
Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year
Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year: जयपुर: आदरणीय कर्पूर चन्द्र कुलिशजी की जन्मशती पर अतीत के वे स्वर्णिम पन्ने खुलते हैं, जिनमें उनका विराट व्यक्तित्व साकार दिखता है। मुझे उनका सान्निध्य नहीं मिला, पर बचपन से राजस्थान पत्रिका का निष्ठावान पाठक बनकर मैं विचारों के माध्यम से उनसे जुड़ता रहा हूं।
पत्रिका के आदर्शों ने मेरे मानस पर अमिट छाप छोड़ी है। 'पाठक पीठ' स्तंभ में पाठकों के बेबाक पत्र प्रकाशित होना, पाठक को सर्वोपरि मानने की परम्परा का प्रमाण था।
राजनीतिक शुचिता के क्षेत्र में भी उनके आदर्श अनुकरणीय रहे। राजनेताओं से कुलिश जी की प्रगाढ़ मित्रता के बावजूद उसका प्रभाव कभी समाचारों पर नहीं पड़ा। पत्रिका कभी सरकार का मुखौटा नहीं बनी, बल्कि साफ आईने की तरह उसकी कमियां दिखाती रही।
इसी कारण इसकी साख समाज में कभी कम नहीं हुई। आज भी इसकी स्वच्छ छवि और विश्वसनीयता यह भरोसा जगाती है कि पत्रिका में छपा सत्य और विश्वसनीय है।
-राजेश चतुर्वेदी, जयपुर
कर्पूर चन्द्र कुलिश नाम को आपने सार्थक किया।
कपूर सम जनमानस को आपने सुवासित किया।
चंद्रमा से ज्योतिर्मय और वज्र से अडिग रहे।
हीरे सी प्रखर द्युति से जग को आलोकित किया।।
युगपुरुष पत्रकारिता के, कर्मठता की प्रतिमूर्ति।
माना जीवन अब भी गतिमय पर असंभव आपकी क्षतिपूर्ति।
संघर्षमय रहा जीवन, लेकिन हार कभी नहीं मानी।
जनपीड़ा को बनाकर स्याही कलम से व्यक्त करने की ठानी।।
बहुआयामी व्यक्तित्व आपका वेदविज्ञ, पत्रकार, विचारक।
राजस्थान से निकाल पत्रिका, हिंदी प्रसार के बने उन्नायक।
सजग संपादक, चिंतक निर्भीक, निष्पक्ष पत्रकारिता के बने प्रतीक।
स्वप्न को संकल्प में कर परिणत, शब्द प्रहार किया सदा सटीक।।
लोकेषणा से रहकर दूर अपने सिद्धांतों पर अटल रहे।
न भयभीत हुए कभी सत्ता से पर्वत सम अटल, अविचल रहे।
वेद-विज्ञान के सेतु बनकर जन-मन हेतु सरल बनाया।
भाष्यकार बन दी नई अर्थवत्ता स्व दूरदृष्टि से सुगम बनाया।।
जन विश्वास को बनाकर संबल स्वर्णिम युग निर्माण किया।
हर मन-द्वार पर देकर दस्तक भारतीय संस्कृति को प्रगाढ़ किया।
भाव अमित और आखर कम है यशोगान यह माटी सम है।
चिन्मय, दिव्य स्वरूप आपका हे शब्द चितेरे, नतशिर नमन है।।
-डॉ. मंजू, रुस्तगी, चेन्नई
Updated on:
24 Mar 2026 09:05 am
Published on:
24 Mar 2026 09:04 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
