
Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year
Karpoor Chandra Kulish 100th Birth Year: 1956 में रियासतों के पुनर्गठन के बाद बना राजस्थान भौगोलिक रूप से विशाल, लेकिन संसाधनों और आधारभूत ढांचे के मामले में अन्य राज्यों से पीछे था। प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी, सड़क और ऊर्जा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की थी।
शुरुआती दशकों में सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी। चंबल घाटी परियोजना और कोटा बैराज जैसे प्रोजेक्ट से सिंचाई और बिजली की नई संभावनाएं खुलीं।
इसके बाद इंदिरा गांधी नहर परियोजना ने पश्चिमी राजस्थान की तस्वीर बदल दी। कोटा, भीलवाड़ा और जयपुर जैसे शहर औद्योगिक केंद्र बने। हैरिटेज और खनिज संपदा के कारण राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ।
1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद राजस्थान एकीकृत प्रशासनिक ढांचे के साथ नए दौर में प्रवेश कर चुका था। विशाल भौगोलिक क्षेत्र, कम बारिश और कमजोर आधारभूत संरचना राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी। इसलिए शुरुआती दशक का फोकस विकास की मजबूत नींव तैयार करने पर रहा।
सरकार ने सबसे पहले सिंचाई और पानी पर ध्यान दिया। चंबल घाटी परियोजना का काम तेज हुआ और 1960 में कोटा बैराज तैयार हुआ, जिससे कोटा, बूंदी और आसपास के इलाकों में सिंचाई का नया नेटवर्क बना। पश्चिमी राजस्थान में जवाई बांध जैसे प्रोजेक्ट ने भी पानी की समस्या कम करने में भूमिका निभाई।
यह दशक राजस्थान की उस पहचान को मजबूत करने वाला रहा, जिसमें पानी और पर्यटन दोनों विकास के महत्वपूर्ण आधार बने। इसी दशक में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के प्रयास तेज हुए, जिसका सीधे तौर पर सामाजिक विकास पर प्रभाव हुआ।
1997 में करौली नया जिला बना। आर्थिक उदारीकरण के चलते राजस्थान में निजी निवेश और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलने लगे। संगमरमर, चूना पत्थर और अन्य खनिजों के उत्पादन में राज्य अग्रणी बनने लगा।
देश का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक राज्य बना। जयपुर से दुबई के लिए हवाई सेवा का शुभारंभ होने से अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ी। ई-मित्र सेवा शुरू, सरकारी सेवाओं का डिजिटलीकरण।
इस दशक में राजस्थान में बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार हुआ और कई गांवों तक पक्की सड़कें पहुंची। बिजली उत्पादन और वितरण प्रणाली मजबूत हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति में सुधार हुआ।
जयपुर में विशेष आर्थिक क्षेत्र की स्थापना हुई। भामाशाह व निःशुल्क दवा योजनाओं के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों को गति मिली। डीबीटी की शुरुआत। 2008 में प्रतापगढ़ नया जिला बना।
इस दशक में राजस्थान ने आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए। राजस्थान ने 2024-25 में 11 राष्ट्रीय योजनाओं में टॉप रैंक हासिल की।
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से नए औद्योगिक क्षेत्रों के अवसर खुले। जयपुर, उदयपुर, कोटा और अजमेर को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल हुई। 2024 में फलौदी, ब्यावर, सलूंबर, बालोतरा, डीग, खैरथल-तिजारा, कुचामन-डीडवाना और कोटपूतली-बहरोड नए जिले।
Published on:
20 Mar 2026 09:20 am
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