जयपुर

किरोड़ी लाल मीणा बोले- ‘अशोक गहलोत 5 साल कुर्सी से चिपके रहे, गांधारी-दर्शन त्यागकर सत्य का सामना करें’

राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने गांधी दर्शन की आड़ में गांधारी-दर्शन का आरोप लगाया है। किरोड़ी लाल ने कहा कि वे 5 साल तक कुर्सी से चिपके रहे। इस दौरान उनके मंत्रियों और विधायकों ने प्रदेश को भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक अराजकता में झोंक दिया।
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Jun 25, 2026
Kirodi Lal Meena and Ashok Gehlot
Jaipur: किरोड़ी लाल मीणा और अशोक गहलोत (फोटो-पत्रिका नेटवर्क)

जयपुर। राजस्थान की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। गहलोत के आरोपों का पलटवार करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक अराजकता से जोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन की बात करने वाले अशोक गहलोत को अब 'गांधारी-दर्शन' छोड़कर सच्चाई का सामना करना चाहिए।

किरोड़ी लाल मीणा ने 25 जून की शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत 5 वर्षों तक सत्ता से चिपके रहे, जबकि उनके मंत्रियों और विधायकों ने प्रदेश को भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की ओर धकेल दिया।

महेश जोशी का उठाया मुद्दा

कृषि मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन में हुए कथित घोटालों के तथ्य आज सबके सामने हैं और इन्हीं मामलों में कांग्रेस सरकार के तत्कालीन मंत्री महेश जोशी को जेल जाना पड़ा। उन्होंने रीट भर्ती परीक्षा का भी जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने इसे युवाओं के लिए 'महाकुंभ' बताया था, लेकिन यह युवाओं के सपनों के साथ कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया।

रीट लेवल-2 परीक्षा हुई थी रद्द

मंत्री किरोड़ी लाल ने दावा किया कि उनके द्वारा उठाए गए सवालों और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर ही तत्कालीन सरकार को रीट लेवल-2 परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के संबंध में भी उन्होंने ही सबसे पहले तथ्य सामने रखे थे, जिसके बाद परीक्षा रद्द हुई और मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

आरएएस भर्ती परीक्षा का भी मंत्री ने उठाया मुद्दा

उन्होंने आरएएस भर्ती परीक्षा का उल्लेख करते हुए भी कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उस दौर में भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, जिनकी चर्चा पूरे प्रदेश में रही। मंत्री ने आरोप लगाया कि सत्ता के मोह में गहलोत सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर कर दिया था। अपने बयान के अंत में उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए कहा, 'पर उपदेस कुसल बहुतेरे, जे आचरहिं ते नर न घनेरे।'

अशोक गहलोत ने एक्सपोज होने की कही थी बात

दरअसल, इससे एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधते हुए एक्सपोज होने की बात कही थी। गहलोत ने कहा था कि सरकार बनने से पहले और मंत्री बनने के बाद भी किरोड़ी लाल मीणा लगातार आरोप लगाते रहे, लेकिन उनके किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब खुद पर सवाल उठने के बाद मीणा ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

सरकार का सहयोग करने की कही बात

इसके अलावा गहलोत ने राजस्थान सहित अन्य भाजपा शासित राज्यों में कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि जनता परेशान है और सरकार को हालात सुधारने के लिए विपक्ष का सहयोग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और विपक्ष प्रदेशहित में सरकार को नैतिक समर्थन देने के लिए तैयार है।