में सोमवार को जयपुर स्थित पत्रिका गेट परिसर में हुए समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पत्रिका की आत्मा शब्दों में है और शब्द ब्रह्म है। उन्होंने पत्रिका परिवार के सदस्यों से कहा, अखबार के रूप में हम रोजाना एक ग्रंथ लिख रहे हैं।
कोठारी ने मौजूदा शिक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम जो पढ़ाई कर रहे हैं, उसमें धर्म ही नहीं है। हमें आज जो सिखाया जा रहा है, उसमें भी धर्म नहीं है। अर्थ और काम आज सबसे बड़ी उपलब्धि हो गई। इससे आदमी संसाधन बन गया, इंसानियत समाप्त हो गई। यह शिक्षा का अभिशाप है। सरकार भी अर्थ और काम पर आकर रुक गई है। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा ने माटी से काट दिया है और उससे हम बहुत खुश होते हैं। वहीं, पत्रिका माटी से जोड़ने का काम करता है, यह छोटा काम नहीं है। राजस्थान पत्रिका के लिए यह एक संघर्ष है।
समारोह में कुलिश जी की प्रपोत्री स्वरा कोठारी व स्वस्ति कोठारी ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से खूब तालियां बटोरी। उन्होंने 'गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय…, बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर…, ऐसी वाणी बोलिए, मन का आपा खोय…, बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय… जैसे कबीर के दोहों पर संगीतमय प्रस्तुति दी।
पत्रिका की यात्रा में सहभागी रहे वरिष्ठों, एजेंटों, एजेंसियों और समाचार पत्र वितरकों का सम्मान हुआ। वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण चन्द्र छाबड़ा, तरुण समाज के संयोजक विशम्भर मोदी और पूर्व सांसद पंडित रामकिशन (पुत्र संजय ने प्राप्त किया) को भी सम्मानित किया। कुल 90 वरिष्ठों को मंच से सम्मान दिया गया।
हनुमान प्रसाद तिवाड़ी, आनन्द जोशी, सुकुमार वर्मा, राकेश भण्डारी, कमल जुल्का, राजेन्द्र छाबड़ा, अरविन्द कालिया, रघुनाथ सिंह, अजय टुंकलिया, राजेश शर्मा, शंकर लाल शर्मा, अवध बिहारी शर्मा, बृजराज सिंह, दौलत सिंह चौहान, अशोक कुमार जैन, प्रहलाद कुमावत, गजराज भण्ड़ारी, शंकर लाल चौधरी, सुरेन्द्र होटला, संजय जैन, नरेश चन्द उप्रेती, अनिल कुमार शर्मा, चन्द्र ललित भूषण तिवाड़ी, जय प्रकाश शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, राजेन्द्र कुमावत, रमेश चन्द शर्मा, साधूराम जाट, सुरेन्द्र झा, कृष्ण मोहन तिवाड़ी, मनोज कुमार शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, प्रेरणा माथुर, सुरेश सिंह रावत, हीरा सिंह, ललित प्रसाद शर्मा, पुरूषोत्तम शर्मा, राजेश गुर्जर, श्याम सिंह रावत और हनीफ अहमद।
1- प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना कुलिश जी की विशेषता थी :सुकुमार वर्मा
2- कुलिश जी नई तकनीक को अपनाने के पक्षधर रहे : एचपी तिवाड़ी
समारोह में जगेन्द्र बिहारी शर्मा लालसोट, लीलाधर गोयल, गजेंद्र बिहारी शर्मा, हनुमान सहाय, कैलाश ब्रह्मभट्ट, कमल जैन, परशुराम सैनी, रमन सिंह जाट, रवि शंकर जायसवाल, सुरेश चंद, भंवरलाल, धप्पीलाल मीना, शंकर लाल यादव, गोपाल सैनी, भूर सिंह मीना व सत्यनारायण को प्रधान संपादक गुलाब कोठारी, डिप्टी एडिटर भुवनेश जैन और निदेशक सौरभ भंडारी ने सम्मानित किया।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण चन्द्र छाबड़ा ने भावुक शब्दों में कहा कि कुलिश जी ने जीवनभर खुद को कभी मालिक नहीं माना, बल्कि हमेशा एक श्रमजीवी पत्रकार के रूप में ही काम किया। वे पत्रकारिता जगत के युगपुरुष थे, जिन्होंने अपने काम और विचारों से एक पूरा दौर खड़ा किया। वे नए विचारों को खुले मन से स्वीकार करते थे और साथियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
समारोह में पिंक सिटी एडवरटाइजिंग के आलोक जैन, ऋषभ एडवरटाइजिंग के राजकुमार बैद, राजस्थान एडवरटाइजिंग के आशीष बैद, शुभ एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग के प्रवीण जैन और अमूल एडवरटाइजिंग के विमल सुरोलिया को मंच से सम्मान दिया गया।
समारोह में शंकर लाल सैन (गणेश न्यूज), गोपाल बागड़ा, शंकर बागड़ा (बागड़ा न्यूज), पुरुषोत्तम शर्मा, राम सिंह निर्माण, महेश कुमार, गौरी शंकर अग्रवाल, घासी शर्मा, राजेंद्र कुमार बैरवा, आनंद कुमावत, रामस्वरूप प्रजापत, गणेश जायसवाल, नवरतन गुप्ता (नेहा न्यूज), मूल सिंह, अनिल माहेश्वरी, गोपाल लाल शर्मा (शर्मा न्यूज), मुकेश सैनी, हनुमान खंडेलवाल, गिरिजेश गुप्ता, सीताराम प्रजापत, अमित खंडेलवाल और भगवान शर्मा को सम्मानित किया गया।
समारोह में जगतपुरा स्थित द कुलिश स्कूल के बच्चों ने 'मुठ्ठी में कुछ सपने लेकर, भरकर जेबों में आशाएं…. दिल में है अरमान यही, कुछ कर जाएं… नृत्य की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति का प्रत्येक भाव और हर मुद्रा कुलिश जी के उस अटूट संकल्प को अभिव्यक्त कर रहा था, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका जीवन निडर होकर सीखने, सजग नागरिक बनने और संवेदनशील मानव के रूप में जीने की प्रेरणा देता है।