जयपुर

Rajasthan : खाटूश्यामजी नगरपालिका के चेयरमैन चुनाव पर बड़ा अपडेट, राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश, अब मतदान नहीं, सीधे आएगा परिणाम

Rajasthan : राजस्थान हाईकोर्ट ने खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन चुनाव के लिए 25 सितंबर को प्रस्तावित दोबारा मतदान प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
2 min read
khatushyamji municipality chairman election rajasthan high court stays
Rajasthan High Court : फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान हाईकोर्ट ने खाटूश्यामजी नगर पालिका के चेयरमैन के लिए एक पार्षद का मतदान अब शुक्रवार को नहीं होगा। हाईकोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी के पास सोमवार को दो बजे तक कोई शिकायत आए बिना ही मतदान का समय बढ़ाने पर आपत्ति करते हुए कहा, अब मतदान कराने के बजाय तय समय में जो मत डाले जा चुके हैं उनकी मतगणना कराकर परिणाम घोषित कर दिया जाए। न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ़ ने खाटूश्यामजी नगर पालिका के वार्ड नंबर 11 से पार्षद एवं कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी विनीता पूनिया की याचिका को गुरुवार को निस्तारित करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेजर आरपी सिंह ने अदालत को बताया कि खाटूश्यामजी नगर पालिका के कुल 20 वार्डों के लिए 9 सितंबर को पार्षदों के चुनाव हुए थे, जिनके परिणाम 14 सितंबर को घोषित किए गए थे। इसके बाद चेयरमैन पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें विनीता पूनिया सहित 2 प्रत्याशी मैदान में थे। चेयरमैन पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच मतदान निर्धारित किया गया था, जिसके तुरंत बाद मतगणना होनी थी।

वार्ड नंबर 10 की पार्षद मतदान के लिए नहीं पहुंची थीं

याचिका के अनुसार, कुल 20 निर्वाचित पार्षदों में से 19 पार्षद निर्धारित समय के भीतर अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। इस दौरान केवल वार्ड नंबर 10 की पार्षद लक्ष्मी देवी मतदान के लिए नहीं पहुंची थीं। याचिका में आरोप लगाया गया कि इसके बावजूद रिटर्निंग ऑफिसर ने मतदान का समय बार-बार (करीब पांच बार) बढ़ाया, जिससे मतदान प्रक्रिया रात लगभग 11.30 बजे तक खिंच गई। इसके बाद मतपेटी को सील कर स्ट्रांग रूम में रख दिया गया और चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।

दोबारा चुनाव कराना नियमों के अनुरूप नहीं, याचिका में दलील

याचिका में दलील दी गई कि जब 21 सितंबर को 19 निर्वाचित पार्षद पहले ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं, तो पूरी चुनाव प्रक्रिया को सिरे से दोबारा शुरू करने के बजाय पहले से डाले गए मतों की ही मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया को प्रत्येक निर्वाचित पार्षद के मतदान करने तक रोककर रखना और दोबारा चुनाव कराना नियमों के अनुरूप नहीं है।

Updated on:
24 Sept 2026 08:41 pm
Published on:
24 Sept 2026 08:19 pm