
किशनगढ़-कोटपूतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान महापंचायत ने अब आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। तातेडा में राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट की अध्यक्षता में बैटक हुई जिसमें आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। साथ ही बैठक में 27 जुलाई को निकाली गई ट्रैक्टर रैली की भी समीक्षा की गई। किसानों ने इस बैठक में सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनके बीच वार्ता नहीं होती हे तो आंदोलन को बड़े स्तर पर चलाया जाएगा। यह बैठक किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में हुई।
बैठक में किसानों ने साफ कहा कि अगर सरकार उनकी बात सुनने के लिए बातचीत शुरू नहीं करती, तो 16 अगस्त से जयपुर में धरना और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद 25 अगस्त को जयपुर में बड़ा प्रदर्शन भी किया जाएगा। हालांकि, प्रदर्शन कहां होगा, इसका फैसला अभी नहीं हुआ है। किसान नेताओं का कहना है कि इसकी जानकारी जयपुर में धरना शुरू होने के बाद दी जाएगी। वहीं, आंदोलन को मजबूत करने के लिए तहसील प्रभारी 114 प्रभावित गांवों में जाकर किसानों से मिलेंगे और उन्हें आंदोलन से जोड़ने का काम करेंगे।
बैठक में किसान महापंचायत के सचिव गोपाल सैनी ने बताया कि 27 जुलाई को हुई ट्रैक्टर रैली में टोटल 301 ट्रैक्टर शामिल हुए थे। चौमू क्षेत्र के गुडलिया, भूतेड़ा, आष्टी कला, नांगल, रायसिंहकाबास, सिंगोद कला-खुर्द और ढोढसर समेत आसपास के गांवों से करीब 150 ट्रैक्टर पहुंचे। इसके अलावा सरगोठ से 38, किशनगढ़ से 25, फुलेरा से 15, रेनवाल से 42, कोटपूतली से 20 और नीमकाथाना से 11 ट्रैक्टर रैली में शामिल हुए।
आंदोलन को और मजबूत बनाने के लिए किसान महापंचायत ने अलग-अलग तहसीलों की जिम्मेदारी अलग-अलग लोगों को सौंपी है। कोटपूतली, नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, खंडेला, रेनवाल, चौमू, फुलेरा और किशनगढ़ में प्रभारी किसानों के बीच जाकर संगठन को मजबूत करेंगे। बैठक में फैसला लिया गया कि 14 अगस्त से पहले प्रभावित गांवों में ग्राम इकाइयां बनाई जाएंगी और किसानों से संकल्प पत्र भरवाए जाएंगे। इसके अलावा, जहां सरकार ने जमीन की निशानदेही के लिए पत्थर लगाए हैं, वहां लाल झंडे लगाए जाएंगे। वहीं 25 अगस्त को होने वाले बड़े प्रदर्शन की तैयारियों के लिए धन जुटाने का अभियान भी चलाया जाएगा।
आंदोलन की पूरी तैयारी और अलग-अलग कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए ज्ञानचंद मीणा, बत्ती लाल बैरवा और भगवान निठारवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पूरे आंदोलन की कमान सुंदरलाल भंवरिया संभालेंगे। बैठक में जयपुर जिला अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, कोटपूतली तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर समेत कई किसान नेता और प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर फैसला लिया कि आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और प्रभावित किसानों से लगातार संपर्क कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ा जाएगा।